Saturday, March 21, 2026
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पैसा सहारा में फँसा है तो जानिए वापस लेने की प्रक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गत मंगलवार को दिल्ली में सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल आरम्भ किया। इस पोर्टल का उद्देश्य सहारा समूह से जुड़े करोड़ों जमाकर्ताओं को अपना पैसा वापस लेने में मदद करना है।

क्यों बना पोर्टल, क्या है इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर?

सहकारिता मंत्रालय ने सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक सदस्यों/जमाकर्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 29 मार्च, 2023 को अपने आदेश में सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) को सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं के वैध बकाये के भुगतान के लिए ‘सहारा-सेबी रिफंड खाते’ से 5000 करोड़ रुपये हस्तांतरित करने का निर्देश दिया था।

सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल का उद्देश्य क्या है?

सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल उन जमाकर्ताओं के वास्तविक दावों को संबोधित करने के लिए विकसित किया गया है, जिन्होंने सहारा समूह की सहकारी समितियों में पैसा निवेश किया था, जिसमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं। सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में लगभग 2.5 करोड़ लोगों के कम से कम 30,000 रुपये तक जमा हैं।

सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल लिंक और कार्यक्षमता 

सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल का लिंक सहकारिता मंत्रालय (https://cooperation.gov.in/) की वेबसाइट पर उपलब्ध है। हालांकि, पोर्टल का ऑनलाइन लिंक 18 जुलाई को दोपहर 02.40 बजे तक एक्टिव नहीं हुआ। इसके जल्द ही एक्टिव होने की संभावना है।

रिफंड प्रक्रिया और राशि

शुरुआती चरण में रिफंड पोर्टल जमाकर्ताओं को 5000 करोड़ रुपये तक वितरित करेगा। प्रत्येक जमाकर्ता पहले चरण में अधिकतम 10,000 रुपये प्राप्त कर सकेगा। शुरुआत में परीक्षण के आधार पर निवेशकों को 10,000 रुपये लौटाए जाएंगे, परीक्षण सफल होने पर रिफंड की राशि बढ़ायी जाएगी।

पात्रता और दावा प्रक्रिया

पहले चरण चरण में 1 करोड 7 लाख निवेशक रिफंड पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं और प्रारंभिक चरण के दौरान 10,000 रुपये तक का दावा कर सकते हैं। आगे के चरणों में कुल 4 करोड़ जमाकर्ता 10,000 रुपये तक का दावा करने के पात्र होंगे। दावा करने के लिए, जमाकर्ताओं का आधार उनके मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़ा होना चाहिए। जमा रसीद भी उनके पास होना चाहिए। जमाकर्ताओं को रिफंड की आगे की प्रक्रिया के लिए एक फॉर्म डाउनलोड करने, इसे भरने और पोर्टल पर फिर से अपलोड करने की आवश्यकता होगी।

समयसीमा और तैयारी

अमित शाह ने आश्वासन दिया कि 45 दिनों के भीतर दावेदारों के बैंक खातों में पैसा जमा करवा दिया जाएगा। इस पहल के सफल होने के बाद सहारा समूह की सहकारी समितियों में फंसी बड़ी रकम वाले जमाकर्ताओं के दावों के समाधान के लिए आगे निर्णय लिया जाएगा। कार्यवाही को सुव्यवस्थित और तेज करने के लिए रिफंड की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।

सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल से जुड़े सवालों के जवाब

  • सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल क्या है? 
सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल सहारा समूह की सहकारी समितियों के करोड़ों जमाकर्ताओं के लिए रिफंड प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक मंच है।
  • सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से कितना पैसा वापस किया जाएगा? 
शुरुआती चरण में, रिफंड पोर्टल जमाकर्ताओं को 5000 करोड़ रुपये तक वितरण किया जाएगा। प्रत्येक जमाकर्ता पहले चरण में 10,000 रुपये का दावा कर सकेगा। यह एक परीक्षण पहल का हिस्सा है, और परीक्षण की सफलता के आधार पर धनवापसी राशि बढ़ाई जा सकती है।
  • सहारा रिफंड पोर्टल पर रिफंड क्लेम करने के लिए क्या शर्तें हैं?
सहारा रिफंड पोर्टल पर रिफंड का दावा करने के लिए जमाकर्ताओं को दो शर्तों को पूरा करना होगा। सबसे पहले, उनका आधार उनके मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़ा होना चाहिए। दूसरा, उन्हें रसीद विवरण प्रदान करना होगा और एक फॉर्म भरना होगा, जिसे उन्हें रिफंड की आगे की प्रक्रिया के लिए पोर्टल पर फिर से अपलोड करना होगा।
  • जमाकर्ताओं को अपना रिफंड प्राप्त करने में कितना समय लगेगा?
पोर्टल पर दावा दायर करने की तारीख से 45 दिनों के भीतर दावेदारों के बैंक खातों में पैसा जमा किया जाएगा।
  • सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल का उद्देश्य क्या है?
सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल का उद्देश्य सहारा समूह की सहकारी समितियों के सदस्यों के हितों की रक्षा करना है। यह जमाकर्ताओं के वास्तविक दावों का समाधान करेगा, जिन्होंने सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हुमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में पैसा निवेश किया था। पोर्टल इन जमाकर्ताओं को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उनके वैध बकाया प्राप्त करने में मदद करेगा।
  • जमाकर्ता को कैसे पता चला कि उसका फॉर्म सही ढंग से भरा गया है?
पोर्टल पर दावा सफलतापूर्वक सबमिट होने पर पोर्टल पर एक संख्या जेनरेट होगी और यह मैसेज के माध्यम से भी दावा करने वाले के रजिटर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
  • सहारा में फंसे पैसे पर वित्त मंत्री ने क्या कहा था?
दिसंबर 2022 में लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) में 2.33 करोड़ निवेशकों के पास 19,400.87 करोड़ रुपये जमा थे। साथ ही सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) में 75 लाख निवेशकों के 6380.50 करोड़ रुपये जमा थे।
(साभार – अमर उजाला)

कल ही की है बात

संगीता जायसवाल

कल ही की तो है बात
धुंधले प्रकाश की पाठिका
चल निकली मंजिल पाने
स्वयं बनी खुद की सहायिका।
अनगढ़ रास्ते, बेड़ियां बंधनो की,
समाज की पैनी नजरों की धार।
बुनती थी नई गीतिका के छंद,
साथ ही पाबंदियां करती दरकिनार।
कभी गिरती, कभी टूटती सी, बढ़ती
थामे आत्मविश्वास की दृढ पतवार।
लहरों के थपेड़े, गति रोकते अक्सर
पर हलचल मचाती, चलती लगातार।
अविरल एवम अथाह साहस उसका
भरता हृदय में दिव्य ओज,
बढ़ती रही, चलती रही, गढ़ती रही,
बदलती रही सड़ी गली सोच।

 

अरबी के पत्तों से बनाएं स्वादिष्ट व्यंजन

अरबी के पत्ते की बेसन की सब्जी
सामग्री – अरबी के पत्ते, बेसन, हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, सरसों का तेल, जीरा, तेजपत्ता, धनिया मिर्च पाउडर, खटाई, नमक, प्याज, लहसुन, अदरक, टमाटर, गरम मसाला, धनिया पत्ता, पानी,
विधि – अरबी के पत्तों को धो कर रख लें। अब एक भगोने में बेसन, हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर मिला लें। ऊपर से थोड़ा सा सरसों का तेल, खटाई, नमक और पानी मिलाकर इसका एक लेप तैयार कर लें। अब 4 से 5 पत्तों की जोड़े तैयार करें। इसके लिए 1 पत्ते पर पहले बेसन लगाएं, दूसरे पर फिर लगाएं और फिर तीसरे पर लगाएं। ऐसा करते-करते सारे पत्तों को चिपका लें। अब एक रोल बनाकर इसे धागे से बांध लें और उबलते गर्म पानी में डाल लें। जब वो रोल ऊपर आने लगे तो इसे बाहर निकाल लें। अब इस रोल को गोल गोल काटकर रख लें। फिर सरसों के तेल में इसे तल लें।
अब प्यूरी के लिए प्याज, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और टमाटर को मिक्सर में पीस लें। इसके बाद एक कड़ाही में तेल डाकर हींग, जीरा और तेजपत्ता डाल लें। फिर प्यूरी डालें और ऊपर से गरम मसाला, हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर मिलाएं। थोड़ा नमक डालकर सबको पकने दें। इसमें ऊपर से पानी मिलाएं, एक उबाल लें और फिर इसमें अरबी के पकोड़े डाल लें। थोड़ी देर पकने दें और धनिया पत्ता काटकर मिलाएं।

अरबी के पत्ते की पकौड़ी


सामग्री – अरबी के पत्ते, बेसन, गरम मसाला, हल्दी, धनिया, मिर्च पाउडर, प्याज, काला नमक, नमक, सरसों का तेज
अरबी के पत्ते की पकौड़ी बनाना बेहद आसान है। आपको करना ये है कि पकौड़ी के लिए पहले बेसन का एक घोल तैयार कर लें। इसमें आप गरम मसाला, हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर मिलाएं। ऊपर से 1 प्याज कद्दूकस करके डाल लें और फिर थोड़ा सा काला नमक और नमक मिलाएं। अब अरबी के पत्तों को काटकर रख लें और फिर इस बेसन में मिलाएं। थोड़ा सा अमचूर पाउडर मिलाएं। अब कड़ाही चढ़ाएं, सरसों का तेल डालें और फिर इस पकौड़ी को तल लें। इस प्रकार से आप अरबी के पत्ते की पकौड़ी बनाकर आराम से खा सकते हैं।

भारतीय रेलवे : जनरल डिब्बे के सामने लगेंगे ‘इकोनॉमी मील’ स्टॉल

20 रुपये में खाना, 3 रुपये का पानी

नयी दिल्ली । भारतीय रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है । अब ट्रेन के जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों को खाने-पीने को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है । स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ही जनरल कोच के सामने ‘इकोनॉमी मील्स’ स्टॉल लगाया जाएगा जिन पर बेहद किफायती कीमत पर खाने-पीने की सुविधा मिलेगी ।
बता दें कि जनरल कोच में सफर करने वालों को खाने-पीने के लिए स्टेशन पर भटकना पड़ता है । ऐसे में रेलवे ने जनरल कोच में यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी सौगात देते हुए इकोनॉमी मील की शुरुआत की है । रेलवे बोर्ड की ओर से गत 27 जून, 2023 को जारी पत्र में जीएस कोचों के पास प्लेटफॉर्म पर इकोनॉमी मील परोसे जाने को लेकर निर्देश दिए गए हैं । इन काउंटरों का स्थान जोनल रेलवे द्वारा तय किया जाना है ।
20 रुपये में पूड़ी, सब्जी और अचार
रेलवे की ओर से खानपान के जो मूल्य निर्धारित किए गए हैं, उसमें 20 रुपये में पूड़ी, सब्जी और अचार का पैकेट यात्रियों को मिलेगा । इसमें 7 पूड़ी, 150 ग्राम सब्जी और अचार शामिल होगा ।
रेलवे के इकोनॉमी मील में क्या-क्या मिलेगा?
मील टाइप 1 में 20 रुपये में पूड़ी, सब्जी और अचार रहेगा । मील टाइप 2 में स्नैक्स मील (350 ग्राम) लगेगी जिसकी कीमत 50 रुपये होगी । 50 रुपये के सेनैक्स मील में राजमा-चावल, खिचड़ी, कुल्छे-छोले, छोले-भटूरे, पावभाजी या मसाला डोसा कुछ भी ले सकते हैं । इसके अलावा यात्रियों के लिए 200 मिलीमीटर पैकेज्ड के सीलबंद ग्लास उपलब्ध रहेंगे । जिनकी कीमत 3 रुपये रखी गई है ।
उत्तर पश्चिम रेलवे में इन स्टेशनों पर मिल रही सुविधा
फुलेरा, अजमेर, रेवाड़ी, आबू रोड, नागौर, जयपुर, अलवर, उदयपुर, अजमेर

20 की उम्र में अरबों के मालिक बने विंबल्डन विजेता कार्लोस अल्काराज

नयी दिल्ली । दुनिया के नंबर एक टेनिस प्लेयर कार्लोस अल्काराज ने विंबलडन के फाइनल में दिग्गज नोवाक जोकोविच को हराकर इतिहास रच दिया। अल्काराज ने अपने कॅरियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम जीता। उन्होंने पिछले साल यूएस ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। विंबलडन में चैंपियन बनते ही अल्काराज पर पैसों की बारिश हो गई। 20 साल के अल्काराज को विंबलडन जीतने पर 23 लाख 50 हजार पाउंड की इनामी राशि मिली। यह भारतीय रुपए में करीब 25 करोड़ होता है।
बता दें कि कार्लोस अल्काराज को जितना अकेले में पुरस्कार राशि मिली है उससे कहीं कम आईपीएल 2023 की चैंपियन टीम को मिली है। आईपीएल 2023 की विजेता सीएसके को 20 करोड़ की रकम मिली है जबकि आईपीएल के पूरे टूर्नामेंट के लिए प्राइज मनी का कुल बजट सिर्फ 47 करोड़ था। वहीं विंबलडन में कुल प्राइज मनी 47 लाख पाउंड यानी 465 करोड़ रुपये बांटी गई है।
सिर्फ इतना ही नहीं, फोर्ब्स मैगजीन के रिपोर्ट के मुताबिक अल्काराज की कुल नेटवर्थ 100 करोड़ से भी अधिक है। अल्काराज की कमाई का मुख्य जरिया टेनिस टूर्नामेंट से मिलने वाली पुरस्कार राशि है। इसके अलावा वह कई बड़े और लग्जरी ब्रांड के लिए एंडोर्समेंट भी करते हैं। अल्काराज मशहूर शू ब्रांड नाइकी के साथ जुड़े हुए हैं। इसके अलावा वह रोलेक्स, बीएमडब्ल्यू, केल्विन क्लाइन और लुई विटॉन जैसे लग्जरी ब्रांड के साथ उनका करार है जिससे उन्हें करोड़ों की कमाई होती है। जूनियर टेनिस के दौरान भी वह मशहूर इटालियन शू कंपनी लोटो के साथ जुड़े हुए थे।
विंबलडन जीतने वाले तीसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी
वर्ल्ड टेनिस के ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में पिछले 21 सालों से बिग-4 का राज था। बिग फोर में रोजर फेडरर, राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच और एंडी मरे नाम शामिल है। इन चारों खिलाड़ियों ने और किसी को भी दो दशक में अपनी बादशाहत में सेंध नहीं लगाने दी, लेकिन अब अल्काराज ने यह कर दिखाया है। अल्काराज दुनिया के तीसरे सबसे कम उम्र के टेनिस खिलाड़ी बने हैं जिन्होंने विंबलडन का खिताब अपने नाम किया है।
इस मामले में जर्मनी के पूर्व दिग्गज टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर नाम का आता है जिन्होंने सिर्फ 17 साल की उम्र में 1985 में यह कारनामा किया था। इसके बाद ब्योन बोर्ग हैं और अब अल्काराज का नाम भी लिस्ट में शामिल हो गया है।
कार्लोस के आगे बौखला गए थे जोकोविच
नोवाक जोकोविच को हराना कार्लोस अल्काराज के लिए आसान नहीं था। पांच सेट तक गए इस मैच में अल्काराज ने जोकोविच को 1-6, 7-6, 6-1, 3-6, 6-4 से मैच जीता। आखिरी सेट को काफी रोमांचक हो गया था लेकिन 20 साल के युवा जोश के आगे जोकोविच ने हार मान ली। आखिरी सेट में जोकोविच के पास अल्काराज के सर्विस का कोई जवाब नहीं था। इस कारण वह पूरी तरह से बौखला गए थे और अपने रैकेट को गुस्सा निकालते हुए उसे तोड़ भी दिया था। एक महीने के अंतराल में अल्काराज और जोकोविच दूसरी बार एक दूसरे से भिड़े थे। विंबलडन से पहले दोनों की टक्कर फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में हुई थी, जहां जोकोविच ने चार सेट में मैच को अपने नाम कर लिया था लेकिन विंबलडन में वह अल्काराज से पार नहीं पा सके।

ईशा अंबानी खरीदने जा रही ब्रांड एड-ए-मम्मा , ₹300-350 करोड़ का सौदा

मुम्बई । रिलायंस इंडस्ट्रीज लगातार छोटी-बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण कर रही है। कारोबार विस्तार के लिए रिलायंस लगातार दूसरी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है। इसी क्रम में रिलायंस की रिटेल ब्रांच रिलायंस रिटेल वेंचर्स बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट की कंपनी को खरीदने जा रही है। रिलायंस रिटेल वेंचर्स कंपनी आलिया की चाइल्ड वियर ब्रांड एड-ए-मम्मा को खरीदने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि दोनों कंपनियों के बीच 300-350 करोड़ रुपये का सौदा होगा। रिलायंस अपने तेजी से फैलते कारोबार के तहत यह कदम उठाने जा रही है। देशभर में रिटेल का कारोबार फैल रहा है। इसी के तहत कंपनी आलिया के चाइल्ड वियर ब्रांड का अधिग्रहण करने जा रही है। माना जा ये सौदा 300-350 करोड़ रुपये में हो सकता है। रिलायंस आलिया की कंपनी रड-ए-मम्मा का अधिग्रहण कर अपने किड्स वियर पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस सौदे पर अंतिम मुहर लग जाएगी।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों कंपनियों के बीच इस डील को लेकर अंतिम दौर में है। माना जा रहा है कि इस महीने के अंत दोनों कंपनियों के बीच सौदा हो जायेगा । आपको बता दें कि आलिया भट्ट ने एड-ए-मम्मा की शुरुआत साल 2020 में की थी। इस ब्रांड को शुरू करने को लेकर आलिया ने कहा था कि एक विश्व स्तर पर घरेलू ब्रांड की कमी को देखते हुए इस कंपनी की शुरुआत की गई थी। किफायती दरों पर बच्चों के लिए टिकाऊ कपड़े आपको इस ब्रांड में मिल जाएंगे। आलिया भट्ट की इस कंपनी का वैल्यूएशन 150 करोड़ रुपये आंका गया है।

पिता हैं किसान और मां आंगनबाड़ी सेविका, अरवल के आलोक को 1.75 करोड़ की फेलोशिप

अरवल । कहते हैं अगर मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो कोई भी बाधा आड़े नहीं आ सकती। बिहार के अरवल में एक होनहार ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अरवल के 23 वर्षीय आलोक को 1.75 करोड़ की फेलोशिप मिली है। यही नहीं अब वो अमेरिका से पीएचडी करेंगे। आलोक के पिता किसान हैं और मां आंगनवाड़ी सेविका हैं। गरीब परिवार से आने के बावजूद भी आलोक ने हार नहीं मानी अब वो अमेरिका में पीएचडी करके अपने परिवार ही गांव और सूबे का भी नाम रौशन करेंगे। आलोक का घर अरवल जिले के कुर्था थाना क्षेत्र में है। जिले के मानिकपुर ओपी स्थित बिथरा गांव में उनका परिवार रहता है। अमेरिका में पीएचडी की तैयारी कर रहे आलोक के पिता रणधीर शर्मा खेतीबाड़ी करते हैं। इनकी माता संजू कुमारी आंगनवाड़ी में सेविका के पद पर कार्यरत हैं। बेटे आलोक कुमार को 1.75 करोड़ की फेलोशिप मिलने की खबर से वो बेहद खुश हैं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा अब अमेरिका में पीएचडी करेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ हयूस्टन में करेंगे पीएचडी
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ हयूस्टन में चयनित होकर बिहार के रहने वाले 23 वर्षीय अलोक कुमार ने साबित कर दिया कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। आलोक की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें अपनी पीएचडी की पढ़ाई दौरान लगभग ढाई लाख रुपये महीना छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके साथ प्रेसिडेंशियल फेलोशिप और फ्री ट्यूशन इत्यादि का फायदा भी मिलेगा। आलोक ने कैसे ये मुकाम हासिल किया इस पर उन्होंने बताया कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा जहानाबाद के संत कोलंबस पब्लिक स्कूल में हुई। दसवीं की पढ़ाई शिव मुद्रिका हाई स्कूल संडा और 12वीं की पढ़ाई एसबीएएन कॉलेज दरहेटा लारी से किया। इसके बाद मगध सुपर थर्टी आईआईटी जेईई में पढ़ाई की। एक साल पटना रहकर सेल्फ स्टडी भी किया। हालांकि किसान परिवार में जन्मे आलोक कुमार के सामने आर्थिक तंगी भी मुंह बाएं खड़ी रही।
गरीबी-आर्थिक तंगी पर पीछे मुड़कर नहीं देखा
आलोक कुमार ने बताया कि इन सब बातों की चिंता न करते हुए भी उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने लक्ष्य प्राप्ति की ओर बढ़ते रहे आलोक ने बताया कि 2021-2022 में न्यू जेनरेशन आइडिया कॉन्फिडेंस एचपीसीएल इंडिया आरएंडी रिसर्च सेंटर बेंगलुरु में भी रहकर पढ़ाई की। इसके बाद वहां हमें कई बार सम्मानित भी किया गया। पढ़ाई के दरम्यान ही हमें अमेरिका के ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई के लिए चयनित किया गया ।
माता-पिता को दिया कामयाबी का श्रेय
आलोक ने बताया कि अमेरिका में पीएचडी पढ़ाई के दौरान मेरा शोध का विषय रहेगा कैंसर बीमारी के प्रारंभिक लक्षण का पता लगाना। इसी विषय के तहत मैं अपनी पढ़ाई पूरी कर कैंसर जैसे गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए अहम भूमिका निभाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने कहा कि मेरे सफलता के पीछे मेरे माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिन्होंने खेती किसानी का कार्य करते हुए भी मेरी लक्ष्य प्राप्ति में बाधा नहीं बने। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया।

टमाटर ने बदली किस्मत, पुणे के किसान ने कमाए 3 करोड़ रुपये

2 रुपये किलो कीमत पर 2 महीने पहले नष्ट कर दी थी फसल

पुणे: टमाटर की बढ़ती कीमतों ने जहां आम आदमी की जेब पर बड़ा असर डाला है, वहीं महाराष्ट्र के पुणे के एक किसान के लिए यह बड़े लाभ का सौदा साबित हुआ है। पुणे के इस किसान ने तमाम चुनौतियों से पार पाते हुए पिछले एक माह में टमाटर की फसल बेचकर तीन करोड़ रुपये की कमाई की है।
पुणे जिले की जुन्नार तहसील के पचघर गांव के किसान ईश्वर गायकर (36) को इस साल मई में कम दाम की वजह से बड़ी मात्रा में टमाटर की फसल को फेंकना पड़ा था। इस झटके के बावजूद इस किसान ने अटूट दृढ़ संकल्प दिखाते हुए अपने 12 एकड़ के खेत पर टमाटर की खेती की। अब टमाटर की आसमान छूती कीमतों के बीच गायकर की कड़ी मेहनत ने शानदार नतीजे दिए हैं और वह करोड़पति बन गया है। गायकर का दावा है कि उन्होंने 11 जून से 18 जुलाई के बीच अपनी टमाटर की उपज बेचकर तीन करोड़ रुपये की कमाई की है। गायकर ने कहा, ‘इस अवधि के दौरान उन्होंने जुन्नार तहसील के नारायणगांव में कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) में तीन करोड़ रुपये में टमाटर के 18,000 क्रेट (प्रत्येक क्रेट में 20 किलोग्राम टमाटर) बेचे हैं।’ उनका इरादा टमाटर के 4,000 शेष क्रेट बेचकर करीब 50 लाख रुपये की कमाई करने का है।

12 एकड़ पर उगाए टमाटर

गायकर ने बताया कि उन्होंने टमाटर की खेती और परिवहन पर कुल 40 लाख रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास 18 एकड़ के खेत हैं। इनमें से 12 एकड़ में मैंने टमाटर की खेती की। 11 जून से टमाटर के 18,000 क्रेट बेचकर मैं तीन करोड़ रुपये कमा चुका हूं।’ गायकर ने 11 जून को 770 रुपये प्रति क्रेट (37 से 38 रुपये प्रति किलोग्राम) के भाव पर टमाटर बेचा। 18 जुलाई को उन्हें प्रति क्रेट 2,200 रुपये (110 रुपये प्रति किलोग्राम) का भाव मिला। गायकर ने याद करते हुए कहा कि कैसे दो माह पहले कम भाव की वजह से उन्हें अपनी टमाटर की कटी फसल को फेंकना पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘यह टमाटर उत्पादकों के लिए सबसे अच्छा समय है, लेकिन हमने सबसे खराब समय भी देखा है। मई के महीने में मैंने एक एकड़ जमीन पर टमाटर उगाए, लेकिन कीमतें बहुत कम होने के कारण बड़ी मात्रा में उपज को फेंकना पड़ा। मैंने उपज फेंक दी थी क्योंकि प्रति क्रेट दर सिर्फ 50 रुपये थी, यानी 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम।’ गायकर ने बताया कि 2021 में उन्हें 15 लाख से 16 लाख रुपये का घाटा हुआ था और पिछले साल भी उन्होंने मामूली लाभ ही कमाया था। एक अन्य किसान राजू महाले ने भी चालू सीजन में टमाटर के ढाई हजार क्रेट बेचकर 20 लाख रुपये कमाये हैं। नारायणगांव कृषि उपज मंडी समिति के व्यापारी अक्षय सोलात ने गायकर की उपज खरीदी है। सोलात ने कहा कि इस समय टमाटर बाजार उछाल पर है। उन्होंने टमाटर 2,400 रुपये प्रति क्रेट के भाव पर खरीदा है। उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले 15 साल से इस कारोबार में हूं। लेकिन टमाटर में इस तरह की तेजी पहले कभी देखने को नहीं मिली है।’

भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विक ने बना डाला गिनीज बुक विश्व रिकॉर्ड

भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने सबसे तेज शॉट लगाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उनके शॉट से शटल की 565 किमी/घंटा की हैरान करने वाली गति दर्ज की गई जो कई दिग्गज खिलाड़ियों से आगे थी । आंध्र प्रदेश के अमलापुरम शहर के रहने वाले 22 वर्षीय ने 493 किमी/घंटा का एक दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। मलेशियाई शटलर टैन पर्ली ने 438 किमी/घंटा की गति से शॉट लगाया था, जो रिकॉर्ड था। रंकीरेड्डी ने यह रिकॉर्ड 14 अप्रैल, 2023 को बनाया, जिसे अब मान्यता मिली है। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने जून में जकार्ता में इंडोनेशिया ओपन जीता। वे सुपर 1000 प्रतियोगिता जीतने वाली पहली युगल जोड़ी हैं। स्टार भारतीय शटलर वर्तमान में चल रहे कोरिया ओपन में एक्शन में हैं। उन्होंने राउंड 32 में थाइलैंड के किटिनुपोंग केड्रेन और सुपाक जोमकोह को 21-16, 21-14 से हराकर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया है।
सात्विकसाईराज के पिता रहे हैं राज्य स्तर के खिलाड़ी
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का जन्म 13 अगस्त 2000 को हुआ था। वह आंध्र प्रदेश के अमलापुरम जिले के रहने वाले हैं। वह युगल और मिश्रित युगल में खेलते हैं। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के पिता का नाम काशी विश्वनाथ और मां का नाम रंगमणि है। उनके पिता राज्य स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी और रिटायर फिजिकल टीचर हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई रामचरण रंकीरेड्डी भी उनकी तरह बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
सात्विकसाईराज ने 6 वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया, पिता पहले कोच
सात्विकसाईराज 6 साल की छोटी उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया था। शुरुआत में उनके पिता उनके कोच थे और वह अमलापुरम में ऑफिसर्स क्लब में खेलते थे। 2014 में वह गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में शामिल हुए, जहां उन्होंने पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में खेलना शुरू किया। वह अंडर-13 लेवल पर सब-जूनियर स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप के रूप में करियर का पहला खिताब जीता।
उन्होंने 2014 में अंडर-17 वर्ग में सब-जूनियर नेशनल बैडमिंटन में कृष्णा प्रसाद गारगा के साथ अपना पहला राष्ट्रीय युगल खिताब जीता। 2015 में इस जोड़ी ने एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में अंडर-17 पहला इंटरनेशनल गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उस वर्ष उन्होंने टाटा ओपन इंडिया इंटरनेशनल में मिश्रित युगल साथी कुल्लपल्ली मनीषा के साथ अपना पहला इंटरनेशनल खिताब (सीनियर लेवल का) जीता। इसके बाद तो खिताबों की झड़ी लग गई।
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की उपलब्धियां
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि 2018 में आई जब उन्होंने डबल्स स्पर्धा में चिराग शेट्टी के साथ रजत पदक जीता। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उस वर्ष उन्होंने जकार्ता एशियाई खेलों में चिराग शेट्टी के साथ जोड़ी बनाई, लेकिन दूसरे दौर में दक्षिण कोरिया के चोई सोलग्यू और मिन ह्युक कांग से हार गए। सात्विकसाईराज 2019 में तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने और चिराग शेट्टी ने चीन के ली जुनहुई और लियू युचेन को हराकर थाइलैंड ओपन डबल्स खिताब अपने नाम किया। यह सुपर 500 सीरीज खिताब जीतने वाली पहली भारतीय युगल जोड़ी बनी थी। उस वर्ष वह डबल्स फाइनल में पहुंचे। हालांकि, फ्रेंच ओपन में इंडोनेशिया के मार्कस फेरलैंडी गिदोन और केविन संजय सुकामुल्जो से हार गए। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग ने 2021 तोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ किया था। हालांकि, यह जोड़ी 9वें स्थान पर रही थी।

एचएचटीडीएन के हिमालय पर्यटन मार्ट का उद्घाटन

कोलकाता । हिमालयन हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म डेवलपमेंट नेटवर्क (एचएचटीडीएन) हिमालयन टूरिज्म मार्ट (एचटीएम) का आयोजन करने जा रहा है । द्वारा आयोजित, यह तीन दिवसीय मार्ट पर्यटन उद्योग में व्यवसायों और पेशेवरों को जोड़ने वाले एक गतिशील मंच के रूप में काम करेगा, जो हिमालय की अद्वितीय सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत का पता लगाने के लिए उत्सुक हैं।

दुनिया की सबसे लुभावनी पर्वत श्रृंखला के मध्य में स्थित, हिमालय क्षेत्र अवकाश और साहसिक पर्यटन दोनों के लिए प्रचुर अवसर प्रदान करता है। शांत हिल स्टेशनों से लेकर विस्मयकारी परिदृश्यों तक, प्राचीन नदियों और घाटियों से लेकर विविध राष्ट्रीय उद्यानों और वन्य जीवन तक, हिमालय अपने अद्वितीय आकर्षण और रहस्य से यात्रियों को आकर्षित करता है। हिमालयन टूरिज्म मार्ट की कल्पना इस क्षमता को सामने लाने और इस मनोरम गंतव्य में व्यवसायों को फलने-फूलने के लिए प्रवेश द्वार प्रदान करने के प्राथमिक लक्ष्य के साथ की गई है।

एचएचटीडीएन के मुख्य सलाहकार  सुप्रतिम (राज) बसु ने कहा, “बी2बी प्लेटफॉर्म के रूप में, हिमालयन टूरिज्म मार्ट सहयोग को बढ़ावा देने, साझेदारी बनाने और हिमालयी क्षेत्र में संचालित पर्यटन उद्यमों के विकास को सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित है। चाहे आप एडवेंचर टूर ऑपरेटर हों, होटल व्यवसायी हों, होमस्टे के मालिक हों या परिवहन सेवा प्रदाता हों, हमारा मार्ट आपको इस उल्लेखनीय सेटिंग में फलने-फूलने के लिए सही साझेदारों, संसाधनों और अवसरों से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एचएचटीडीएन के महासचिव सम्राट सान्याल ने कहा, “एचटीएम के उद्घाटन संस्करण में नेटवर्किंग और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए विविध प्रकार की गतिविधियाँ और अवसर शामिल होंगे। उपस्थित लोगों को एक यात्रा व्यापार शो तक पहुंच प्राप्त होगी जहां पूरे हिमालय क्षेत्र के पर्यटन हितधारक अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे, जबकि देश और विदेश के खरीदार हिमालय की सर्वोत्तम पर्यटन पेशकशों का पता लगा सकते हैं और उन तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, मार्ट पर्यटन उद्योग में नवीनतम रुझानों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर मुख्य वक्ताओं, आकर्षक पैनल चर्चाओं और व्यावहारिक कार्यशालाओं की मेजबानी करेगा।

मुख्य कार्यक्रम से पहले, तीन दिवसीय प्री-मार्ट गतिविधि प्रतिनिधियों को क्षेत्र में उपलब्ध पर्यटन के अवसरों और उत्पादों की समृद्ध टेपेस्ट्री का प्रदर्शन करते हुए एक परिचित दौरे की पेशकश करेगी। यह गहन अनुभव प्रतिभागियों को विविध परिदृश्यों, सांस्कृतिक विरासत और अद्वितीय आतिथ्य को प्रत्यक्ष रूप से देखने की अनुमति देगा जो हिमालय को वास्तव में अद्वितीय और मांग वाला गंतव्य बनाते हैं। हिमालयन टूरिज्म मार्ट में भाग लेने से, उपस्थित लोगों को टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंसियों, आवास प्रदाताओं, साहसिक उत्साही और क्षेत्र के विशेषज्ञों सहित उद्योग के पेशेवरों के व्यापक नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त होगी। साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य हिमालय की प्राचीन सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए जिम्मेदार और प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देना है। इंटरैक्टिव सत्रों, कार्यशालाओं और पैनल चर्चाओं के माध्यम से, उपस्थित लोग नवीनतम रुझानों, उभरते बाजारों और सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में सीखते हुए उद्योग में सबसे आगे रहेंगे।
हिमालयन टूरिज्म मार्ट सिर्फ एक बाज़ार से कहीं अधिक है; यह हिमालयी पर्यटन के भविष्य को फिर से परिभाषित करने के लिए समर्पित उत्साही व्यक्तियों और संगठनों का एक समुदाय है।