कोलकाता । भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कवयित्री, उपन्यासकार और अनुवादक साहित्यकार तृष्णा बासक रहीं ।इस अवसर पर उडिया उर्दू मारवाड़ी गुजराती हिंदी आदि विभिन्न भाषाओं में अपने वक्तव्य और कविताएं सुनाई गई। प्रो शंख आचार्य ने विज्ञापन में प्रादेशिक भाषा के प्रयोग के विषय में जानकारी दी ।उदाहरण अमूल का देते हुए न लोकल एजेंसी द्वारा प्रादेशिक और क्षेत्रीय भाषाओं को पूरे भारत में हर भाषा का प्रयोग हो रहा है, स्लाइड प्रेजेंटेशन द्वारा समझाया। कार्यक्रम की शुरुआत उत्तिया चट्टोपाध्याय के उद्घाटन गीत से हुई। रेक्टर और डीन प्रो दिलीप शाह ने संस्कृत में एक श्लोक द्वारा भाषा की सुगमता और मधुरता को अपने वक्तव्य में रखा ।मुख्य अतिथि तृष्णा बासक ने वैश्विक स्तर पर अपनी बात विनोद कुमार शुक्ल और केदारनाथ सिंह की पंक्तियों से बात की शरुआत करते हुए विस्तार से अपनी मातृभाषा पर विचार प्रकट किया। दो कविताएं भी सुनाई । शिल्पा शर्मा ने उड़िया , वनिता शर्मा ने मारवाड़ी , डॉ रेखा नारिवाल ने मारवाड़ी गीत पधारो म्हारे देश , डॉ वसुंधरा मिश्र ने हिंदी , डॉ सम्पा सिन्हा बासु ने बांग्ला , आर्शी ने उर्दू , फोरम शाह ने गुजराती , डॉ श्रद्धा सिंह ने हिंदी भाषा में अपने वक्तव्य और कविताएं रखी साथ ही मातृभाषा के विषय में अपनी-अपनी बात रखी ।
डॉ कस्तूरी मुखर्जी ने कार्यक्रम का संचालन किया ।कार्यक्रम बांग्ला विभाग के द्वारा आयोजित किया गया। साठ से अधिक शिक्षक शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।विद्यार्थियों ने बांग्ला में गीत ‘आमी बांग्ला के भालोभाषी’ द्वारा कार्यक्रम का अंत किया गया। डॉ मिली समाद्दार ने सभी को धन्यवाद दिया और नाश्ते मिठाई के पैकेट दिए गए। बंगाली विभाग ने 21 फरवरी, 2026 को सोसाइटी हॉल में हुआ। यह जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।




