Wednesday, April 8, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]
Home Blog Page 272

सन्मार्ग ने प्रदान किये बिजनेस अवार्ड्स 2022

कोलकाता । उद्योग जगत में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को सन्मार्ग की तरफ से दो श्रेणियों में बिजनेस अवार्ड्स प्रदान किये गये। इनमें से एक एक श्रेणी एक्सिलेंस अवार्ड्,और दूसरा डिस्टिंग्विस्ड अवार्ड्स था। टीटागढ़ वैगन लिमिटेड के चेयरमैमन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। बिजनेस लीडर ऑफ द इयर का अवार्ड बर्जर पेंट्स इंडिया लिमिटेड के एम डी एवं सीईओ अभिजीत रॉय, आउटस्टैंडिंग ऑन्ट्रोप्रेनियरऑफ द इयर का अवार्ड कपीवा आर्युवेद के अमीव शर्मा को दिया गया। भद्रेश्वर ग्रुप के संस्थापक सनत कुमार नन्दी को भारत अभिमान अवार्ड दिया गया। सन्मार्ग बिजनेस अवार्ड्स 2022 के निर्णायकों में इमामी लिमिटेड की निदेशक प्रीति ए. सुरेका, निक्को इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड चेयरमैन राजीव कौल, पैटन ग्रुप के एम डी संजय बुधिया और एमएमआईएफएस कैटल सविर्सेज लिमिटेड के निदेशक उत्सव पारेख शामिल थे। एक्सिलेंस अवार्ड के विजेता का चुनाव प्राप्त आवेदनों में से मूर सिंघी (नॉलेज पार्टनर) द्वारा चयनित नामों के आधार पर किया गया। वहीं डिस्टिग्विस्ड अवार्ड्स प्रत्यक्ष तौर पर क्षेत्र के अग्रणी लोगों को प्रदान किये जाते हैं। सन्मार्ग की निदेशक रुचिका गुप्ता ने कहा कि सन्मार्ग बिजनेस अवार्ड्स अर्थजगत में नेतृत्व कर रहे लोगों के कार्यों और प्रदर्शन एवं उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करने का कार्य कर रहा है। यह वार्षिक पहल नये उद्यमियों को भी प्रेरित करेगा। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सन्मार्ग की ओर से नवीन सोच की खोज नामक अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके अंतिम विजेता का चुनाव मुम्बई एंजल नेटवर्क की सह संस्थापक नंदिनी मानसिंघिका, सन्मार्ग ग्रुप के चेयरमैन विवेक गुप्ता और सुपर्रटॉन इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं एंव मैनेजिंग डायरेक्टर विपुल भंडारी करेंगे।

कल्याण भारती ट्रस्ट ने जीता सर्वश्रेष्ठ एनजीओ का पुरस्कार

कोलकाता । सीएसआर के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कल्याण भारती ट्रस्ट को सर्वश्रेष्ठ एनजीओ का पुरस्कार प्रदान किया गया है। केबीटी को यह पुरस्कार पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई ) को एक आभासी यानी वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदान किया गया। केबीटी के सीईओ पी.के. अग्रवाल ने आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा, इंटरनेशनल पब्लिक रिलेशंस एसोसिएशन की अध्यक्ष इत्सुको तुशिघरा एवं पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक से यह पुरस्कार ग्रहण किया। पीआरएसआई के महासचिव डॉ. वाई बाबजी भी समारोह में उपस्थित थे। केबीटी के चीफ एक्जिक्यूटिव ऑफिसर पी.के. अग्रवाल ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सब्लिटी के लिए मिलने वाले इस पुरस्कार को लेकर खुशी जतायी।

सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में साक्षरता अभियान

कोलकाता । हर साल की तरह इस साल भी सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल में साक्षरता अभियान चलाया गया। गूगल मीट के जरिए महामारी के दौरान ज्ञान दीपक नामक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से यह अभियान चलाया गया। इस अभियान के जरिए आर्ट् एवं क्राफ्ट एवं अंग्रेजी कम्यूनिकेशन स्किल का प्रशिक्षण आर्थिक तौर पर कमजोर बच्चों को दिया गया। दूसरी से छठीं कक्षा के 30 से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन क्लास की। अंग्रेजी सत्र के दौरान विद्यार्थियों की सुनने और बोलने की क्षमता का आकलन सुशीला बिड़ला गर्ल्स स्कूल की छात्राओं ने किया। नैतिक मूल्यों पर आधारित वीडियो दिखाये गये। कला के सत्र में बच्चों को जन्मदिन की सजावट करना सिखाया गया। छात्राओं ने इसका आनन्द उठाया।

 

रूस यूक्रेन चल रहे युद्ध पर वेबिनार

कोलकाता । भवानीपुर कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा समसामयिक विषय रूस और युक्रेन युद्ध के संकट की विभीषिका पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ अनिंद्यो ज्योति मजूमदार अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग जादवपुर से विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए। डॉ मजूमदार ने रूस और युक्रेन के बीच चलने वाले इस दुखदायी युद्ध के दौरान होने वाली वर्तमान क्राइसिस पर विस्तार से चर्चा की और विश्व में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिप्रेक्ष्य में पांच मार्च 2022 को होने वाला यह वेबिनार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही थी जिनमें विद्यार्थियों की बहुत बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। ऑडियंस के लिए भी एक बड़ी स्क्रीन की व्यवस्था कॉन्सेप्ट हॉल में की गई थी। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर लोपामुद्रा मजमूदार द्वारा किया गया और स्वागत भाषण देते हुए प्रोफेसर अमला ढांढनिया ने कहा कि पहले ही पूरा विश्व कोरोना से युद्ध लड़ रहा था और अब रूस और युक्रेन में चल रहे युद्ध ने दोनों देशों की आम जनता को पीड़ित कर दिया है यहाँ तक कि उसका असर सभी देशों को भुगतना पडेगा।
डॉ मजूमदार ने अपने व्याख्यान को दो खंडों में विभाजित किया। पहले खंड में उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच वर्तमान संकट का एक व्यापक प्रक्षेपवक्र प्रस्तुत किया
और विभिन्न कारकों की व्याख्या की जो इस घातक युद्ध के फैलने के लिए जिम्मेदार हैं। दूसरे खंड में उन्होंने इस युद्ध के संभावित प्रभाव का विश्लेषण प्रस्तुत किया। प्रमुख शक्तियों के बीच वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर भी विचार मंथन और परिचर्चा की डॉ मजूमदार ने। प्रश्नोत्तर सेशन में पूछे गए सभी प्रश्नों के उत्तर दिए।
इस अवसर पर कॉलेज की हिंदी अध्यापिका डॉ वसुंधरा मिश्र द्वारा लिखी गई कविता ‘युद्ध युद्ध युद्ध’ सुनी गई जो समसामयिक और युद्ध के विविध रूपों को उजागर करती है। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन किया डॉ. देबांजना
चक्रवर्ती ने और जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

कोलकाता पुस्तक मेले में काव्य पाठ

कोलकाता । 45वें कोलकाता पुस्तक मेला में आनंद प्रकाशन के स्टॉल पर सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन द्वारा काव्यपाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मिशन के अध्यक्ष डॉ शम्भुनाथ ने कहा कि कविताएं जीवन की आहट हैं।किताबें हमें जोड़ने,संवाद करने और सामाजिकता से जोड़ती हैं। इस अवसर पर सेराज खान बातिश, रावेल पुष्प, मंजू श्रीवास्तव, शुभ्रा उपाध्याय, आनंद गुप्ता, शैलेष गुप्ता, पूनम सोनछात्रा,जयदेव दास, सुमन शर्मा, मधु सिंह, दीपक सिंह, इन्द्रेश कुमार, तृषांनिता बनिक, प्रेम कुमार साव, राजेश सिंह, शुभस्वप्ना मुखोपाध्याय, गायत्री वाल्मीकि, अभिषेक पाण्डेय, मुकुंद शर्मा, निखिता पाण्डेय, प्रीति साव और निशा राजभर ने अपनी कविताओं का पाठ किया तथा जयनारायण प्रसाद की पुस्तक ‘एक जीनियस फिल्मकार सत्यजीत राय’ का लोकार्पण हुआ। इस पुस्तक पर अपनी बात रखते हुए मृत्युंजय जी ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण किताब है जो सत्यजीत राय को हिंदी में ग्लोबल बनाता है। इस अवसर पर शंभु प्रसाद गुप्त, अवधेश प्रसाद सिंह, अनीता राय, श्रीमंता मुखोपाध्याय सहित बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राहुल गौंड़ ने तथा धन्यवाद ज्ञापन देते हुए उदयभानु दुबे ने दिया।

एमएसएमई उद्यमियों की सहायता के लिए आया एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम

पश्चिम बंगाल में खुला नया अध्याय, डॉ. ममता बिनानी बनीं अध्यक्ष
कोलकाता । एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) डेवलपमेंट फोरम का पश्चिम बंगाल चैप्टर शुरू हो गया है। डॉ. ममता बिनानी इसकी अध्यक्ष बनी हैं। इस चैप्टर की घोषणा के अवसर पर पश्चिम बंगाल के एमएसएमई डेललपमेंट फोरम की अध्यक्ष डॉ. ममता बिनानी ने कहा, पश्चिम बंगाल चैप्टर का प्रमुख लक्ष्य, विभिन्न श्रेणी से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं के लिए आदर्श स्टार्ट-अप प्रोग्राम तैयार करना है। इसमें महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति से जुड़ी महिलाओं को स्टार्ट-अप के लिए सूचना देना और इनको समर्थन देने के साथ सरकार द्वारा बनाई गई नीति का इन्हें फायदा पहुंचाना है। एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम एक गैर सरकारी संगठन है। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय बोर्ड के सदस्य रजनीश गोयनका द्वारा स्थापित किया गया हैं। वे इस फोरम के अध्यक्ष भी हैं। फोरम ने वर्ष 2014 में सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया।
इस फोरम का अगला एक्सपो “15 से 17 सितंबर 2022” को नयी दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। वैसे तो एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम, पश्चिम बंगाल में पिछले 5 वर्षों से सक्रिय है। अब इस राज्य में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए इससे जुड़े जागरूकता कार्यक्रम को आयोजित करने का फैसला लिया गया है, इसके लिए 40 से अधिक कार्यकारी दल के सदस्यों को लेकर डॉ. ममता बिनानी के नेतृत्व में एक नयी टीम का गठन किया जा गया है।

इस कार्यक्रम में सुरेश करमाली (मुख्य महाप्रबंधक राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी), कोलकाता), देबब्रतो मित्रा (संयुक्त निदेशक, एमएसएमई विकास संस्थान, कोलकाता), प्रमोद कुमार गोयनका, (महासचिव, एमएसएमई विकास मंच, पश्चिम बंगाल), सिद्धार्थ मंडल (सहायक महाप्रबंधक- भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, सिडबी) समेत कई गणमान्य अधिकारी मौजूद थे। इन सभी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएसई), के तहत भारत सरकार द्वारा इस सेक्टर को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तृत से अवगत बताया।
एमएसएमई छेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करनेवाला क्षेत्र साबित हुआ हैं। इसने देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में बहुत योगदान दिया है। यह न केवल रोजगार के अवसर पैदा करता है, बल्कि देश के पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की दिशा में आगे ले जाने का भी काम करता है। 90 प्रतिशत उद्योग एमएसएमई के अन्तर्गत ही आते हैं।
वर्ष 2022-2025 के लिए पश्चिम बंगाल का एमएसएमई विकास मंच इन मिशन के तहत काम करेगा, जो निम्नलिखित है:
• शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए – नए कार्यक्रम आयोजित करके एमएसएमई की योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना।
• स्टार्टअप और स्वयं सहायता समूहों के साथ महिलाओं और युवा उद्यमियों के बीच जाकर सरकार की एमएसएमई नीतियों के बारे में उनको जानकारी देना।
• एमएसएमई को अपने व्यवसाय में नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
• एमएसएमई को सरकारी ऋण योजनाओं और विपणन सहायता योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सूचित करना और उनकी मदद करना।
• कॉर्पोरेट कानूनों और अन्य प्रतिभूति बाजार कानूनों में प्रख्यात पेशेवरों के साथ कार्यक्रम और सेमिनार आयोजित करना।
• फोरम अपने मासिक ई-समाचार बुलेटिन, पत्रिकाओं या पत्रिकाओं के माध्यम से एमएसएमई को हालिया प्रौद्योगिकियों, नए विधानों, नोटिस, परिपत्रों, नियमों और विनियमों के विकास के बारे में शिक्षित और सूचित करना शामिल है।
एमएसएमई के ​​बारे में: भारत सरकार ने 2006 के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (एमएसएमईडी) अधिनियम के समझौते में एमएसएमई या सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की शुरुआत की है। ये उद्यम मुख्य रूप से माल और वस्तुओं के उत्पादन, निर्माण, प्रसंस्करण और संरक्षण में लगे हुए हैं। सरकार की वार्षिक रिपोर्ट (2018-19) के अनुसार, भारत में लगभग 6,08,41,245 एमएसएमई हैं जो इस देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 8%, विनिर्माण उत्पादन का लगभग 45% और देश के निर्यात में लगभग 40% का योगदान करते हैं।

आभासी रोजगार मेला आयोजित करेगा जैन ऑनलाइन

कोलकाता । जैन (डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी) जैन ऑनलाइन, एक वर्चुअल जॉब फेयर “कनेक्ट टू कॅरियर” का आयोजन कर रहा है। 21 मार्च को आयोजित हो रहे इस रोजगार मेले में कॉमर्स, मैनेजमेंट, साइंसेज, ह्यूमैनिटीज, सीएस आई टी, इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर एवं हॉस्पिटैलिटी के 1 लाख से अधिक विद्यार्थियों के भाग लेने की उम्मीद है। एएनजेड बैंक, निप्पॉन टोयोटा, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, मुथूट माइक्रोफिन, मालाबार गोल्ड, डेकाथलॉन जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने नियुक्तियों के लिए भूमिकाएं सूचीबद्ध की हैं। इनके अलावा, डंज़ो, बिग बास्केट, अपग्रेड जैसे लोकप्रिय स्टार्टअप, जॉब फेयर में कल्टफिट, नो ब्रोकर शामिल होने जा रहे हैं।
“कनेक्ट टू कॅरियर” के जरिए जैन ऑनलाइन नियोक्ताओं के पास उम्मीदवारों के वीडियो रिज्यूमे, उम्मीदवार प्रतिक्रिया डैशबोर्ड, ऑनलाइन मूल्यांकन करने के विकल्प आदि तक उपलब्ध करवाएगा। जॉब फेयर के बारे में बोलते हुए, डॉ. राज सिंह, वाइस चांसलर, जैन (डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी), ने कहा कि ‘कनेक्ट टू करियर’ जॉब फेयर न केवल निजी क्षेत्र में बल्कि गैर सरकारी संगठनों, अनुसंधान संगठनों और सरकारी क्षेत्रों में भी संभावित कर्मचारियों को सही नियुक्ति करने वालों से जोड़ने में सहायक रहा है। हमें उम्मीद है कि आगामी जॉब फेयर भी कंपनियों के लिए उद्योग के लिए तैयार छात्रों और छात्रों के लिए, उनके ज्ञान और कौशल से मेल खाने वाली सही नौकरी के लिए एक शानदार अवसर लाएगा। ”
छात्रों और नौकरी चाहने वालों के लिए रोजगार बढ़ाने के लिए जैन ग्रुप द्वारा 2018 में कनेक्ट टू कॅरियर कार्यक्रम शुरू किया गया था। इस जीवन वर्धक अभियान के माध्यम से अब तक कुल 3500 से अधिक प्रतिभागी इस अभियान से लाभान्वित हो चुके हैं।

महिला दिवस पर लैंगिक विषमता पर हेरिटेज अकादमी में परिचर्चा

कोलकाता । हेरिटेज अकादमी के मीडिया साइंस विभाग ने महिला दिवस पर परिचर्चा आयोजित की। परिचर्चा का विषय ‘ब्रेक द बायस’ था। इस परिचर्चा में स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं उर्वरा, आईवीएफ की निदेशक डॉ. इन्द्राणी लोध, इंटरडिसिप्लीनरी आर्टिस्ट सुजय प्रसाद चटर्जी ने विचार रखे। डॉ. लोध ने कहा कि भारत में आज भी महिलाओं का शोषण होता है और उत्तर भारत में यह समस्या अधिक है। इन समस्याओं से मुक्ति पाये बगैर निष्पक्ष समाज का निर्माण नहीं हो सकता। सुजय चटर्जी ने कहा कि लिंग के बजाय व्यक्ति के काम को महत्व दिया जाना चाहिए।
इस कार्यक्रम में द हेरिटेज अकादमी के प्रिंसिपस प्रो. गौर बनर्जी, मीडिया साइंस विभाग की डीन डॉ. मधुपा बख्शी, हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रिंसिपल डॉ. बासव चौधरी के अतिरिक्त अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे। हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ पी. के. अग्रवाल ने कहा कि अवचेतन में या जानबूझकर किये गये भेदभाव के कारण महिलाओं का आगे बढ़ना कठिन हो जाता है, इसे समाज से हटाने के लिए हमें कदम उठाने होंगे।

पद्मश्री पी.आर. अग्रवाल द्वारा सम्मानित किये गये एचआईटीके के मेधावी विद्यार्थी

कोलकाता । पद्मश्री पी.आर. अग्रवाल ने हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। वे हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन एवं कल्याण भारती ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी एवं रूपा समूह के चेयरमैन भी हैं। सम्मानित होने वालों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की छात्रा एवं गणतंत्र दिवस परेड के लिए चुनी गयी छात्रा निकिता माइती शामिल थी। वह इस परेड के लिए चुनी गयी राज्य की 23 लड़कियों में शामिल थी। इसके अतिरिक्त गूगल द्वारा सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में चयनित कम्प्यूटर साइंस विभाग एवं इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष की छात्रा आर्ची चोमाल और अमीशा जोधानी, 2010 बैच में कम्प्यूटर साइंस एंड इजीनियरिंग विभाग का छात्र सुमित अग्रवाल भी सम्मानित किया गया। लक्स इंडस्ट्रीज के साथ काम कर चुका सुमित इस समय सांवरा फैशन का निदेशक है। वह ब्रांड, ऑनलाइन प्रचार, वेब डेवलपमेंट, विज्ञापन रणनीति जैसे दायित्व सम्भालता है। इस अवसर पर बोर्ड ऑफ गवर्नर की ओर से पद्मश्री पाने पर पी.आर. अग्रवाल को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर द हेरिटेज स्कूल के चेयरमैन एवं कल्याण भारती ट्रस्ट के उपाध्यक्ष विक्रम स्वरूप, बोर्ड ऑफ गवर्नर के सदस्य एवं कल्याण भारती ट्रस्ट के ट्रस्टी एन. पी. डालमिया, द हेरिटेज स्कूल की प्रिंसिपल सीमा सप्रू, एचआईटीके के संस्थापक निदेशक प्रो. बी.बी. पायरा, प्रिंसिपल बासव चौधरी, केबीटी के निदेशक प्रबीर राय भी शामिल थे। केबीटी के सीईओ पी.के. अग्रवाल ने इसे गर्व का क्षण बताया।

कोलकाता पुस्तक मेला के प्रेस कॉर्नर में राष्ट्रीय संवाद

कोलकाता। भारतीय ज्ञानपीठ,वाणी प्रकाशन समूह और भारतीय भाषा परिषद की ओर से कोलकाता पुस्तक मेले के प्रेस कॉर्नर में आयोजित राष्ट्रीय संवाद में कहा गया कि पुस्तक संस्कृति की रक्षा एक राष्ट्रीय कर्तव्य है। पुस्तकें मनुष्यता की गंगोत्री हैं। इनका पांच सौ सालों का गौरवपूर्ण इतिहास है।
वाणी प्रकाशन की ओर से अदिति माहेश्वरी ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद भारत में कोलकाता पुस्तक मेले ने पुस्तक संस्कृति की यात्रा फिर से शुरू की है। रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रो. हितेंद्र पटेल ने कहा कि पुस्तक संस्कृति एक नये संकट से गुजर रही है। उससे उबरने के लिए नयी परिकल्पनाओं की आवश्यकता है। पाठकों की रुचि के अनुसार उनको पुस्तकें सुलभ होनी चाहिए।
भोजपुरी और हिंदी के प्रख्यात कथाकार मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि नालंदा में पुस्तकें जलाईं गयी फिर भी पुस्तकों की परंपरा खत्म नहीं हुई। पुस्तकें पढ़ते समय हम ठहरकर कुछ सोच सकते हैं लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया यह अवसर नहीं देता। परिषद के उपाध्यक्ष एवं आई.लीड के संस्थापक प्रदीप चोपड़ा ने कहा कि पुस्तक प्रेम संस्कार से मिलता है और इस संस्कार को विकसित करने की जरूरत है। रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो. रवि भूषण ने कहा कि इस समय शब्द पर आक्रमण हो रहे हैं। पुस्तक संस्कृति ही इससे रक्षा कर सकती है। परिषद के निदेशक डॉ शंभुनाथ ने कहा कि पुस्तकें पढ़ना स्वाधीन होना है। जब तक मनुष्यों के मन में प्रश्न है पुस्तक संस्कृति बची रहेगी। आज मनुष्य बौद्धिक प्राणी की जगह इलेक्ट्रॉनिक प्राणी बनता जा रहा है। राष्ट्रीय संवाद की अध्यक्षता करते हुए पटना से आए कवि अरुण कमल ने कहा कि पुस्तक संस्कृति की रक्षा का अर्थ है अच्छी किताबों को पढ़ना। यह दुश्मनी की नहीं प्रेम की संस्कृति है। अपने स्वागत वक्तव्य में भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष डॉ. कुसुम खेमानी ने कहा कि पुस्तक संस्कृति ही मनुष्यता का मार्ग दिखाती हैं। कोलकाता पुस्तक मेले में हिंदी की उपस्थिति बढ़ाई जानी चाहिए। पुस्तक मेले में राष्ट्रीय संवाद के संयोजक डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि पुस्तक संस्कृति हमें ज्ञान,विवेक और आदमियत से जोड़ने का संस्कार देती है। धन्यवाद ज्ञापन अदिति माहेश्वरी ने दिया।