कोलकाता । भारत की समृद्ध शास्त्रीय नृत्य विरासत का जश्न नृत्यभाष अकादमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा मनाया गया ।संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से नृत्यभाष अकादमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा चौथे सर्व भारतीय नृत्य उत्सव का संचालन श्रीमती संचिता मुंशी साहा, श्री राजा मुंशी और अकादमी की समर्पित टीम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित प्रोसेनजीत पोद्दार, श्री विद्युत साहा और श्री नीलांजन भौमिक द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ , जो कला, संस्कृति और भक्ति के भावों के प्रति समर्पित एक यादगार शाम के रूप में रही। कार्यक्रम ज्ञानभारती सभागार में संपन्न हुआ।
उद्घाटन प्रदर्शन में अकादमी के सब-जूनियर बैच द्वारा भगवान गणेश के आशीर्वाद का आह्वान करते हुए गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। इसके बाद सावेरी पल्लवी का ओडिसी एकल प्रदर्शन हुआ, जिसमें शास्त्रीय नृत्य शैली की सुंदरता और अनुशासन का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का समापन अकादमी के सीनियर बैच द्वारा प्रस्तुत जय अंबिका अष्टकम की मनमोहक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसे दर्शकों द्वारा गहराई से अनुभव किया।इस उत्सव में प्रसिद्ध कलाकारों और संस्थानों द्वारा विशिष्ट अतिथि प्रस्तुतियाँ भी प्रस्तुत की गईं जिनमें सोनारपुर नादम – कथक, श्री सुदीप कुमार घोष – मणिपुरी, तालम – नृत्य की लय – भरतनाट्यम, ध्रुवम डांस कंपनी – रवीन्द्र नृत्य, श्री रणजीत दास – ओडिसी प्रमुख रहे ।
इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण सर्व भारतीय नृत्यम प्रतियोगिता पुरस्कार समारोह था, जिसके दौरान विजेताओं को उनकी असाधारण प्रतिभा और प्रदर्शन कला के प्रति समर्पण के लिए पुरस्कार और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
चौथे सर्व भारतीय नृत्य उत्सव का प्रमुख उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना , शास्त्रीय नृत्य और कलात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है ।डॉ वसुंधरा मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें निपुण कलाकारों, महत्वाकांक्षी नर्तकियों और उत्साही दर्शकों को एक साथ लाने का जीवंत मंच है जहांँ विभिन्न प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा को पहचान मिलती है।




