Thursday, May 21, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]

बढ़ेगी कोलकाता के सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा, गाइडलाइन जारी

कोलकाता । कोलकाता के सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार पुलिस हेडक्वार्टर ने एक विस्तृत निर्देशिका जारी की है। इसमें अस्पतालों में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए कई विशेष निर्देश दिए गए हैं, ताकि अस्पताल परिसर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर ढंग से बनाए रखी जा सके। जारी निर्देशिका के अनुसार, अस्पतालों में मरीजों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पताल की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिसकर्मियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। साथ ही अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की समस्या न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। करीब दो वर्ष पहले कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद से अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। उस समय जूनियर और सीनियर डॉक्टरों के एक वर्ग ने अस्पतालों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर आंदोलन भी किया था। अब राज्य में सरकार बनने के बाद भाजपा अस्पतालों की सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की बात कह रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एसएसकेएम हॉस्पिटल का दौरा कर स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसके बाद कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंदा ने विभिन्न थानों के साथ अस्पतालों की सुरक्षा स्थिति को लेकर चर्चा की थी। उसके बाद यह नई निर्देशिका जारी की गई है।

निर्देशों में कहा गया है कि अस्पतालों के मुख्य प्रवेश द्वार पर कड़ी जांच व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित करना होगा। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अस्पताल परिसर में कोई दलाल प्रवेश न कर सके। अस्पतालों में निजी सुरक्षा एजेंसियों की भी तैनाती रहती है। ऐसे में सभी सुरक्षा कर्मियों के लिए स्पष्ट ड्यूटी रोस्टर बनाने और उसी के अनुसार ड्यूटी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। हर दिन ड्यूटी शुरू होने से पहले सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक निर्देश देने और ड्यूटी समाप्त होने के बाद रिपोर्ट लेने की व्यवस्था भी करने को कहा गया है। निर्देशिका में यह भी कहा गया है कि ओपीडी और आपातकालीन विभाग में अक्सर मरीजों और परिजनों की भीड़ रहती है। ऐसे में भीड़ नियंत्रण के लिए उपयुक्त कदम उठाने होंगे और अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखना होगा। इसके अलावा आग लगने या प्राकृतिक आपदा जैसी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल परिसर में हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष या स्थानीय थाने से संपर्क करने को कहा गया है। निर्देशिका में अस्पतालों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम कर रहे हों और अस्पताल के महत्वपूर्ण स्थान कैमरों की निगरानी में हों। अस्पतालों में तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों और एंबुलेंस से जुड़ी जानकारी का केंद्रीकृत डाटा तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। रात के समय अस्पतालों की सुरक्षा और अधिक मजबूत करने के लिए नियमित गश्त और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी बात निर्देशिका में कही गई है।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

शुभजिताhttps://www.shubhjita.com/
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।
Latest news
Related news