नयी दिल्ली । देश में विज्ञापनों की निगरानी रखने वाली संस्था भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने नये नियम लागू किए हैंइन नियमों के मुताबिक, किसी भी विज्ञापन में शरीर का आकार, उम्र , शारीरिक और मानसिक स्थितियों से जुड़े किसी भी भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन मानक के नियमों का दायरा बढ़ा
विज्ञापन उद्योग के स्व-नियामक निकाय एएससीआई ने कहा कि विज्ञापन मानक के नियमों का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब विज्ञापन पॉलिसी के उल्लंघन के नियम में नस्ल, जाति, स्त्री-पुरूष भेदभाव या राष्ट्रीयता के आधार पर किसी का उपहास करना शामिल है। हालांकि ये नियम पहले से लागू थे लेकिन अब इनका दायरा बढ़ा दिया गया है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘अब इसमें लिंग पहचान, यौन आकर्षण, शरीर का आकार आयु, शारीरिक और मानसिक स्थितियां जैसे संभावित भेदभाव या उपहास को अब संहिता में शामिल किया गया है। इन आधारों पर किसी का मजाक उड़ाने या उपहास करने वाले विज्ञापनों को अब नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।’
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
एएससीआई ने कहा कि उसे उभरते हुए समाज और उपभोक्ताओं की बदलती चिंताओं के साथ तालमेल बिठाना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विज्ञापन अपेक्षाओं के अनुरूप रहे. अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापनों में किसी का मजाक उड़ाना पड़ेगा भारी, होगी कार्रवाई
विज्ञापनों में किसी का मजाक उड़ाना पड़ेगा भारी, होगी कार्रवाई
नयी दिल्ली । देश में विज्ञापनों की निगरानी रखने वाली संस्था भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने नये नियम लागू किए हैं> इन नियमों के मुताबिक, किसी भी विज्ञापन में शरीर का आकार, उम्र , शारीरिक और मानसिक स्थितियों से जुड़े किसी भी भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन मानक के नियमों का दायरा बढ़ा
विज्ञापन उद्योग के स्व-नियामक निकाय एएससीआई ने कहा कि विज्ञापन मानक के नियमों का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब विज्ञापन पॉलिसी के उल्लंघन के नियम में नस्ल, जाति, स्त्री-पुरूष भेदभाव या राष्ट्रीयता के आधार पर किसी का उपहास करना शामिल है। हालांकि ये नियम पहले से लागू थे लेकिन अब इनका दायरा बढ़ा दिया गया है।
इस आधार पर नहीं उड़ाया जाएगा मजाक
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘अब इसमें लिंग पहचान, यौन आकर्षण, शरीर का आकार आयु, शारीरिक और मानसिक स्थितियां जैसे संभावित भेदभाव या उपहास को अब संहिता में शामिल किया गया है। इन आधारों पर किसी का मजाक उड़ाने या उपहास करने वाले विज्ञापनों को अब नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।’
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
एएससीआई ने कहा कि उसे उभरते हुए समाज और उपभोक्ताओं की बदलती चिंताओं के साथ तालमेल बिठाना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विज्ञापन अपेक्षाओं के अनुरूप रहे. अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साहित्यिकी ‘ द्वारा ‘अमृतराय जन्मशताबदी’ पर परिचर्चा ‘
कोलकाता । ‘साहित्यिकी ‘ द्वारा ज़ूम पर सुप्रसिद्ध साहित्यकार अमृत राय पर एक वर्चुअल गोष्ठी का आयोजन किया गया । संस्था की सचिव मंजु रानी गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन करते हुए साहित्यकार अमृत राय का संक्षिप्त परिचय दिया । गोष्ठी के आरंभ में वाणी श्री बाजोरिया ने अमृत राय के जीवन के विभिन्न आयामों को स्पर्श करते हुए कहा कि अमृत राय कथा सम्राट प्रेमचंद की परंपरा के सशक्त वाहक और वाग्मिता के धनी, एक सक्रिय पार्टी कर्ता,प्रबुद्ध संपादक, कई भाषाओं के जानकार, कहानीकार उपन्यासकार, व्यंग्यकार, नाटककार और अनुवादक रहे हैं। प्रगतिशील विचारधारा ही इनकी कहानियों का आधार है । अतिथि वक्ता संजय जयसवाल ने एक्टिविस्ट बहुआयामी लेखक अमृत राय के प्रतिबद्ध लेखकीय व्यक्तित्व के विविध पक्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तनाव और असहमतियों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए, वैचारिक प्रतिबद्धता को, उन्होने जीवन मूल्यों से जोड़ा। उनके लेखन की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रगतिशील लेखकों का एक परिसर बनाना चाहते थे ताकि मानव विरोधी फासीवादी और सांप्रदायिक तत्वों का मुकाबला किया जा सके। वे अपने समय के बाद के समय को देख रहे थे। प्रो. गीता दूबे ने कहा कि कहीं न कहीं विशिष्ट साहित्यिकार अमृतराय पर प्रेमचंद की पहचान हावी रही और बड़े पिता के पुत्र होने का खामियाजा उनको भुगतना पड़ा। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए कुसुम जैन ने कहा कि अमृतराय का समाज के प्रति गहरा सरोकार था, उनका साहित्य, समाज और उसकी विसंगतियों से जुड़ा हुआ है। गोष्ठी का सफल संचालन करते हुए रेवा जाजोदिया ने कहा कि उनके लेखन में जीवन की सच्चाई है। वर्चुअल गोष्ठी का तकनीकी पक्ष नूपुर जयसवाल ने संभाला। कार्यक्रम अत्यंत सफल व ज्ञानवर्धक रहा ।
अर्चना संस्था द्वारा स्वरचित ‘काव्यांजलि’ आयोजित
कोलकाता । अर्चना संस्था की सदस्याओं ने ‘काव्यांजलि’ कार्यक्रम में ऑनलाइन स्वरचित रचनाओं और गीतों का पाठ किया। सर्वप्रथम इंदू चांडक ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। कवयित्री मृदुला कोठारी ने सूर्य से संवाद,अरुणिमा आभा लिए साथ में, जब नभ पर आ जाते हो, स्वर्ण कलश तव लिए हाथ में, दिन भर तुम छिड़का ते हो, सुशीला चनानी – कवितायें, क्षणिकायें ( विभिन्न विषय आधारित, भोर की सुरभित बेला में जब चिडिया चहचहाती हैं, ऐसा लगता है जैसे वे, प्रभु को भजन सुनाती हैं, आती है अक्ल, प्रेम विवाह के बाद, प्रेम उड़ जाता परफ्यूम सा,बचा रहता है पतली दाल का स्वाद और सरसी छन्द-चमचम चमके बिजली नभ में, नेताजी तो मिलने आते, पांच साल के बाद, छन्द मुक्त कविता-लावारिसकुत्तों का अधिकार, हिम्मत चोरड़़िया ने दोहे- कीड़ा जो संदेह का, अपनी क्षमता पर कभी, जगह जगह धोखा मिला, पाना चाहो जीत तो, गीत- वंदन ले लो माते मेरा, गजल- चीर दे तूफान को तू हौसलों की धार से, मीना दूगड़ ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति की बखियां उधेड़ते, कुकुरमुत्तों की तरह बढ़ते ये बहुरूपिया दिवस, उषा श्राफ ने कोरोना का बादल छाया था, इंदू चांडक ने शब्दों केमोती पिरोकर, गूँथती हूँ मैं गीत माला, अहर्निश जिनको है मैंने,भावों के साँचे में ढाला, संगीता चौधरी ने बहे गुरु ज्ञान रसधार, जब भी देखती हूं आईना, सरसी छंद -दीन सुदामा विनय करे है ,अरजी बारम्बार, वसुंधरा मिश्र ने कविता युद्ध और शांति में पिसती कलम सुनाई, शशि कंकानी ने राजस्थान की महिमा-मायड पूत सपूत है जाया।, रण में शीश दान दे आया।, हँस हँस काम देश रे आया।, इण पर वारी जावाॅ।।, कब से दे रही थी चेतावनी,लेकिन तुमने नहीं मानी, बस करते रहे अपनी मनमानी सुनाई। भारती मेहता ने साहित्य ! बड़े चर्चे हैं तुम्हारे, तुम हो सुन्दर, गूढ़ – गम्भीर, दार्शनिक- प्रतिभावान !तुम से मिलने की आरजू दीवानी हुई…देश, भाषा, प्रकृति, सभ्यता और संस्कृति, युद्ध और शांति, शब्दों के मोती, गीत वंदना और छंद लय ताल से युक्त विषयों पर स्वरचित कविताएं सुनाई गईं ।
एसोचेम एडुकेशन समिट में बंगाल का बी – स्कूल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज पुरस्कृत
कोलकाता । एसोचेम द्वारा हाल ही में 15वाँ अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास समिट 2022 नयी दिल्ली में आयोजित किया गया। सम्मेलन में हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एचआईटीके) को शोध के अनुकूल वातावरण विकसित करने के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही हेरिटेज बिजनेस स्कूल को पूर्वी क्षेत्र में प्लेसमेंट का उपयुक्त वातावरण बनाने के लिए पुरस्कृत किया गया। एसोचेम एडुकेशन समिट 2022 का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने किया। यह पुरस्कार हेरिटेज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीईओ प्रदीप अग्रवाल ने ग्रहण किया। डब्ल्यूबीएसयू के पूर्व वीसी एचआईटीके के प्रिंसिपल प्रो. बासव चौधरी ने शिक्षा, महिला, बाल, युवा एव क्रीड़ा की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य राजेन्द्र अग्रवाल से यह पुरस्कार ग्रहण किया।
हावड़ा नवज्योति द्वारा समर कैम्प की तैयारी
हावड़ा । गर्मियों की छुट्टियां हमेशा मस्तियों से सराबोर होती हैं, दादी-नानी का गांव और करने के लिए पढ़ाई के सिवा सब कुछ। ये हमारा बचपन था। बढ़ता शहरीपन हमारे बच्चों के जीवन से उनका बचपन छीन रहा है, वह भी बहुत तेजी से। छुïिट्टयों के लिए हमारे पास कई योजनाएं होती थीं। आज छुïिट्टयां गुमसुम बच्चों से सवाल करती हैं, अब क्या करोगे? हावड़ा नवज्योति की ओर से समर कैम्प आयोजित किया जा रहा है। इस बार हम तैयार हैं बच्चों के लिए वह गांव बनने को, जहां दादी-नानी भले न हों लेकिन मस्ती वही मिलेगी। …..और हां पढ़ाई तो बिल्कुल नहीं होगी। हम आयोजित करनेवाले हैं समर कैंप, बच्चों के लिए मस्ती स्टेशन। हर आयु वर्ग के बच्चे हमारे साथ मस्ती करने आ सकते हैं। सबसे लिए यहां होगा बहुत कुछ। सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए निःशुल्क है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 22 जून है। कार्यालय का समय है-सोम से शुक्र शाम 5 से 8 बजे। शनि रवि शाम 3 से 5 बजे तक
भवानीपुर कॉलेज में पहली बार इंटरकॉलेज बॉक्सिंग प्रतियोगिता नॉकआउट
कोलकाता के 14 प्रसिद्ध कॉलेजों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया
कोलकाता । खेल में दुनिया को बदलने की ताकत है। इसमें प्रेरणा देने की शक्ति है, इसमें लोगों को उस तरह से एकजुट करने की शक्ति है जैसा और कोई नहीं करता। यह युवाओं से उसी भाषा में बात करता है जिसे वे समझते हैं।”
खेल हमेशा मनोरंजन और मस्ती का एक रूप रहा है। खेल में सभी सामाजिक या धार्मिक पृष्ठभूमि के लोग एकजुट होकर खेलते हैं। खेल हमेशा अनुशासित तरीके से खेले जाने के लिए होते हैं। बॉक्सिंग एक ऐसा खेल है जो महान वीरता, शक्ति, अनुशासन, तकनीक और जाहिर तौर पर खेल भावना को प्रदर्शित करता है। भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने प्रथम बार एक इंटर कॉलेज नॉकआउट टूर्नामेंट का आयोजन किया, जिसमें 14 प्रसिद्ध कॉलेजों ने भाग लिया था। कार्यक्रम में आशुतोष झा उनके विशिष्ट अतिथि के रूप में, जो वर्तमान में भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज में छात्र हैं। वह खेल के इस क्षेत्र में माहिर हैं और इस आयोजन की सफलता में आशुतोष झा की प्रमुख भूमिका रही।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के छात्रों द्वारा चेसबॉक्सिंग के लाइव प्रदर्शन के साथ हुई, जिसमें बॉक्सिंग के साथ शतरंज के इस रचनात्मक मिश्रण के साथ दर्शकों को आकर्षित करने के लिए किया गया। प्रति मैच कुल तीन राउंड थे, जिसमें प्रत्येक राउंड में 2 मिनट का समय था। इसके बाद आधिकारिक मैच शुरु हुए, जिसने अपनी तीव्रता से माहौल को गर्म कर दिया। विभिन्न कॉलेजों के उत्साही प्रतिभागियों ने बॉक्सिंग रिंग पर अपना कौशल और समर्पण दिखाया, जिस पर भीड़ ने उत्साह से प्रतिक्रिया दी। पहले दिन शुरुआती मैच देखे गए और अगले दिन फाइनल के लिए योग्य क्वालीफायर आगे बढ़े।
इस आयोजन के लिए और साथ ही उनकी बहुमूल्य उपस्थिति के लिए कॉलेज के डीन प्रो. दिलीप शाह का विशेष धन्यवाद। उनके बिना यह आयोजन इतना सफल नहीं हो सकता था। साथ ही, प्रतिभागियों का लगातार मार्गदर्शन करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए कार्यक्रम के आयोजक आशुतोष झा का विशेष धन्यवाद किया गया।
विभिन्न श्रेणियों के विजेता थे:
-65 किग्रा हैं- मिजानुल रहमान खान, एजेसी कॉलेज (स्वर्ण), आकाश धनुक, खिदिरपुर कॉलेज (रजत), ऋतिक प्रसाद, बीईएससी (कांस्य)।
-55 किग्रा- बिपुल पांडे, एजेसी कॉलेज (स्वर्ण), अवंतास अरोड़ा, बीईएससी (रजत)
-60 किग्रा- मरियम आयशा, चित्तरंजन कॉलेज (स्वर्ण), जरीन खान, एसएससी (रजत)
-65 किग्रा- खुशी लकड़ा, बीईएससी (स्वर्ण), संजना गुप्ता, बीईएससी (रजत)
-75 किग्रा- आदित्य शॉ, एजेसी कॉलेज (स्वर्ण) , सुमित सरकार, एपीसी कॉलेज (रजत), शशांक शेखर तिवारी, बीईएससी (कांस्य)
-70 किग्रा- सिद्धार्थ तस्नीवाल, बीईएससी (स्वर्ण), ज्योति रंजन स्वैन, बीईएससी (रजत), मोहम्मद शोएब कुरैशी, उमेश चंद्र कॉलेज (कांस्य)
-60 किग्रा- किंग्शुक साहा, न्यू अलीपुर कॉलेज (स्वर्ण), हरि गुरुंग, खड़गपुर कॉलेज (रजत), निरंजन बर्मन, विवेकानंद कॉलेज, सिलीगुड़ी (कांस्य)
-55 किग्रा- प्रबी कर्मकार, चारुचंद्र कॉलेज (स्वर्ण), स्वाति गुप्ता, एमसीकेबी (रजत), माधवी पाहन, बर्दवान कॉलेज (कांस्य)
65 किग्रा और उससे अधिक- प्रियंका सिंह, बीईएससी (स्वर्ण), श्वेता शर्मा, सुरेंद्रनाथ (रजत)।
किंग ऑफ द रिंग- मिजानुल रहमान खान (एजेसी)
रिंग की रानी- पूर्वी कर्मकार (चारुचंद्र)
उन्हें पदकों से सम्मानित किया गया और इसके बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन उत्साह और मनोरंजन का रोलरकोस्टर साबित हुआ। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
संवाददाता – रूपम कुंडू और फोटोग्राफर- उमंग लच्छीराम
श्री डूंगरगढ़ स्थापना दिवस समारोह में सराहा गया राजस्थानी लोकगीतों में महिलाओं का योगदान
भारत जैन महामंडल लेडीज विंग कोलकाता और भारतीय भाषा परिषद का साझा आयोजन
कोलकाता । भारतीय भाषा परिषद और भारत जैन महामंडल लेडीज विंग संयुक्त तत्वावधान में श्री डूंगरगढ़ स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। समारोह में राजस्थानी लोकगीत में महिलाओं का योगदान केन्द्रीय विषय रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष कुसुम खेमानी ने किया। आयोजन के विशेष अतिथि के रूप में ताजा टीवी के चेयरमैन एवं छपते – छपते हिन्दी दैनिक के सम्पादक विश्वम्भर नेवर, डॉ. वसुंधरा मिश्र और सुशीला पुगलिया उपस्थित थीं।। सभी विशेष अतिथियों ने राजस्थानी लोकगीत मे महिलाओं के योगदान पर बोलते हुए श्री डूंगरगढ़ स्थापना दिवस पर सबको शुभकामनाएं दी। सभी बहनों ने गीतो, कविताओं ,वक्तव्यों एवं संस्मरणों के माध्यम से गांव की धरती पर बेनजीर प्रस्तुति दी। जननी जन्मभूमि स्वर्ग से भी प्यारी होती है। एक दो महिलाओं प्रथम बार मंच पर अपनी बात रखी। लहरियां साड़ियों में सजी- धजी महिलाओं के समुह ने सचमुच कोलकाता पर राजस्थान को उतार दिया था। श्री डूंगरगढ़ स्थापना दिवस का 141वाँ वर्ष अद्भुत और अनुपम अंदाज में मनाया गया और महिलाओं ने प्रथम बार गांव का स्थापना दिवस समारोह मना कर इतिहास रच दिया। कोलकाता में विराजित आचार्य महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी श्री स्वर्ण रेखा जी ठाणा जो कि श्री डूंगरगढ़ से है, संदेश भेजा। श्री डूंगरगढ़ की सभी बहनों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। अंजू सेठिया, सरोज भंसाली की कड़ी मेहनत और सुशीला पुगलिया के सहयोग ने कार्यक्रम को सफल बनाया। भारतीय भाषा परिषद के मंत्री डॉ केयुर मजमूदार ने धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालनअंजू सेठिया ने किया। विनोद बिनानी सूरत से सभी बहनों को साड़ी देने उपहारस्वरूप देने की घोषणा की।
चावल के मांड के हैं बहुत से फायदे
अक्सर लोग चावल पकने के बाद इस पानी को निकालकर फेंक देते है क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने से पानी के साथ हम चावल के सभी पौष्टिक तत्वों को भी हटा देते हैं.अगर आप यह जान जाएंगे कि चावल का पानी आपकी स्किन और हेयर के लिए कितना लाभदायक है और यह किन-किन गंभीर बीमारियों से आपको बचा सकता है तो आप कभी भी इस पानी को नहीं फेकेंगे. आइए जानें इसके फायदों के बारे में-
मांड में विटामिन बी, सी और ई की प्रचुरता है और ये सभी विटामिन शरीर की थकान को दूर करता है और शारीरिक ऊर्जा को बूस्ट करने में मदद करता है।
चावल के मांड का सेवन करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की आशंका घट जाती है.
अगर बाल सफेद या झड़ रहे हैं तो बाल धोने के बाद जड़ों में चावल के मांड को 20 मिनट लगाकर छोड़ दें. फिर शैम्पू औरकंडीशनरसे धो लें।
चावल के मांड में अल्ट्रावायलट किरणों का प्रभाव कम करने वाला ओरिजेनॉल तत्व पाया जाता है इसलिए त्वचा पर इंफेक्शन हो रहा है तो चावल के मांड को चेहरे पर लगाए।
चावल का मांड फाइबर से भरपूर होता है और आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है।
मांड में पाए जाने वाले एंटी बैक्टीरियल गुण ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की समस्या को दूर करते हैं।
चावल का मांड वायरल बुखार में किसी दवा से कम नहीं है. गरमा-गरम मांड में हल्का सा नमक मिलाकर पी लें।इससे बुखार जल्दी खत्म होता है और शरीर को पोषण मिलता है.
चावल का मांड पीने से शरीर में खून का संचार बेहतर तरीके से होता है।
यह शरीर के तापमान को भी संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाता है।
लोब्लड प्रेशरमें अगर नमक डालकर चावल का मांड पीते हैं तो इस समस्या से जल्द राहत मिलती है।
चावल के मांड से पाचन क्रिया बढ़िया रहती है और पेट की अपच भी खत्म हो जाती है।
अरसे बाद पेटीएम के शेयरों में आई तेजी
नयी दिल्ली । देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कारपोरेशन ऑफ इंडिया 17 मई को बाजार में सूचीबद्ध हो गयी। एलआईसी की लिस्टिंग से जो उम्मीद की जा रही थी,निवेशकों को उसमें निराशा हाथ लगी। निवेशकों को लिस्टिंग के पहले दिन एलआईसीने निराश किया है। कंपनी के शेयर बीएसई पर 81.80 रुपए डिस्काउंट मतलब करीब 9.62 फीसदी की गिरावट के साथ 867.20 रुपए प्रति शेयर पर लिस्ट हुई है। वहीं एनएसई पर ये 872 रुपए पर लिस्ट हुए हैं। जहां एलआईसी से निवेशकों को निराश किया तो वहीं पेटीएम के शेयरों में एक बार फिर से जबरदस्त तेजी देखने को मिली है।
पेटीएम के शेयरों में तेजी
पेटीएम के शेयरों में फिर से जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी के शेयर इंट्रा डे में करीब 10% तक उछल कर 600 रुपए तक पहुंच गए। जिस शेयर ने निवेशकों का पैसा डूबा दिया अब वो तेजी से बढ़ने लगी है। सोमवार को पेटीएम के शेयर 598.65 रुपए पर पहुंच गए। कंपनी की ओर से की गई नई घोषणा के बाद से इसके शेयरर खरीदने की निवेशकों में अचानक होड़ लग गई, जिके कारण शेयर में 10 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। पेटीएम के शेयर शुक्रवार के मुकाबले 8.63 फीसदी की बढ़त पर सोमवार को बंद हुए। वहीं मंगलवार को पेटीएम के स्टॉक तेजी के साथ 603.35 रुपए पर खुले, हालांकि बाजार बंद होने तक इसमें 2 फीसदी की गिरावट आ गई और शेयर 577.3 रुपए पर पहुंच गया।
क्यों आई पेटीएम के शेयरों में तेजी
दरअसल फिनटेक फर्म पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने हाल ही में बड़ी घोषणा की। 15 मई को कंपनी ने कहा कि वो रहेजा क्यूबीई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए पहले के घोषित डील को खत्म कर चुकी हैं। कंपनी ने कहा कि वो नए आवेदन के जरिए नए जनरल बीमा लाइसेंस के लिए मंजूरी मांगेगी।
इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी आने लगी। वहीं पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने पेटीएम मॉल को लेकर बड़ा ऐलान किया। विजय़ शेखर ने कहा कि Paytm Mall का कारोबार अब ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स पर बनाया जाएगा। इन खबरों ने कंपनी के शेयर को मजबूती दी।
जैक मां ने बेची अपनी हिस्सेदारी
आपको बता दें कि चीनी उद्योगपति जैक मां की कंपनी अलीबाबा ने पेटीएम ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। जी हां चीनी कंपनी ने पेटीएम की ई-कॉमर्स कंपनी पेटीएम मॉल में अपनी 43.32 फीसदी की हिस्सेदारी बेच दी है। आपको बता दें कि करीब 5 साल पहले अलीबाबा और एंट फाइनेंशियल ने पेटीएम मॉल में अपनी हिस्सेदारी खरीदी थी, लेकिन अब पेटीएम ई कॉमर्स ने इन दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी खरीद ली है। कंपनी ने इस ऐलानों ने उसके शेयर पर असर डाला है। निवेशकों का रूझ पेटीएम की ओर बढ़ने लगा है।




