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छठ पूजा पर चावल से बनाएं बिहार के 2 स्वादिष्ट व्यंजन

स्वाद गली
November 19, 2020

लोक आस्था का पर्व छठ को बिहार सहित झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व पर हर एक दिन प्रसाद में कुछ खास बनने का चलन है। वहीं, छठ के दूसरे दिन को ‘खरना’ कहा जाता है और इस दिन घरों में प्रसाद में रसिया बनाया जाता है। इस खीर को आम की लड़की और मिट्टी के चूल्‍हे पर बनाया जाता है। छठ के दूसरे दिन इस प्रसाद को बनाकर सूर्य देवता को चढ़ाया जाता है। खरना का प्रसाद ‘रसियाव’ बनाने के लिए चावल, दूध और गुड़ का इस्‍तेमाल किया जाता है। चावल और दूध चंद्रमा का प्रतीक है और गुड़ सूर्य का प्रतीक है। तीनों के मिश्रण से बनी खीर को रसियाव कहते हैं। ऐसा माना जाता है कि इसको खाने से स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और मानसिक रोग से भी छुटकारा मिलता है। ऐसी मान्‍यता है कि खरना का प्रसाद खाने वाले को चर्मरोग नहीं होता है। इसे रोटी साथ खाया जाता है। तो आइए जानें इसे बनाने का सही तरीका –

रसियाव

सामग्री :  80 ग्राम चावल,150 ग्राम गुड़, – 1 लीटर फुल क्रीम दूध, 7-10 बादाम,  7-10 काजू,2 टेबल स्पून किशमिश, 5-6 इलायची

 

विधि : गुड़ का खीर या रसियाव बनाने के लिए सबसे पहले गुड़ को बारीक तोड़ लें। सूखे मेवों को बारीक-बारीक टुकड़ों में काट लें। इसके साथ ही चावल को पानी से धोकर साफ करके 2 घंटे के लिए भिगोकर रख दें। अब गैस पर मध्‍यम आंच पर एक बड़ा सा बर्तन चढ़ाए और उसमें दूध डालें और उबालने दें। वैसे तो छठ के लिए बनने वाली खीर को चूल्‍हे पर आम की लकड़ी के आंच पर बनाया जाता है और यही वजह है कि इसका स्‍वाद बिल्‍कुल अलग होता है और इसमें एक सौंधी सी खुसबू आती है। जब दूध में उबाल आ जाए तो इसमें चावल डालें। दूध को चम्मच से चलाएं और खीर में उबाल आने के बाद गैस की आंच को धीमा कर दें। खीर को हर दो मिनट में चलाते रहें, ताकि वो बर्तन के तले पर ना लगें। गैस पर मध्‍यम आंच पर दूसरे एक बर्तन में ½ कप पानी और गुड़ डालें और गर्म होने को रखें। जब गुड़ पानी में पूरी तरह से घुल जाए तो गैस बंद कर दें। जब चावल गल जाएं तो खीर में कटे हुए काजू, किशमिश और बादाम डाल दें। जब दूध में चावल अच्छे से मिल जाए तो उसमें इलायची पाउडर डाल दें। अब खीर के ठंडा होने दें और फिर गुड़ का घोल छलनी से छान कर खीर में मिला दें। छठ की शाम के लिए खीर तैयार है, इसे घी लगी रोटी के साथ परोसा जाता है।

अनरसा

ये मिठाई चावल के आटे से बनाई जाती है,तिल डालने से इसका नटी टेस्ट उभर कर आता है।

सामग्री : 2 कटोरी चावल का आटा, 2 इलायची का पाउडर, 150 ग्राम ग्रटेड गुड़, 3-4 बड़े चम्मच दूध, 1 चम्मच तिल

विधि : चावल को रात भर भिगो कर रखे सुबह इसका पानी निकालकर इसे सूखे कपड़े पर पंखे के नीचे एक घंटे के लिए सुखा दे और मिक्सी में इसका पाउडर बना ले।इस पाउडर में कसा हुआ गुड़ और इलायची पाउडर डालकर मिला लें। अब इस मिश्रण में दूध डालकर नर्म आटा गूथ ले,अगर आटा गीला लगे तो थोड़ा मैदा भी डाल सकते है।इस आटे को घी लगाकर पंद्रह मिनट के लिए ढककर छोड़ दे। अब इसे फिर से मसल लें और इसकी टिक्की का आकार बनाकर इसे सफेद तिल से लपेट लें और गर्म रिफाइंड में बिल्कुल धीमी आंच पर दोनों ओर से सुनहरा होने तक तल लें।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

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