-बीसीआई ने खत्म की लॉ में दाखिले की उम्र सीमा
– सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
नयी दिल्ली, एजेंसी । बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने तीन साल और पांच साल के लॉ कोर्स में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र की सीमा हटा दी है। शुक्रवार को बीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट को इसकी जानकारी दी। इस फैसले के बाद अब किसी भी उम्र के उम्मीदवार कानून की पढ़ाई कर सकेंगे। पहले इन दोनों कोर्स में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र तय की गई थी। बीसीआई की जनरल काउंसिल ने इस पाबंदी को हटाने का फैसला लिया है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जो अधिक उम्र होने के कारण लॉ कोर्स में दाखिला नहीं ले पा रहे थे। बीसीआई के फैसले की जानकारी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उम्र की सीमा को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा कर दिया। इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा जस्टिस वी. मोहना की पीठ कर रही थी। याचिका ऋषभ दुग्गल ने दाखिल की थी। इसमें बीसीआई के साल 2016 के सर्कुलर को चुनौती दी गई थी।
बीसीआई ने साल 2016 में एक सर्कुलर जारी किया था। इसके जरिए कानूनी शिक्षा नियम, 2008 की अनुसूची तीन के नियम 28 को फिर से लागू किया गया था। इस नियम में पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र 20 साल तय की गई थी। इसी फैसले को ऋषभ दुग्गल ने अदालत में चुनौती दी थी। उनका मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और मार्च 2017 में अदालत ने उम्र सीमा से जुड़े फैसले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इस नियम को लेकर सुनवाई जारी रही। 25 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई से पूछा था कि क्या वह पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में दाखिले के लिए अधिकतम उम्र की सीमा हटाने को तैयार है। इसके बाद शुक्रवार को बीसीआई की ओर से पेश वकील राधिका गौतम ने अदालत को बताया कि परिषद की जनरल काउंसिल ने उम्र की पाबंदी हटाने का फैसला कर लिया है। इस नए फैसले के बाद अदालत ने याचिका को बेअसर मानते हुए उसका निपटारा कर दिया। अब तीन और पांच साल के लॉ कोर्स में दाखिले के लिए पहले जैसी अधिकतम उम्र की पाबंदी नहीं रहेगी।




