वॉशिंगटन डीसी । अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड जे. ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को मतदाताओं ने बड़ा झटका दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी सीनेट पर नियंत्रण हासिल कर लिया है।
एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट की कम से कम छह सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीन ली हैं। इनमें टेक्सास और कंसास जैसे राज्य भी शामिल हैं, जिन्हें लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ (प्रतिनिधि सभा) पर भी नियंत्रण हासिल करने की मजबूत स्थिति में है। देशभर में उसके उम्मीदवार जीत रहे हैं और उन सीटों पर भी कब्जा कर रहे हैं, जहां लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी जीतती रही है।
डेमोक्रेटिक पार्टी को राज्य स्तर पर भी बड़ी सफलता मिली है। पार्टी के गवर्नर पद के उम्मीदवारों ने टेक्सास, ओहायो, आयोवा और जॉर्जिया में जीत हासिल की है। इससे ट्रंप की नीतियों के खिलाफ लोगों की नाराजगी साफ दिखती है। इनमें ईरान के साथ युद्ध, बढ़ती महंगाई और आव्रजन जैसे मुद्दे शामिल हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के पास इससे पहले 2021 से 2023 के बीच हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट, दोनों का नियंत्रण था।ट्रंप पहले भी चुनाव के नतीजों को मानने से इनकार कर चुके हैं। लेकिन इस बार उन्होंने द न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा कि वह “इन नतीजों को स्वीकार करने” के लिए तैयार हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस का रुख अब भी सख्त बना हुआ है। ट्रंप ने अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में कहा कि वह खुद चुनाव मैदान में नहीं थे और अगर वह चुनाव लड़ रहे होते, तो रिपब्लिकन पार्टी भारी बहुमत से जीतती।
बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर एक लाल टोपी की तस्वीर पोस्ट की, जिस पर ‘वीटो’ लिखा था। यह अगले दो साल में अमेरिकी कांग्रेस और व्हाइट हाउस के बीच संभावित टकराव का संकेत है।
टेक्सास में बड़ी जीत
3 नवंबर की रात डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए टेक्सास में सबसे बड़ी सफलता लेकर आई। पार्टी लंबे समय से इस राज्य में सीनेट की एक सीट जीतने का सपना देख रही थी। अमेरिका का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे में रहा है। टेक्सास में आखिरी बार डेमोक्रेटिक उम्मीदवार लॉयड बेंटसन ने 1988 में जीत हासिल की थी।मध्यावधि चुनाव 2024 में तीनों प्रमुख संस्थाओं- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, सीनेट और व्हाइट हाउस पर नियंत्रण हासिल करने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के सामने पहला बड़ा चुनाव है। चुनाव से पहले सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें थीं। बहुमत हासिल करने के लिए डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली कम से कम छह सीटें जीतनी थीं। साल की शुरुआत में यह लक्ष्य काफी मुश्किल लग रहा था।
हालांकि, देशभर में पेट्रोल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई के संकट ने मतदाताओं को परेशान कर दिया। ईरान के साथ ट्रंप के युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर अमेरिकी मतदाताओं पर भी पड़ा है।




