Thursday, March 19, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]
Home Blog Page 76

वाणी प्रवाह 2024 – रचनात्मक लेखन (काव्य)

जिंदा प्रेत
-अजीत कुमार साव
रात काली, बादल भी काली,
झर- झराने वाली थी ।
उससे पहले हम दोनों,
एक दूसरे पर झर झरा बैठे
उनका सुझाव को,
मैं अपना अपमान समझ बैठा,
दुर्योधन बन, बादल से भी,
 तेज गरज बैठा
वे गिरधारी बने, शांति से समझाते रहे।
मैं तो ठहरा दुर्योधन, कहां समझने वाला था।
गर गर गर गर गरजे जा रहा था,
सारी सीमाओं को लाघे जा रहा था
तब गिरधारी ,सुदर्शनधारी बन
यथार्थ गीत सुनाने लगे
अपना दिव्य रूप दिखाने लगे
उनकी दिव्य प्रकाश से अंधकार भी छटने लगा।
भूत, वर्तमान भविष्य
सब एक क्षण  में देख लिया
पूरा ब्रह्मांड एक क्षण में घूम लिया
कुछ भी सत्य बचा नहीं।
बादल फटा, दुर्योधन से मैं बना
वे भी भौकाल रूप त्यागे,
आंखें नम थी, चेहरा लाल था
मेरे वाणी के वान से, उनका ह्रदय कैहरा रहा था।
यह देख मेरा हृदय चीख उठा
आत्मा चीख चीख कर,
मेरा अपराध गिनाने लगी,
मुझे उनका स्मरण कराने लगी।
आंखें खुली थी फिर भी,
 स्मृतियों का स्वप्न चलने लगी।
क्षमा मांगने का भाव उठा
पर हिम्मत न हुई।
सूरज उठी ,पृथ्वी प्रकाश से जगमगाई।
पर आंखें देखने को तैयार ही नहीं थी
टूटक टूटक  कर बाते हुई,
 पर नजरें चुरा चुरा कर
आंखें अब नहीं मिलती,
 सर अब नहीं उठता
ह्रदय और मन की व्याकुलता
अब जीने नहीं देती
जिन्होंने मुझे जीना सिखाया,
 मैं उन्हीं को बातों से मारा।
अब जिंदा प्रेत बना बैठा हूं
क्योंकि जीना बताने वाले को,  मैं मार दिया।
मुझे लगा, मैं अकेला जिंदा प्रेत हूं
पर नहीं,
सो नहीं, लाख नहीं, करोड़ों है।
मैं तो इस दुनिया में बेहद तुच्छ हूं
जीना सिखाने वाले को,
मैं अकेला, मारने वाला नहीं हूं
मैं अकेला, जिंदा प्रीत नहीं हूं
पृथ्वी तो मनुष्य से ज्यादा, प्रेत से ही भरी पड़ी है।
…………………..
नीतिराज
मैंने जाना आज एक शब्द ‘ नीतिराज ‘
राजनीति का मुखौटा ओढ़े करता सब पर राज
नेता मंत्री सब हो रहे मालामाल ,
नीतिराज को अपना
 नीतिराज से त्रस्त हुए, जनता करती त्राहिमाम – त्राहिमाम
मान मर्यादा सब बाजार में,
 गौरव भी कतार में
लग रही बोलियां स्वाभिमान की,
बिक रही संस्कृति परंपरा
साथ में मुफ्त में भाषा,
नीति के राज में
हिंसा इसकी सोच है
विनाश इसकी प्रवृत्ति है
मनुष्यता इसकी दुश्मन है
अराजकता इसकी मित्र है
तभी तो हर राक्षस का मूल मंत्र है ‘ नीतिराज’
ये राजनीति का मुखौटा ओढ़े नीतिराज का राज है

गणेश चतुर्थी पर बनाएं स्वादिष्ट मोदक

चॉकलेट मोदक 
सामग्री : 1 कप चावल का आटा, 1/2 कप मैदा, 2 चम्मच घी, एक चुटकीभर नमक, देशी घी। भरावन सामग्री : 1 कप मावा, 1/2 कप शक्कर, 1/2 कप किसी हुई चॉकलेट, चॉकलेट सॉस (अंदाज से)।
विधि : सबसे पहले एक कढ़ाई में मावा हल्का-सा भून लें एवं ठंडा कर लें। अब उसमें चॉकलेट व शक्कर मिलाकर अलग रख लें। तत्पश्चात कवर सामग्री मिलाकर गूंथ लें। 10-15 मिनट पश्चात उसकी पूरियां बेल कर भरावन भरें।
मोदक का आकार दें और गरम घी में मोदक धीमी आंच पर सुनहरे होने तक तल लें। लीजिए तैयार है स्वादिष्ट चॉकलेट मोदक। अब इस खास व्यंजन को भगवान श्री गणेश को नैवेद्य के रूप में चढ़ाएं।
………..
केसरयुक्त कोकोनट मोदक
कवर और भरावन सामग्री : 1 कप चावल का आटा , 1/2 कप मैदा, 2 टी स्पून देशी घी, चुटकी भर नमक। भरावन हेतु 2 कप किसा ताजा नारियल, पाव कप काजू दरदरा पिसा हुआ, पाव कप पिस्ता कतरन, 1 टी स्पून इलायची पाउडर, 1/2 कप दूध, केसर 4-5 लच्छा, 1 कप शकर।
विधि : सबसे पहले एक कढ़ाई में, नारियल, काजू, पिस्ता व शकर डालें तथा दूध डाल कर पकाते रहें। मावा जैसा गाढ़ा होने लगे तो आंच से उतारें व इलायची मिला लें। अब चावल के आटे में मैदा, घी व नमक मिलाकर गूंथ लें व पतली-पतली छोटी-छोटी पूरियां बेल लें। भरावन सामग्री थोड़ी-थोड़ी भरकर मोदक तैयार कर लें। फिर एक कढ़ाई में घी गर्म करें व धीमी आंच पर मोदक सुनहरे होने तक लें। अब केसर को दूध में घोटें व मोदक पर बिंदी लगाकर सजाएं और पेश करें।
(साभार – वेबदुनिया)
…………

पेरिमेनोपॉज खत्म होने से पहले दिखते हैं ये लक्षण

पेरिमेनोपॉज के दौरान महिलाओं में कई प्रकार के शारीरिक बदलाव आते हैं। यह वह समय है जब महिलाओं को हर महीने आने वाले पीरियड्स यानी मासिक धर्म धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं और शरीर मेनोपॉज की ओर बढ़ता है। दरअसल, पेरिमेनोपॉज के दौरान, महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जिससे मासिक धर्म अनियमित हो जाता है और कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक लक्षण दिखने लगते हैं। आमतौर पर पेरिमेनोपॉज 40 से 50 वर्ष की उम्र के बीच शुरू होता है और यह अवधि कुछ महीनों से लेकर कई सालों तक हो सकती है। लेकिन महिलाओं के लिए यह समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है कि पेरिमेनोपॉज का अंत कब हो रहा है। हालांकि, शरीर में पेरिमेनोपॉज खत्म होने से पहले कुछ लक्षण दिखने लगते हैं। इस लेख में क्लाउड 9 हॉस्पिटल नोएडा की फर्टिलिटी डिपार्टमेंट की एसोसिएट डायरेक्टर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राखी से जानें पेरिमेनोपॉज से पहले महिलाओं में यह लक्षण दिखते हैं?
1. पीरियड्स में लंबा अंतराल – पेरिमेनोपॉज का समय खत्म होने का सबसे पहला लक्षण है मासिक धर्म के बीच लंबा अंतराल होना। जैसे-जैसे पेरिमेनोपॉज का समय आता है, मासिक धर्म यानी पीरियड्स के बीच के अंतराल बढ़ने लगते हैं। पहले यह अंतराल कुछ सप्ताह का होता था, लेकिन अब यह महीने या उससे अधिक का हो सकता है। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका शरीर मेनोपॉज की ओर बढ़ रहा है। मासिक धर्म की अनियमितता के कारण बहुत सी महिलाएं इसे सामान्य समझती हैं, लेकिन यह इस बात का संकेत हो सकता है कि पेरिमेनोपॉज का समय खत्म होने वाला है।
2. सिरदर्द का कम होना – पेरिमेनोपॉज के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण अक्सर महिलाओं को होती है। लेकिन जब पेरिमेनोपॉज खत्म की ओर होता है, तो सिरदर्द की समस्या कम होने लगती है। यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में हार्मोनल स्थिरता आ रही है और पेरिमेनोपॉज खत्म हो रहा है।
3. मूड में स्थिरता – पेरिमेनोपॉज के दौरान एक आम समस्या होती है। हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाएं अक्सर तनाव, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करती हैं। लेकिन जब महिलाएं पेरिमेनोपॉज के आखिरी फेज में होती हैं, तो मूड में स्थिरता आने लगती है। यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में हार्मोनल स्तर स्थिर हो रहे हैं और यह पेरिमेनोपॉज के खत्म होने का लक्षण है।
4. बार-बार हॉट फ्लैशेज का अनुभव – पेरिमेनोपॉज के दौरान महिलाओं को हॉट फ्लैशेज की समस्या बहुत होती है। यह तब होता है जब शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिससे गर्मी और पसीने का अनुभव होता है। जब महिलाएं पेरिमेनोपॉज के आखिरी फेज में होती हैं, तो हॉट फ्लैशेज की समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। यह इस बात का संकेत है कि पेरिमेनोपॉज समाप्त हो रहा है और आपका शरीर मेनोपॉज की ओर बढ़ रहा है।
5. नींद में कमी – नींद की समस्याएं पेरिमेनोपॉज के दौरान काफी आम होती हैं। हार्मोनल बदलावों के कारण कई महिलाओं को अनिद्रा और रात को पसीने की शिकायत होती है। लेकिन जब पेरिमेनोपॉज समाप्त होने की ओर होता है, तो नींद की समस्याएं ज्यादा बढ़ सकती हैं। यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में हो रहे बदलावों के कारण नींद की क्वालिटी में गिरावट आ रही है और पेरिमेनोपॉज खत्म होने वाला है।

श्री गणेशोत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज का है विशेष संबंध

10 दिवसीय गणेशोत्सव महापर्व ‘गणेश चतुर्थी’ सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष ‘गणेश चतुर्थी’ 7 सितंबर 2024, शनिवार से शुरू हो गया। गणेश उत्सव पूरे 10 दिनों तक चलते हुए 17 सितंबर 2024 को समाप्त होगा। यूं तो गणेश जी की पूजा हर माह में दो बार पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को पूरे विधि-विधान से की जाती है। लेकिन, इसका महत्व हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को बहुत ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि, मान्यता है कि इसी दिन गौरी पुत्र गणेश का जन्म हुआ था।
महाराष्ट्र और गुजरात में गणेशोत्सव को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को ‘मुख्य गणेश चतुर्थी’, ‘विनायक चतुर्थी’, ‘कलंक चतुर्थी’ और ‘डंडा चौथ’ के नाम से भी जाना जाता है। गणेशोत्सव के पर्व के मौके पर चारों तरफ उत्सव की माहौल रहता हैं और हर किसी के मन में गणपति से अपनी मनोकामना की पूर्ति की अभिलाषा होती है। गणों के अधिपति श्री गणेश जी प्रथम पूज्य हैं सर्वप्रथम उन्हीं की पूजा की जाती है, उनके बाद अन्य देवताओं की पूजा की जाती है। किसी भी कर्मकांड में श्री गणेश की पूजा-आराधना सबसे पहले की जाती है क्योंकि, गणेश जी विघ्नहर्ता हैं, और आने वाले सभी विघ्नों को दूर कर देते हैं। आइए जानें श्री गणेशोत्सव का इतिहास और महत्व-
श्री गणेशोत्सव का इतिहास
1- धर्म गुरु के अनुसार, श्री गणेश उत्सव का महापर्व का इतिहास बहुत ही पुराना है। गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है। इसका पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। इस उत्सव का प्रारंभ छत्रपति शिवाजी महाराज जी के द्वारा पुणे में हुआ था। शिवाजी महाराज ने गणेशोत्सव का प्रचलन बड़ी उमंग एवं उत्साह के साथ किया था, उन्होंने इस महोत्सव के माध्यम से लोगों में जन-जागृति का संचार किया।
2- इसके बाद पेशवाओं ने भी गणेशोत्सव के क्रम को आगे बढ़ाया। गणेश जी उनके कुलदेवता थे इसलिए वे भी अत्यंत उत्साह के साथ गणेश पूजन करते थे। पेशवाओं के बाद यह उत्सव कमजोर पड़ गया और केवल मंदिरों और राज परिवारों में ही सिमट गया। इसके पश्चात 1892 में भाऊसाहेब लक्ष्मण जबाले ने सार्वजनिक गणेश उत्सव प्रारंभ किया।
3- स्वतंत्रता के पुरोधा लोकमान्य तिलक, सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा से अत्यंत प्रभावित हुए और 1893 में स्वतंत्रता का दीप प्रज्वलित करने वाली पत्रिका ‘केसरी’ में इसे स्थान दिया। उन्होंने अपनी पत्रिका ‘केसरी’ के कार्यालय में इसकी स्थापना की और लोगों से आग्रह किया कि सभी इनकी पूजा-आराधना करें, ताकि जीवन, समाज और राष्ट्र में विघ्नों का नाश हो।
4-उन्होंने श्री गणेश जी को जन-जन का भगवान कहकर संबोधन किया। लोगों ने बड़े उत्साह के साथ उसे स्वीकार किया, इसके बाद गणेश उत्सव जन-आंदोलन का माध्यम बना। उन्होंने इस उत्सव को जन-जन से जोड़कर स्वतंत्रता प्राप्ति हेतु जन चेतना जागृति का माध्यम बनाया और उसमें सफल भी हुए। आज भी संपूर्ण महाराष्ट्र इस उत्सव का केंद्र बिन्दु है, परंतु देश के प्रत्येक भाग में भी अब यह उत्सव जन-जन को जोड़ता है।
भाद्रपद चतुर्थी के दिन गणपति महाराज की स्थापना से आरंभ होकर चतुर्दशी को होने वाले विसर्जन तक गणपति जी विविध रूपों में पूरे देश में विराजमान रहते हैं। उन्हें मोदक तो प्रिय हैं ही, परंतु गणपति अकिंचन को भी मान देते हैं, अतः दूर्वा, नैवेद्य भी उन्हें उतने ही प्रिय हैं। गणपति महोत्सव जन-जन को एक सूत्र में पिरोता है।
अपने धर्म और संस्कृति का यह अप्रतिम सौंदर्य भी है, जो सबको साथ लेकर चलता है। श्रावण की पूर्णता, जब धरती पर हरियाली का सौंदर्य बिखेर रही होती है, तब मूर्तिकार के घर -आँगन में गणेश प्रतिमाएं आकार लेने लगती हैं। प्रकृति के मंगल उद्घोष के बाद मंगल मूर्ति की स्थापना का समय आना स्वाभाविक है।
(साभार नवभारत)

भगवान श्रीकृष्ण की ‘बेट द्वारका’ का होगा विश्व स्तरीय कायाकल्प

– तीन चरणों में होगा विकास, पहले चरण के लिए 150 करोड़ आवंटित
– गुजरात पर्यटन निगम ने बनाया विकास का मास्टर प्लान
द्वारका । बेट द्वारका में ‘सुदर्शन सेतु’ के निर्माण के बाद यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी तरह तीर्थस्थल और आस्था के साथ पौराणिक महत्व रखने वाले भगवान श्रीकृष्ण की ‘बेट द्वारका’ के विश्व स्तरीय कायाकल्प के लिए पर्यटन मंत्री मूलुभाई बेड़ा के मार्गदर्शन में गुजरात पर्यटन निगम ने मास्टर प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत तीन चरणों में मंदिर परिसर, बीच और उसके आसपास के क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। इसके पहले चरण के लिए राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपये की बड़ी राशि आवंटित की है। गुजरात पर्यटन निगम के अनुसार इस द्वीप के पहले चरण के विकास के लिए राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपये की बड़ी राशि आवंटित की गई है, जिसकी टेंडरिंग प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। आने वाले समय में इस द्वीप के फेज-2 और 3 के विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। पर्यटन निगम की एक रिपोर्ट के अनुसार बेट द्वारका विकास परियोजना के फेज-1 में द्वारकाधीशजी मंदिर का विकास, सड़क सुंदरीकरण, हेरिटेज स्ट्रीट का विकास, शंखनारायण मंदिर और तालाब का विकास, नॉर्थ बीच विकास, सार्वजनिक बीच, पर्यटक विजिटर सेंटर और हाट बाजार और हिल्लॉक पार्क के साथ व्यूइंग डेक का निर्माण किया जाएगा।
फेज-2 व 3 के तहत किए जाने वाले विकास कार्य – बेट द्वारका पुनर्विकास परियोजना के फेज-2 में दांडी हनुमान मंदिर और बीच विकास, अभय माता मंदिर और सनसेट पार्क, नेचर और मरीन इंटरप्रिटेशन सेंटर, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कम्युनिटी लेक विकास और रोड एवं साइन का निर्माण किया जाएगा। इसी तरह बेट द्वारका विकास परियोजना के फेज-3 में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, कम्युनिटी लेक विकास और लेक अराइवल प्लाजा तैयार किया जाएगा। भविष्य में यात्री सुविधाओं के लिए बीच से मंदिर तक शटल सेवा, ई-वाहन, डॉल्फिन देखने के लिए फेरी सेवा, ऑडियो-विजुअल प्रदर्शन, स्किल डेवलपमेंट और गाइड ट्रेनिंग आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बेट द्वारका द्वीप विकास के फेज-1 के मुख्य आकर्षण – मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों का विकास बेट द्वारका विकास के मास्टर प्लान के अनुसार किया जाएगा। मंदिर परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए चार दिशाओं में प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। जिसमें सुदामा सेतु से बेट द्वारका गांव की ओर जाने वाली सड़क, समुद्री मार्ग से मुख्य प्रवेश द्वार तक का रास्ता बनाया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मंदिर में भीड़ न हो इसके लिए पुरुष और महिलाओं की दर्शन लाइनें अलग-अलग बनाई जाएंगी और दिव्यांगों को कोई असुविधा न हो इसके लिए इस मास्टर प्लान को डिज़ाइन किया गया है। मंदिर परिसर में यात्रियों को सूचित करने के लिए साइन बोर्ड, पानी के हौज, कचरा पेटी और बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था होगी। यात्रियों की यात्रा को यादगार बनाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की घटनाओं के चित्र या मूर्तियों का प्रदर्शन करने की भी योजना बनाई गई है।
नॉर्थ-पद्म बीच पर विकसित हाेंगी सुविधाएं – बेट द्वारका का यह नॉर्थ बीच सर्दियों के मौसम में ‘डॉल्फिन’ देखने के लिए प्रसिद्ध है। यहां एक अनोखा ‘पद्म’ नामक शंख मिलता है, इसलिए इस बीच को ‘पद्म बीच’ भी कहा जाता है। मास्टर प्लान के अनुसार इस बीच पर पार्किंग, खाने-पीने के स्टॉल, बच्चों के खेल उपकरण, बैठने की सुविधा और टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस नॉर्थ बीच पर पर्यटक मनोरंजन और सूर्यास्त का शानदार दृश्य का आनंद ले सकेंगे।
पर्यटक विजिटर सेंटर – बेट द्वारका विकास योजना के अनुसार यहां पर्यटक विजिटर सेंटर वर्तमान में सुदामा सेतु से मंदिर परिसर जाने के रास्ते में बनाया जाएगा। जिसमें मंदिर की ऐतिहासिक जानकारी व विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। इतना ही नहीं यहां वेटिंग एरिया, टॉयलेट्स, लॉकर सुविधा, गुजराती फूड का आनंद लेने के लिए एक रेस्टोरेंट और हाट बाजार भी बनाए जाएंगे।
हेरिटेज स्ट्रीट विकास – मास्टर प्लान में बेट द्वारका में कई ऐतिहासिक मंदिरों को जोड़ने वाली हेरिटेज स्ट्रीट में मुख्य रूप से द्वारकाधीश मंदिर, शंखनारायण मंदिर और हनुमान दांडी मंदिर को शामिल किया गया है। इन मंदिरों को जोड़ने वाले रास्तों को ‘हेरिटेज’ थीम पर विकसित किया जाएगा। इस स्ट्रीट में भित्तिचित्र, म्यूरल, चबूतरा, लैंडस्केपिंग, लाइट और बैठने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
हिल्लॉक पार्क पर देख सकेंगे सूर्योदय – यहां से यात्री ‘सूर्योदय और सूर्यास्त’ का शानदार दृश्य देख सकेंगे। मास्टर प्लान के अनुसार, इस स्थान को ‘पब्लिक पार्क’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां से सुदामा सेतु का शानदार दृश्य देखने को मिलेगा। इस पार्क में भी खाने-पीने के स्टॉल, विशेष लैंडस्केप, बोर्डवॉक, वॉकवे और कॉमन टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

भवानीपुर कॉलेज के ज्ञान संसाधन केंद्र द्वारा दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी

कोलकाता । भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के टर्फ पर पुस्तकों की प्रदर्शनी की गई जिसमें पुस्तकों की बिक्री भी हुई। भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज लाइब्रेरी (नॉलेज रिसोर्स सेंटर) ने 27 अगस्त 2024 और 28 अगस्त 2024 को सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक 2 दिवसीय “पुस्तक प्रदर्शनी सह बिक्री” का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए चयनित विक्रेताओं की कुल संख्या 4 थी।कथा ओ कहिनी प्रा. लिमिटेड, टेक्नो वर्ल्ड एजुकेशन (मंत्रमुग्ध), के.एम एंटरप्राइज कोई भी पुस्तक आपूर्ति इन विक्रेताओं द्वारा कवर किए गए प्रकाशकों में दिशारी प्रकाशक, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, टी डी प्रकाशन, बी बी कुंडू, सफलता मंत्र, ओरिएंटल प्रकाशक, सुरुचिपूर्ण प्रकाशक, लॉपॉइंट, जॉयदुर्गा लाइब्रेरी, वैश्विक नेट, मंत्रमुग्ध, पुस्तक निगम, उ.न धार, कथा ओ कहिनी, मैकग्रा हिल, सेंगेज, पियर्सन, टेलर और फ्रांसिस, टैक्समैन, विली इंडिया, समझदार, टेक्नोवर्ल्ड, बी.बी. कुंडू, डे बुक चिंता, संतरा प्रकाशन, विश्वविद्यालय प्रेस, सीबीएस, नया जमाना, एस चंद, ब्लूम्सबरी, पालग्रेव आदि रहे।
प्रो दिलीप शाह (रेक्टर) ने सेमेस्टर की शुरुआत में इस प्रकार का आयोजन करने के लिए प्रदर्शनी का दौरा करके प्रोत्साहित किया। विभिन्न विभागों के छात्रों ने भी प्रदर्शनी का दौरा किया और अपनी पसंद की पाठ्य और संदर्भ पुस्तकें खरीदीं। प्रदर्शनी का दौरा करने वाले अन्य लोग प्रो. हैंदेबजानी गांगुली, प्रो. मिनाक्षी चतुर्वेदी, डॉ. पिंकी साहा सरदार, डॉ. समीर दत्ता (विज्ञान के डीन), डॉ. त्रिदिब सेनगुप्ता, प्रो. सस्पो चक्रवर्ती, प्रो. अन्नया बनर्जी और कई अन्य संकाय सदस्य। ये प्रदर्शनियाँ उन्हें बाज़ार में उपलब्ध सीसीएफ के अंतर्गत पुस्तकों को समझने में मदद करती हैं। विक्रेताओं द्वारा इन कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों को अच्छी छूट की पेशकश की जाती है। एक ही छत के नीचे अलग-अलग तरह की किताबें मौजूद रही। डॉ वसुंधरा मिश्र ने बताया कि विभिन्न विभाग के छात्रों और संकाय सदस्यों ने पूरे मनोयोग से भाग लिया, कुल मिलाकर यह अपनी तरह का एक बहुत अच्छा आयोजन है।

प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी को गुरु विशिष्ट पुरस्कार 2024

कोलकाता । भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज प्रातःकालीन कॉमर्स सत्र की कोआर्डिनेटर प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी को शिक्षा में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए शिक्षा मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा गुरु विशिष्ट पुरस्कार 2024 प्रदान किया जाएगा। प्रोफेसर मीनाक्षी चतुर्वेदी एसोसिएट प्रोफेसर कॉमर्स विभाग की प्रातः कालीन सत्र की समन्वयक भी हैं । डॉ वसुंधरा मिश्र ने बताया कि इसकी सांकेतिक पुष्टि पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट मिनिस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन न्यू दिल्ली द्वारा दी गई है। दिसंबर 2024 से पहले वे व्यक्तिगत रूप से भवानीपुर एजुकेशन कॉलेज में आकर प्रदान करेंगे। डॉ.बी.एस.पाटिल ने कहा कि हमें आपको पुरस्कार देकर गौरवान्वित महसूस हो रहा है।

आरम्भ हुआ एमडीजे “कपल नं 1” के सीजन 3

विजेता को मिलेगा “वियतनाम की सैर का मौका
कोलकाता । महाबीर डांवर ज्वेलर्स की ओर से बहुचर्चित कार्यक्रम “कपल नं 1 के सीजन 3” आरम्भ हो चुका है। यह कार्यक्रम विवाहित जोड़ों के आपसी रोमांस को फिर से जगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य वैवाहिक जोड़ियों के बीच आपसी प्रेम और एक दूसरे को समझने की भावना का उनमें अहसास दिलाना है, जिसमें हर जोड़ी को आमंत्रित कर उन्हें अपनी अनूठी और आकर्षक तस्वीरों को दिखाने के लिए मंच प्रदान किया जाता है। इस कार्यक्रम का अनावरण कोलकाता के पार्क स्ट्रीट में स्थित महाबीर डांवर ज्वेलर्स के आउटलेट में शुक्रवार को किया गया। जिसमें अभिनेत्री ऋचा शर्मा, सेलिब्रिटी प्रेरक वक्ता नैना मोरे, महाबीर डांवर ज्वेलर्स के निदेशक विजय सोनी, महाबीर डांवर ज्वेलर्स के निदेशक संदीप सोनी और महाबीर डांवर ज्वेलर्स के निदेशक अमित सोनी। मशहूर फैशन डिजाइनर ज्योति खेतान को इस कार्यक्रम का जज बनाया गया है, उनके नेतृत्व में इस कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। मीडिया से बात करते हुए महाबीर डांवर ज्वेलर्स के निदेशक विजय सोनी, संदीप सोनी और अमित सोनी ने कहा कि हम शादीशुदा जोड़ों के लिए इस बार एक नए ट्विस्ट के साथ “कपल नंबर 1” प्रतियोगिता लेकर रोमांचित हैं। इस सीजन के विजेता को हम ग्रैंड प्राइज के रूप में वियतनाम की एक अविस्मरणीय यात्रा का तोहफा पेश करेंगे। इसके अलावा इस प्रतियोगिता में भाग लेनेवाले  हर जोड़े को डिस्काउंट कूपन और एमडीजे शोरूम में एक विशेष यात्रा का आनंद मिलेगा।
इस अवसर पर अभिनेत्री ऋचा शर्मा ने कहा कि शादी जीवन की एक खूबसूरत यात्रा है, जिसे हर दिन मनाया जाना चाहिए। फैशन डिजाइनर ज्योति खेतान ने कहा कि अपने जीवनसाथी के साथ सच्चा प्यार एक दूसरे की निगाहों के इशारे और आपसी जुड़ाव के माध्यम से पनपता है। यह प्रतियोगिता, उन जोड़ों की यात्रा का सम्मान करने और उनके स्थायी प्रेम को चमकने के लिए एक मंच और सुनहरा अवसर है। यह हर जोड़े के लिए अपने अनूठे बंधन को दिखाने और साथ में नई यादें बनाने का मौका है।”  सेलिब्रिटी मोटिवेशनल स्पीकर नैना मोरे ने कहा कि प्यार जीवन साथी के साथ खूबसूरत पल को बनाने का अहसास है। इस सीज़न में हम जोड़ों को हमारी प्रतियोगिता के माध्यम से उनके बीच प्यार को और निखारने का मौका देने के लिए बेहद उत्साहित हैं। “कपल नंबर 1” प्रतियोगिता विवाहित जोड़ों को अपनी सबसे आकर्षक जोड़ी तस्वीरें जमा करने के लिए आमंत्रित करती है। एक सफल चयन प्रक्रिया के माध्यम से सबसे योग्य जोड़ों की पहचान की जाएगी, जिन्हें छूट कूपन और एमडीजे शोरूम में जाने का मौका मिलेगा। इसके विजेता को अपने प्यार के साथ भव्य पुरस्कार के रूप में वियतनाम की यात्रा करने का मौका मिलेगा। इस प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 10 नवंबर को कोलकाता के फेयरफील्ड बाय मैरियट में आयोजित किया जायेगा।

बंधन बैंक ने वाहन वित्त सुविधाओं के लिए अशोक लीलैंड से मिलाया हाथ

कोलकाता । बंधन बैंक ने ग्राहकों के लिए रणनीतिक वाहन वित्तपोषण साझेदारी के लिए अग्रणी वाणिज्यिक वाहन निर्माताओं में से एक अशोक लीलैंड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन बंधन बैंक और अशोक लीलैंड दोनों को अपने-अपने ग्राहक आधार को अनुकूलित वित्तीय समाधान प्रदान करने में सक्षम करेगा। बंधन बैंक के कार्यकारी निदेशक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी श्री राजिंदर बब्बर और अशोक लेलैंड के सीएफओ श्री केएम बालाजी ने श्री संजीव कुमार, अध्यक्ष और प्रमुख-एमएचसीवी, अशोक लीलैंड की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत, बंधन बैंक अशोक लीलैंड के ग्राहकों को संपूर्ण वित्तीय समाधान प्रदान करने में सक्षम होगा। यह साझेदारी ग्राहकों की प्राथमिकताओं के अनुरूप आसान मासिक पुनर्भुगतान योजनाओं के साथ वाहन ऋण प्रदान करके ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस रणनीतिक विकास पर टिप्पणी करते हुए बंधन बैंक के कार्यकारी निदेशक और मुख्य व्यवसाय अधिकारी राजिंदर बब्बर ने कहा कि बंधन बैंक को अशोक लीलैंड  के साथ साझेदारी करके खुशी हो रही है, ताकि निर्बाध वाहन वित्तपोषण समाधान प्रदान किया जा सके। यह सहयोग वाणिज्यिक वाहन ग्राहकों की विविध वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हमारे समर्पण को दर्शाता है। हमें विश्वास है कि यह सहयोग हमें अपनी पहुंच बढ़ाने और वाणिज्यिक वाहन खंड में व्यवसायों के विकास का समर्थन करने के लिए अनुरूप वित्तपोषण विकल्प प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। अशोक लीलैंड के मुख्य वित्तीय अधिकारी  केएम बालाजी ने कहा कि हम अपने ग्राहकों को आकर्षक वित्तपोषण समाधान प्रदान करने के लिए बंधन बैंक के साथ साझेदारी करके प्रसन्न हैं। यह रणनीतिक साझेदारी अशोक लीलैंड की बाजार स्थिति को मजबूत करेगी। हमारे उत्पाद, उद्योग में अग्रणी कुल स्वामित्व लागत प्रदान करते हैं, जो हमारे ग्राहकों के लिए अधिकतम लाभप्रदता सुनिश्चित करते हैं। हम असाधारण ग्राहक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”अशोक लीलैंड के एमएंडएचसीवी अध्यक्ष श्री संजीव कुमार ने कहा, “अशोक लीलैंड में, हम अपने ग्राहकों के अनुभव को लगातार बेहतर बनाने और अधिक मूल्य प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। बंधन बैंक और अशोक लीलैंड की संयुक्त ताकत के साथ, हमारे ग्राहकों को विशेष रूप से तैयार की गई आसान पुनर्भुगतान योजनाओं के साथ व्यापक वित्तपोषण समाधान तक पहुंच प्राप्त होगी।” बंधन बैंक लगातार अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहा है ताकि एसएमई लोन, गोल्ड लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन  जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध रहे, जिसमें कमर्शियल व्हीकल फाइनेंसिंग भी शामिल है। इसके अलावा, बैंक व्यवसायों के लिए तैयार किए गए उत्पादों की एक श्रृंखला भी प्रदान करता है, जिसमें संपत्ति के खिलाफ ऋण शामिल है, जो विविध ग्राहक आवश्यकताओं के लिए व्यापक वित्तीय समाधान सुनिश्चित करता है।

मूल्यपरक शिक्षा के प्रसार हेतु साथ आए हार्टफुलनेस और हेरिटेज 

कोलकाता । हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने 4 सितंबर को हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य छात्रों को मानवीय सिद्धांतों पर आधारित मूल्य शिक्षा प्रदान करना है, जिससे ऐसे देखभाल करने वाले मष्तिष्क का निर्माण होगा जो एक न्यायपूर्ण और मानवीय समाज का निर्माण कर सकते हैं।
इस समझौता ज्ञापन पर ऋषभ कोठारी, ट्रस्टी, हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट और प्रो. बसब चौधरी प्रिंसिपल, हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने कमलेश पटेल (रेव. दाजी),  एच.के. चौधरी, अध्यक्ष, हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस,  पी.आर. अग्रवाल, अध्यक्ष, हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और प्रदीप अग्रवाल, सीईओ, हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, कोलकाता की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इससे पहले एआईसीटीई ने छात्रों के बीच भावनात्मक और मानसिक कल्याण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
एमओयू के लागू होने पर, हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक कमलेश पटेल (दाजी) ने कहा कि एक शांत मानसिक स्थिति और शांति लोगों को जीवन में बहुत कुछ हासिल करने में मदद कर सकती है। हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट, हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के तत्वावधान में अध्ययन के सभी स्थानों को सफलता के लिए उपकरण प्रदान करने के लिए हर संभव तरीके से समर्थन करेगा।”ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, कोलकाता के अध्यक्ष एच.के. चौधरी ने कहा कि “हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट शिक्षा को एक नया अर्थ दे रहा है और हम वास्तव में शैक्षणिक प्रगति का स्वागत करते हैं।
हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता के अध्यक्ष पी.आर. अग्रवाल ने कहा। कि ‘यह एमओयू छात्रों को जीवन में बेहतर इंसान बनने के लिए मूल्य शिक्षा सीखने का अवसर देगा। यह जीवन के लिए शिक्षा है जो सबसे ज्यादा मायने रखती है।” कोलकाता के हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ पी. के. अग्रवाल ने कहा कि “छात्रों के बीच मूल्य शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के साथ काम करना हमारे लिए एक शानदार अवसर है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद उसी दिन हेरिटेज परिसर में हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा सामूहिक ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बंगाल और उत्तरी भारत से 1100 से अधिक लोग शामिल हुए। सामूहिक ध्यान कार्यक्रम में हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के ट्रस्टी सज्जन भजनका, एच.पी. बुधिया, सुरेश चंद बंसल, संदीप शाह, विकास अग्रवाल, मधु दूगड़ और अन्य लोग भी शामिल हुए। इसके अलावा हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के छात्र, अभिभावक, शुभचिंतक, पूर्व छात्र, संकाय सदस्य और कर्मचारी भी ध्यान कार्यक्रम में शामिल हुए । कार्यक्रम की शुरुआत सन्मार्ग समूह की अध्यक्ष सुश्री रुचिका गुप्ता द्वारा दाजी के साथ वार्तालाप के साथ हुई यह भावनात्मक लचीलापन बनाने में मदद करता है और इसलिए काम पर बेहतर प्रदर्शन करता है। हम अपने विवेक और समझ को बेहतर बनाते हैं, जिससे हम व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों तरह से बेहतर निर्णय ले पाते हैं।” कार्यक्रम के बाद, सभी दर्शक उत्साहित हो गए। कार्यक्रम ने उन्हें आंतरिक शांति को समझने और महसूस करने में मदद की।