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हावड़ा । हिंदी विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से पर्यावरण और राजनीति विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय कुलपति प्रोफेसर डॉ विजय कुमार भारती, बांग्लादेश के विशिष्ट शोधार्थी डॉ सजल रॉय एवं काजी नजरूल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ देवाशीष नदी के द्वारा दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ ।उद्घाटन संबोधन में कुलपति महोदय ने पर्यावरण पर बढ़ते राजनीतिक हस्तक्षेप की ओर संकेत करते संतुलन और सहयोग को बनाए रखने की बात कही।प्रो. प्रेम बहादुर मांझी ने स्वागत वक्तव्य देते हुए सभी वक्ताओं का हार्दिक स्वागत किया। डॉ सजल रॉय ने अपने वक्तव्य में कहा ढाका और कोलकाता सहित बड़ेऔद्योगिक शहरों में औद्योगीकरण के कारण प्रदूषण का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।साथ ही पर्यावरण संरक्षण की ओर भी इशारा किया जो राजनीतिक सदिच्छा के बिना संभव नहीं है।
डॉ देवाशीष नंदी ने पर्यावरण राजनीति और कूटनीति के संबंधों पर चर्चा करते हुए युद्ध को एक बड़ा कारण माना।साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल वार्मिंग पर चर्चा करने वाले विकसित देश ही सबसे अधिक पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुल सचिव सुकृति घोषाल सहित अध्यापक जे . के. भारती डॉ. अभिजीत सिंह, प्रो. प्रतीक सिंह, प्रो.मंटू दास,डॉ अजीत कुमार दास, प्रो. विश्वजीत हजाम, प्रो.राजा दत्त, प्रो. संगीता बारी, प्रो. पारोमिता दास, प्रो. प्रशस्ति सिंह, उपस्थित थे । इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का कुशल संचालन राजनीति विज्ञान की प्राध्यापिका प्रो. मधुवंती गांगुली और धन्यवाद ज्ञापन डॉ विकास कुमार साव ने दिया

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