Thursday, March 26, 2026
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रामनवमी पर विशेष – जानिए श्रीराम के जन्म से संबंधित कुछ तथ्य

भगवान श्रीराम के जन्म को लेकर इतिहाकारों और पुराणों के जानकारों के बीच मतभेद है। इस बीच उन पर हुए शोध कुछ और ही कहते हैं। शोधकर्ताओं ने पुराणों के साक्ष्य को समझकर राम के जन्म के संबंध में बहुत ही रोचक विवरण प्रस्तुत किया है। श्रीराम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को हुआ था या नहीं?
जानते हैं कि प्रभु श्रीराम का जन्म कब हुआ था।
1. वाल्मीकि के अनुसार श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी तिथि एवं पुनर्वसु नक्षत्र में जब पांच ग्रह अपने उच्च स्थान में थे, तब हुआ था। इस प्रकार सूर्य मेष में 10 डिग्री, मंगल मकर में 28 डिग्री, बृहस्पति कर्क में 5 डिग्री पर, शुक्र मीन में 27 डिग्री पर एवं शनि तुला राशि में 20 डिग्री पर था। (बाल कांड 18/श्लोक 8, 9)।…जन्म सर्ग 18वें श्लोक 18-8-10 में महर्षि वाल्मीकिजी ने उल्लेख किया है कि श्री राम जी का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अभिजीत मुहूर्त में हुआ था।
मानस के बाल काण्ड के 190वें दोहे के बाद पहली चौपाई में तुलसीदासजी ने भी इसी तिथि और ग्रह-नक्षत्रों का जिक्र किया है।
2. शोधकर्ता डॉ. वर्तक पीवी वर्तक के अनुसार ऐसी स्थिति 7323 ईसा पूर्व 4 दिसंबर में ही निर्मित हुई थी, लेकिन प्रोफेसर तोबयस के अनुसार जन्म के ग्रहों के विन्यास के आधार पर 10 जनवरी 5114 ईसा पूर्व हुआ था। उनके अनुसार ऐसी आका‍शीय स्थिति तब भी बनी थी। तब 12 बजकर 25 मिनट पर आकाश में ऐसा ही दृष्य था जो कि वाल्मीकि रामायण में वर्णित है।
3. ज्यादातर शोधकर्ता प्रोफेसर तोबयस के शोध से सहमत हैं। इसका मतलब यह कि राम का जन्म 10 जनवरी को 12 बजकर 25 मिनट पर 5114 ईसा पूर्व हुआ था? -संदर्भ : (वैदिक युग एवं रामायण काल की ऐतिहासिकता: सरोज बाला, अशोक भटनाकर, कुलभूषण मिश्र)
यूनीक एग्जीबिशन ऑन कल्चरल कॉन्टिन्यूटी फ्रॉम ऋग्वेद टू रोबॉटिक्स नाम की इस एग्जीबिशन में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार भगवान राम का जन्म 10 जनवरी, 5114 ईसापूर्व सुबह बारह बजकर पांच मिनट पर हुआ (12:05 ए.एम.) पर हुआ था। कुछ जानकार 21 फरवरी का जिक्र करते हैं।
4. राम की वंशावली के आधार पर : वंशवली के जानकर लाखों वर्ष के युग की धारणा को कल्पित मानते हैं। क्योंकि पहली बात तो यह कि युग का मान स्पष्ट नहीं है। दूसरी बात यह कि यदि आप भगवान श्रीराम की वंशावली के मान से गणना करते हैं तो यह लाखों नहीं हजारों वर्ष की बैठती है। जैसे श्रीराम के बाद उनके पुत्र लव और कुश हुए फिर उनकी पीढ़ियों में आगे चलकर महाभारत काल में 50वीं पीढ़ी में शल्य हुए। इसके अलावा शल्य के बाद बहत्क्षय, ऊरुक्षय, बत्सद्रोह, प्रतिव्योम, दिवाकर, सहदेव, ध्रुवाश्च, भानुरथ, प्रतीताश्व, सुप्रतीप, मरुदेव, सुनक्षत्र, किन्नराश्रव, अन्तरिक्ष, सुषेण, सुमित्र, बृहद्रज, धर्म, कृतज्जय, व्रात, रणज्जय, संजय, शाक्य, शुद्धोधन, सिद्धार्थ, राहुल, प्रसेनजित, क्षुद्रक, कुलक, सुरथ, सुमित्र हुए।
वर्तमान में जो सिसोदिया, कुशवाह (कछवाह), मौर्य, शाक्य, बैछला (बैसला) और गैहलोत (गुहिल) आदि जो राजपूत वंश हैं वे सभी भगवान प्रभु श्रीराम के वंशज है। जयपुर राजघराने की महारानी पद्मिनी और उनके परिवार के लोग भी राम के पुत्र कुश के वंशज है।
महारानी पद्मिनी ने एक अंग्रेजी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि उनके पति भवानी सिंह कुश के 309वें वंशज थे। अब यदि तीन पीढ़ियों का काल लगभग 100 वर्ष में पूर्ण होता है तो इस मान से श्रीराम को हुए कितने हजार वर्ष हुए हैं आप इस 309 पीढ़ी के मान से अनुमान लगा सकते हैं।
5. पुराणों के अनुसार प्रभु श्रीराम का जन्म त्रेतायुग और द्वापर युग के संधिकाल में हुआ था। कलियुग का प्रारंभ 3102 ईसा पूर्व से हुआ था। इसका मतलब 3102+2021= 5123 वर्ष कलियुग के बीत चूके हैं। उपरोक्त मान से अनुमानित रूप से भगवान श्रीराम का जन्म द्वापर के 864000 + कलियुग के 5123 वर्ष = 869123 वर्ष अर्थात 8 लाख 69 हजार 123 वर्ष हो गए हैं प्रभु श्रीराम को हुए। परंतु यह धारणा इतिहासकारों के अनुसार सही नहीं है, जो वाल्मीकि रामायण में लिखा है वही सही माना जा सकता है।

(साभार – वेबदुनिया)

स्वदेश दर्शन योजना में उत्तराखंड सम्मानित

नयी दिल्ली / देहरादून । उत्तराखंड राज्य के टिहरी जनपद में स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत निर्मित लॉग हट्स को सर्वश्रेष्ठ लॉग हट्स की श्रेणी में रनर अप के तौर पर सम्मानित किया गया । राज्य को यह सम्मान पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्वदेश दर्शन योजना के तहत प्रदान किया गया। इस दो दिवसीय चिंतन शिविर में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । उत्तराखंड से राज्य के पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज को केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी द्वारा सम्मान दिया गया । इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा , ”  राज्य को साहसिक, जिम्मेदार व सतत पर्यटन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया । इसके अलावा आज का यह सम्मान हमें और अच्छा करने के लिए प्रेरित करता है। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, ओम पर्वत, मुनस्यारी , चंपावत जिले के चूका, में पर्यटन अवस्थापनाओं के लिए विकासाधीन हैं। वहीं हेरिटेज सर्किट के लिए कटारमल , जागेश्वर , बैजनाथ देवीधुरा आदि स्थलों को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ” राज्य को लॉग हट श्रेणी में सम्मानित किया जाना अपने आप में गर्व का विषय है। राज्य को सर्वश्रेष्ठ लॉग हट गंतव्य बनाने के लिए स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत टिहरी स्थित सिराई में 20 लॉग हट्स का निर्माण किया गया है , जिसके लिए कुल 11 करोड़ 30 लाख की राशि आवंटित की गयी । लॉग हट आधुनिक युग में पर्यटन के लिए मील का पत्थर साबित होगा । यह ईको फ्रेंडली होने के साथ साथ इंसुलेटर का भी काम करता है अर्थात इसमें ठहरने वाले पर्यटक गर्मी में शीतलता और सर्दी में गर्म माहौल का अनुभव कर सकते हैं”।

काकुड़गाछी में खुला पन्ना डायमंड वर्ल्ड ज्वेलर्स का नया स्टोर

कोलकाता । पन्ना डायमंड वर्ल्ड ज्वेलर्स” का नया स्टोर काकुड़गाछी में खुला है। स्टोर का उद्घाटन सीएस डॉ. व अधिवक्ता ममता बिनानी ( अध्यक्ष, एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम, पश्चिम बंगाल चैप्टर), पन्ना डायमंड वर्ल्ड ज्वेलर्स के निदेशक ओमप्रकाश अग्रवाल, पन्ना डायमंड वर्ल्ड ज्वेलर्स के निदेशक श्याम सुंदर चौधरी, पन्ना डायमंड वर्ल्ड ज्वेलर्स के निदेशक दिलीप कुमार अग्रवाल और पन्ना डायमंड वर्ल्ड ज्वेलर्स के निदेशक पिंटू अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर समाज की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी यहां मौजूद थे। शोरूम की लॉन्चिंग के मौके पर ग्राहकों को इस ज्वेलरी ब्रांड के हीरे की ज्वेलरी कीमतों पर स्क्रेच कार्ड के जरिए 40 प्रतिशत तक की छूट के साथ-साथ मेकिंग चार्ज पर 100 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इसके अलावा यहां ग्राहक प्रत्येक खरीद पर सुनिश्चित उपहार के साथ-साथ लकी ड्रा का भी हिस्सा बनेंगे। विजेता को यहां 5 किलो चांदी तक जीतने मिलने का मौका मिलेगा। काकुड़गाछी में पन्ना डायमंड वर्ल्ड ज्वेलर्स की इस नई शाखा के साथ, कोलकाता में अब इसके चार शोरूम होंगे। अन्य तीन शोरूम कैमक स्ट्रीट, हावड़ा और न्यू मार्केट में मौजूद हैं। यहां महिलाओं और पुरुषों के लिए सोने और हीरे के आभूषणों का एक उत्कृष्ट संग्रह उपलब्ध है, जिसमें हार, कंगन, झुमके, अंगूठियां और बहुत कुछ शामिल हैं। यहां के अधिकारियों का दावा है कि, ग्राहकों को इस नए स्टोर में खरीदारी का काफी अलग हटकर नया अनुभव प्राप्त होगा। इस अवसर पर सीएस डॉ. व अधिवक्ता ममता बिनानी ने कहा, जिस चीज ने मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया वह यह है कि यहां ग्राहकों की व्यक्तिगत पसंद की डिजाइन का भी बड़ा कलेक्शन मौजूद हैं। यहां ज्वेलरी के प्रत्येक पीस को कुशल कारीगर काफी बारीकी से तैयार किए हैं, जिनके पास अद्वितीय और सुरुचिपूर्ण डिजाइन बनाने का बड़ा अनुभव है।

एमसीसीआई में महिलाओं की सामाजिक उद्यमिता पर चर्चा

कोलकाता । मर्चेंट्स चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और एमसीसीआई लेडीज फोरम ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के साथ परिचर्चा आयोजित की । सत्र में “सामाजिक उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने” पर चर्चा की गयी । परिचर्चा में कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया की कौंसुल जनरल रोवन एन्सवर्थ, लेखिका एवं नृत्यांगना आलोकानंदा राय ने भाग लिया ।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि हाल के दिनों में महिलाओं को विभिन्न भूमिकाओं में नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे आते देखा गया है। महिलाओं के बीच सामाजिक उद्यमिता की अवधारणा को प्रोत्साहित करने में आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शर्मा ने कहा कि एनसीडब्ल्यू ने पूरे भारत में आईआईएम के माध्यम से महिलाओं के लिए चार सप्ताह का उद्यमशीलता प्रशिक्षण शुरू किया है। आयोग ने छात्राओं को डिजिटल साक्षरता में शिक्षित करने और उन्हें नौकरी के लिए तैयार करने के लिए कॉलेजों में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया है। कोविड -19 के दौरान, आयोग ने मेटा के सहयोग से, महिलाओं को अपने व्यवसायों के लिए सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के तरीके पर प्रशिक्षित करने के लिए डिजिटल शक्ति कार्यक्रम की शुरुआत की। सुश्री शर्मा ने आगे एनसीडब्ल्यू की कुछ पहलों का उल्लेख किया जिससे कोविड काल के दौरान बहुत से लोगों को मदद मिली।
महिला कैदियों के लिए उपयुक्त वातावरण बनाने के लिए आयोग ने पहले ही बांग्लादेश मानवाधिकार आयोग के साथ समन्वय कर लिया है ताकि वे महिलाएं सामान्य जीवन जी सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार मेंटल होम से ठीक होकर घर वापस आने वाले मरीजों के लिए मिड वे होम बनाए।
कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया की कौंसुल जनरल रोवन एन्सवर्थ ने कहा कि मानवाधिकारों में लैंगिक समानता प्राथमिकता होनी चाहिए। समाज को महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा, लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता पर ध्यान देना चाहिए।
लेखिका एवं नृत्यांगना आलोकानंदा राय ने सुधार गृहों के कैदियों को गीतों और नृत्य के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए अपनी अविश्वसनीय यात्रा साझा की। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा जन्मजात अपराधी नहीं होता है। हर बच्चे के लिए बेहतर माहौल बनाने की जिम्मेदारी समाज की है। सुश्री रॉय ने कहा, “महिला और पुरुष दिवस मनाने के बजाय, हम सभी को अंतर्राष्ट्रीय मानवता दिवस मनाना चाहिए।”
स्वागत भाषण एमसीसीआई के अध्यक्ष नमित बाजोरिया ने दिया । उन्होंने कहा कि सामाजिक उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की प्रक्रिया है और इसमें महिला-नेतृत्व वाले सामाजिक उद्यम का समर्थन करने के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच प्रदान करना शामिल है।
इस सत्र में महिला बांस हस्तशिल्प कलाकार शिखा जानोरिया एवं सामाजिक उद्यमी एवं लड़कियों की शिक्षा पर काम कर रही मीम खातून ने परिवर्तन की कहानी साझा की । समाज के लिए उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कृतिका फेलोशिप से सम्मानित किया गया। क्योर एसएमए इंडिया की सह-निदेशक मोमिता घोष ने भी एसएमए जैसी दुर्लभ बीमारियों से लड़ने वाली माताओं के समूह के बारे में अपनी कहानी साझा की। काउंसिल फॉर एमसीसीआई लेडीज फोरम की चेयरपर्सन नीता बाजोरिया ने धन्यवाद दिया ।

अजय सिंह बने एसोचेम के नये अध्यक्ष. संजय नायर बने उपाध्यक्ष

कोलकाता । स्पाइस जेट के चेयरमैन एवं प्रबन्ध निदेशक अजय सिंह ने एसोसिएटेड चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचेम) के नये अध्यक्ष का पदभार सम्भाल लिया है । उन्होंने सुमन्त सिन्हा की जगह ली है । सोरिन इन्वेस्टमेंट फंड के संस्थापक एवं चेयरमैन संजय नायर एसोचेम के नये वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने हैं और विश्व स्तर पर वित्त बाजार के अन्तरराष्ट्रीय जानकार भी हैं । उन्होंने अपने दायित्व को बड़ा सम्मान बताया । एसोचेम के नये अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण समय है मगर वैश्विक मंदी के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था 6.5 से 7 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है । एसोचेम केन्द्र एवं राज्य सरकारों. अकादमिक विशेषज्ञों एवं अर्थशास्त्रियों के साथ मिलकर काम करेगा। अजय सिंह बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं और इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी हैं ।

द हेरिटेज अकादमी में मनाया गया विश्व रंगमंच दिवस

कोलकाता । द हेरिटेज अकादमी में मीडिया साइंस विभाग द्वारा विश्व रंगमंच दिवस मनाया गया । कार्यक्रम को प्रख्यात फिल्म निर्माता एवं रंगकर्मी अशोक विश्वनाथन ने सम्बोधित किया । उन्होंने एक अच्छे रंगमंच के मूल तत्वों पर चर्चा की और कहा कि वर्तमान समय में रंगकर्म के इन मूल तत्वों को भुलाया जा रहा है । उन्होंने वाणी के उतार – चढ़ाव. संवाद, हाव – भाव, उच्चारण जैसे आवश्यक बिन्दुओं पर भी चर्चा की । इस अवसर पर बीबीए, बीसीए एवं मीडिया साइंस विभाग के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये । कार्यक्रम का संयोजन मीडिया साइंस विभाग के विद्यार्थियों ने विभागाध्यक्ष मधुपा बक्सी के मार्गद्रर्शन में किया ।

चैट जीपीटी और एआई ऐप्स पर सेमिनार

कोलकाता । भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज के सोसाइटी हॉल में 24 मार्च 2023 को चैट जीपीटी और एआई ऐप्स पर एक सेमिनार आयोजित किया गया था। संगोष्ठी की परिकल्पना छात्र मामलों के डीन प्रोदिलीप शाह, जो चाहते थे कि छात्र भविष्य के लिए और अधिक तैयार हों, जो एआई है। चैट जीपीटी, मानव जैसी भाषा को समझने और उत्पन्न करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक ट्रेंडिंग एआई ऐप अब नवंबर 2023 से टेक्स्ट जनरेशन के लिए पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन गया है और पहले 5 दिनों में 1 मिलियन उपयोगकर्ताओं को पार कर गया है। इसकी ट्रेंडिंग व्यवहार्यता के कारण कॉलेज ने एआई ऐप्स के भविष्य के बारे में बात करने के लिए उद्योग के विशेषज्ञों को बुलाया।

प्रथम वक्ता उद्योग में 11 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ एक अत्यधिक अनुभवी और कुशल डेटा वैज्ञानिक, चार्टर्ड एकाउंटेंट और प्रमाणित फोरेंसिक पेशेवर दीपक कुमार सिंह ने चैट जीपीटी के नोट पर सत्र की शुरुआत की। उन्होंने प्रतिभागियों से पूछा कि क्या वे जानते हैं कि एआई को आखिरकार प्रासंगिक बनने में कितने साल लगे, और दर्शकों को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि एआई 1950 के दशक में वापस चला गया। उन्होंने चैट जीपीटी प्लेटफॉर्म के बारे में विस्तार से बताया और एक डेमो प्रस्तुत किया कि सभी चैट जीपीटी वास्तव में क्या कर सकते हैं। चैट जीपीटी सुविधाओं को जोड़ते हुए, दीपक ने कहा कि एआई का भविष्य ऐसा है कि “जो व्यक्ति जीपीटी का उपयोग कर रहा है, उसे जीपीटी का उपयोग करने वाले किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।”

संगोष्ठी के दूसरे वक्ता अनिमेष दास रहे जो एक सीरियल एंटरप्रेन्योर और ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट, जिनके पास आठ से अधिक उद्योगों में ब्रांड और उत्पाद-निर्माण के क्षेत्र में दस से अधिक वर्षों का अनुभव है। अनिमेष ने सत्र की शुरुआत मेम्स और उन्हें बनाने के तरीके के इर्द-गिर्द की, आगे उन्होंने रचनात्मक कार्य को आसान बनाने के लिए बीस से अधिक एआई अनुप्रयोगों को दिखाया। उनके द्वारा चर्चा किए गए अन्य सभी एआई ऐप्स विभिन्न उद्योगों जैसे सामग्री निर्माण, डिजाइनिंग, ध्वनि डिजाइन, एनीमेशन इत्यादि के लिए प्रासंगिक हैं । उन्होंने सत्र का समापन इस आधार पर किया कि कोई भी तकनीकी प्रगति को रोक नहीं सकता है इसलिए व्यक्ति को इंट्राप्रेन्योर बनने पर अधिक ध्यान देना चाहिए न कि उद्यमी बनने पर।

डिजिटल स्पेस में काम करने वाले छात्रों के लिए इसकी प्रासंगिकता के कारण यह सत्र बहुत सफल रहा। छात्र वक्ताओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान कर रहे थे और सवाल उठा रहे थे कि वास्तव में एआई का भविष्य क्या है। कार्यक्रम का समापन डीन कार्यालय से प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी, समन्वयक बीकॉम मॉर्निंग और सुश्री समीक्षा खंडूरी द्वारा वक्ताओं को सम्मानित किए जाने के साथ हुआ।सूचना दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

 

युवा वयस्कों की चुनौतियों को लेकर भवानीपुर कॉलेज में परिचर्चा

भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के युवा वयस्कों की चुनौतियों को संबोधित करने पर पैनल चर्चा गत 28 फरवरी को सोसायटी हॉल में आयोजित की गई । कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाकर छात्र मामलों के डीन प्रो दिलीप शाह ने छात्रों को इस सत्र के महत्व को समझाते हुए कहा कि जिस तरह हम बीमार पड़ने पर डॉक्टर के पास जाते हैं, उसी तरह किसी भी भावनात्मक अशांति को भी बिना किसी वर्जना के सही काउंसलर के पास जाकर अपनी बात बतानी चाहिए।

इसके बाद वक्ताओं को प्रो. शाह ने सम्मानित किया। प्रथम वक्ता श्री जय शंकर गोपालन, आईआईएम कोलकाता के एक गौरवान्वित पूर्व छात्र, जिनके पास उत्कृष्ट संचार, रचनात्मक विपणन रणनीतियां , प्रशिक्षण और निगरानी कौशल आदि का उपयोग करके उच्च व्यापार विकास हासिल करने का बीस से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने यह समझाने के लिए विभिन्न संकेत दिए कि कैसे छात्रों को कॅरियर में फिट होने की कोशिश करने के बजाय ऐसा कॅरियर चुनना चाहिए जो उनके लिए उपयुक्त हो। उन्होंने एक प्रश्नोत्तर सत्र के बाद निष्कर्ष निकाला कि एक सफल करियर के लिए सामग्री जिम्मेदारी और जवाबदेही है।

द्वितीय वक्ता निकिता जालान जो साइकोमेट्रिक असेसमेंट, क्लिनिकल डायग्नोसिस और साइकोथेरेपी में सात साल से अधिक अनुभव के साथ एक वरिष्ठ काउंसलर, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस एंड मेडिका, कोलकाता जैसे विभिन्न संगठनों से जुड़ी हैं । उन्होंने युवा वयस्कों के बीच संबंध निर्माण के मुद्दों पर भी बातचीत की जो अक्सर ध्यान की कमी के कारण तनाव, चिंता और अवसाद का सामना करते हैं। उन्होंने एक-दूसरे को स्पेस देकर रिश्ते में संतुलन कैसे लाया जाए, इसका गहन विश्लेषण भी किया और रिश्तों में सीमाओं और भरोसे के महत्व पर चर्चा की। सुश्री जालान का सत्र दर्शकों के सवालों पर आधारित था, जिसने उन्हें अपनी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं का मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित किया।

तृतीय वक्ता रमेश नारायण जो भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज के पूर्व छात्र रहे बी.कॉम (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की और वर्तमान में पिछले चौंतीस वर्षों से चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं। अपनी पेशेवर आमंत्रण के अलावा, वे प्राणिक हीलर और आर्हेटिक योग प्रैक्टिशनर और योग विद्या प्राणिक हीलिंग फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं। उन्होंने अपनी स्वयं की ऊर्जा के बारे में चर्चा करते हुए प्रारंभ किया और यह भी बताया कि कैसे कोई सदियों पुरानी प्रथाओं के माध्यम से इसका उपयोग कर सकता है। यहां तक ​​कि उन्होंने श्रोताओं को एक अभ्यास में भी शामिल किया जहां उन्होंने व्यक्त किया कि कैसे ऊर्जा हमारे भीतर प्रवाहित होती है। स्वयं की आत्मा को समझने के प्रत्यक्ष अनुभव से छात्र रोमांचित हुए ।

अंत में, छात्रों के पास इस बहुप्रतीक्षित सत्र से एक समग्र जानकारी थी जिसने उन्हें जब भी आवश्यकता हो, चाहे कैंपस में या बाहर, परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। प्रो शाह ने यह भी सूचित किया कि छात्रों को किसी भी परामर्श की आवश्यकता हो सकती है, कॉलेज पूरे विवेक के साथ छात्र के सामने आने वाली किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए ऑन-कैंपस काउंसलर प्रदान करता है। यह आयोजन प्रोफेसर दिलीप शाह के मार्गदर्शन और समीक्षा खंडूरी के साथ काम करने वाले स्वयंसेवकों की मदद से इस कार्यक्रम को संभव बनाने में काफी सफल रहा। रिपोर्ट अक्षत कोठारी ने किया और जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

अर्चना संस्था ने की माँ दुर्गा की आराधना

कोलकाता ।  दुर्गा ए मैया थारा रूप हजार /थार चरणां म शीश नवाऊं म्हारी मात।संगीता चौधरी ने लोकसंगीत में माँ दुर्गा के प्रति भक्ति प्रकट की, मृदुला कोठारी ने मांँ तुम्हारे रूप की छवि दिखलाओ एक बार, पार लगा दो सबकी नैया /स्वर्ण माता पकड़ो बइया गीत सुनाया वहीं हिम्मत चोरड़़िया प्रज्ञा ने कुण्डलिया में माता की महिमा बताई माता तेरे नाम की,महिमा अपरम्पार।/जाप जपे जो प्रेम से, ले सपने आकार।।और गीत माँ शुभंकर, माँ सहारा।माँ हमें ही दे किनारा।।अहमदाबाद से भारती मेहता ने कविता मैं धरती हूँ , माँ हूँ जन्मदात्री हूँ , पालनहारी हूँ…, शशि कंकानी ने मांँ उतरो धरा पर फिर एक बार,नया रूप ले नया अवतार।।, पत्थर को मैं क्यूँ पूजूंँ जब देवी स्वरूपा दिखती मांँ ।।, विद्या भंडारी ने अपनी माँ के साथ बिताए समय पर कविता सुनाई – समय बताती एक घङी थी माँ और दल बादल बिच चमकै जी तारा राजस्थानी लोक गीत शैल भवानी म्हाने लागै जी प्यारा सुनाया।
इंदु चांडक ने आदिशक्ति जगदीश्वरी,सकल जगत आधार।
नमन करूँ तव चरण में,कर लेना स्वीकार।। भजन सुनाकर माँ के प्रति भक्ति प्रकट की। जूम पर हुए इस कार्यक्रम में नौरतनमल भंडारी ने माँ दुर्गा का आवाह्न करते हुए दो गीत सुनाए हे स्वर लहरी/सरगम की देवी/वर दे,मुझे वर दे,वरद और होके सिंह पर /सवार/ करके सोलह श्रंगार आई मैया/सुनकर भक्तों की/पुकार/आई मैया।वसुंधरा मिश्र ने तुम्हारा आना कविता सूर्य की पसरी धूप में तुम्हारा आना चाँदनी सा लगा /मन के झंकृत तारों ने नई रागिनी गाई सुनाई। अर्चना संस्था के सभी सदस्यों ने स्वरचित रचनाएँ और गीत पढे़ ।संस्था सृजनात्मकता और मौलिक रचनाकारों के लिए जानी जाती है। धन्यवाद ज्ञापन दिया विद्या भंडारी ने और कार्यक्रम का संचालन किया मृदुला कोठारी ने ।सूचना दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।

शहादत दिवस पर याद किये गये शहीद – ए – आज़म भगत सिंह

कोलकाता ।  भगतसिंह मैमोरियल कमेटी ने शहीद ए आज़म भगत सिंह को उनके शहादत दिवस गत 23 मार्च पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। हावड़ा के काजीपाड़ा मोड़ पर स्थित भगतसिंह की मूर्ति पर सुबह कमेटी के सदस्यों ने फूल माला चढ़ा कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। संध्या समय विभिन्न स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत कविता गीत सुनाए। युवा छात्र छात्राओं ने शिबपुर ट्राम डिपो हावड़ा से भगतसिंह के लिए ड्रम की धुन बजाते हुए एक रैली भी निकाली जो काजीपाड़ा मोड़ स्थित भगतसिंह की मूर्ति परिसर पर समाप्त हुई। सभी युवा वर्ग ने गॉर्ड अॉफ ओनर से मूर्ति के सामने सलामी दी। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया गया।
विशिष्ट वक्ता भवानीपुर कॉलेज की हिंदी अध्यापिका डॉ वसुंधरा मिश्र ने अपने वक्तव्य में भगतसिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगतसिंह आज भी जिंदा है, आज 93वीं पुण्यतिथि पर भगतसिंह को स्मरण करना हमारे युवा पीढ़ी के लिए और सभी देशवासियों के लिए प्रेरणादायी है। मात्र 23 वर्ष का युवक धर्म, जाति और भाषा से परे अपने देश के लिए एक विचार और एक सोच बन गया है जो देशभक्ति के लिए प्रेरणादायी है।
भगतसिंह मैमोरियल कमेटी के सचिव सौमित्र सेनगुप्ता ने बच्चों द्वारा तैयार की गई भगतसिंह बुलेटिन का लोकार्पण किया और कहा कि इससे बच्चों की सृजनात्मक कार्य में बढ़ोतरी होगी। अनीसूल करीम ने भगतसिंह के फांसी की सजा से संबंधित बातें बताई साथ ही जेल में उनपर हुए अंग्रेजी शासन द्वारा होने वाली अमानवीयता के विषय में बताया। वहीं शिक्षक जसवीर सिंह ने बताया कि जब भगतसिंह 14 वर्ष के थे और जलियांवाला बाग में होनेवाले नरसंहार को देखकर उनमें भारी बदलाव बदलाव आया और देश के प्रति अपने प्राणों तक की परवाह नहीं की।
पूटन माला, माधुरी झा और उनकी टीम ने इस कार्यक्रम का संयोजन किया ।

शब्दयोगी मनोज मुंतशिर शुक्ला की प्रस्तुति “मां, मातृभूमि और मोहब्बत”

हिंदू नववर्ष “विक्रम संवत 2080”  पर किया गया आयोजन

कोलकाता । हिंदू नववर्ष “विक्रम संवत 2080” के शुभ अवसर पर श्री राम सेवा समिति ट्रस्ट, एकल श्रीहरि सत्संग समिति, साल्टलेक सांस्कृतिक संसद और हरियाणा सेवा सदन के संयुक्त तत्वाधान में कोलकाता के साइंस सिटी ऑडिटोरियम में “मां, मातृभूमि और मोहब्बत” कार्यक्रम का आयोजन किया गया । “तेरी मिट्टी में मिल जावा” जैसे गीतों के लोकप्रिय गीतकार, कवि, पटकथा लेखक और सिनेमा जगत की जानी मानी हस्ती शब्दयोगी मनोज मुंतशिर शुक्ला ने अपनी कविताओं और संवादों से दर्शकों में जोश भर दिया ।

उनके सरल छंद श्रोताओं के दिलों को छू गए। उनके साथ लोकप्रिय गायक आशीष कुलकर्णी और इशिता विश्वकर्मा ने अपनी गायकी से दर्शको का मन मोह लिया । ऑडिटोरियम अपनी क्षमता से अधिक भरा था । कार्यक्रम के आयोजक श्री राम सेवा समिति ट्रस्ट, एकल श्रीहरि सत्संग समिति, साल्टलेक सांस्कृतिक संसद और हरियाणा सेवा सदन जैसे गैर-लाभकारी संगठन थे जो पिछले कई वर्षो से समाज सेवा के लिए समर्पित है।इस कार्यक्रम में इन संस्स्थाओं द्वारा समाज के लिए किये जा रहे कार्यो की झलकियो को भी प्रदर्शित किया गया जिससे बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों तक इनके बारे में जागरूकता फैलाने में मदद मिली।

कार्यक्रम में इन सभी संस्थाओं के सदश्यों, दानदाताओं ने उपस्थित होकर सहभागिता की ओर कोलकाता के अधिकांश प्रतिष्ठित उद्योगपति व समाजसेवी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। दीप प्रज्वलनकर्ता – श्री सजन कुमार जी बंसल, कार्यक्रम अध्यक्ष – श्री विश्वनाथ जी सेकसरिया, मुख्य वक्ता – श्री दीनदयाल जी गुप्ता, मुख्य अतिथि – श्री सत्यनारायण जी देवरिया थे। इस आयोजन को बालव्यास आचार्य श्रीकांत जी शर्मा का आशीर्वाद प्राप्त हुआ । विशिष्ट अतिथियों में  प्रह्लाद राय अग्रवाल, रमेश कुमार जी सरावगी, गोविन्द राम जी अग्रवाल, ललित जी बेरीवाल,  प्रदीप जी टोडी, बनवारी लाल जी सोती एवं शामिल थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सजन कुमार बंसल ने कहा “स्वामी विवेकानन्द ने कहा था यदि हमें गौरव से जीने का भाव जगाना है अपने अन्तर्मन में राष्ट्र भक्ति के बीज को पल्लवित करना है तो राष्ट्रीय तिथियों का आश्रय लेना होगा।” विशिष्ट अतिथि रमेश कुमार जी सरावगी ने कहा “यही समय है जब देश के विभिन्न भागों में उत्सव मनाये जाते हैं। नक्षत्र शुभ स्थिति में होते हैं जो कि किसी कार्य को करने का शुभ मुहूर्त होता है।” प्रधान अतिथि सत्य नारायण देवरालिया ने कहा “यह दिन हमारे मन में यह उद्घोष जगाता है कि हम पृथ्वी माता के पुत्र हैं, सूर्य, चन्द्र व नवग्रह हमारे आधार हैं, प्राणी मात्र हमारे परिवारिक सदस्य हैं तभी हमारी संस्कृति का बोध वाक्य ”वासुदेव कुटम्बकम“ का सार्थक्य सिद्ध होता है।”  कार्यक्रम के अध्यक्ष विश्वनाथ सेक्सरिया ने कहा “यह सृष्टि की रचना का प्रथम दिवस है। मान्यता है कि इसी दिन सर्व प्रथम सूर्योदय हुआ था। प्रभु श्री राम ने लंका विजय के बाद राज्याभिषेक के लिए इसी दिन का चयन किया था।” मुख्य वक्ता दीनदयाल गुप्ता ने कहा “हमें गर्व के साथ भारतीय नव वर्ष यानि विक्रम संवत् प्रतिप्रदा को मनाना चाहीये और अपनी नई पीढ़ी को अपनी प्राचीन व अतुलनीय संस्कृति को सम्मान देने हेतु प्रेरित करना चाहिये।”