Monday, April 27, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]

वेतन के आधार पर समानता नहीं, मानती हैं 33 प्रतिशत महिलाएं

मुंबई । भारत में कार्यस्थलों पर महिलाओं को मिलने वाले वेतन को लेकर तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं है। एक ओर बड़ी संख्या में महिलाएं मानती हैं कि उन्हें पुरुषों के बराबर वेतन मिल रहा है, वहीं एक बड़ा वर्ग अब भी वेतन असमानता की समस्या महसूस करता है। नौकरी डॉट कॉम की रिपोर्ट ‘व्हाट वूमेन प्रोफेशनल्स वांट’ के अनुसार देश के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहीं महिलाओं में से 67 प्रतिशत का मानना है कि उनके कार्यस्थलों पर वेतन समानता मौजूद है, जबकि 33 प्रतिशत महिलाएं मानती हैं कि अब भी वेतन में अंतर बना हुआ है। यह सर्वे देश के 50 से अधिक उद्योगों में काम करने वाली लगभग 50,000 महिलाओं के अनुभवों पर आधारित है।
रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि वेतन असमानता का अनुभव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग स्तर पर महसूस किया जाता है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रियल एस्टेट क्षेत्र की 42 प्रतिशत महिला पेशेवरों ने वेतन अंतर की बात कही। इसके बाद एफएमसीजी क्षेत्र में 38 प्रतिशत और फार्मास्युटिकल तथा लाइफ साइंसेज सेक्टर में भी 38 प्रतिशत महिलाओं ने वेतन समानता न होने की बात कही। ऑटोमोबाइल सेक्टर में 37 प्रतिशत महिलाओं ने वेतन अंतर महसूस किया। इसके अलावा रिटेल तथा होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में 35 प्रतिशत महिला पेशेवरों ने वेतन अंतर की बात कही। आईटी सर्विसेज और कंसल्टिंग सेक्टर तथा टेलीकॉम/आईएसपी में 34 प्रतिशत महिलाओं ने भी इसी तरह का अनुभव साझा किया। मेडिकल सर्विसेज और अस्पतालों के क्षेत्र तथा ऑयल एंड गैस सेक्टर में 33 प्रतिशत महिलाओं ने वेतन असमानता की बात कही। रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले जारी की गई है और इसमें यह भी सामने आया है कि महिलाओं के बीच समान वेतन की पारदर्शिता और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कार्यस्थलों पर ‘इक्वल पे ऑडिट’ और ‘मेंस्ट्रुअल लीव’ की मांग अब तेजी से बढ़ रही है। इस तरह की मांग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत पिछले वर्ष के 19 प्रतिशत से बढ़कर इस वर्ष 27 प्रतिशत हो गया है।
दिलचस्प बात यह है कि यह मांग अधिक आय वर्ग में काम करने वाली महिलाओं में सबसे अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार उच्च आय वर्ग की लगभग 48 प्रतिशत महिलाएं कार्यस्थलों पर समान वेतन ऑडिट और मासिक धर्म अवकाश जैसे प्रावधानों की जरूरत महसूस करती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे महिलाएं संगठन के ऊंचे पदों के करीब पहुंचती हैं, उन्हें वेतन अंतर के संकेत अधिक स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। रिपोर्ट के अनुसार कार्यस्थलों पर विविधता से जुड़ी महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती भर्ती और प्रमोशन में होने वाला पक्षपात है। करीब 42 प्रतिशत महिलाओं ने इसे सबसे बड़ी समस्या बताया। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 7 आधार अंक अधिक है। चेन्नई में 44 प्रतिशत और दिल्ली-एनसीआर में 43 प्रतिशत महिलाओं ने भी इसी तरह की चिंता जताई। हालांकि चुनौतियों के बावजूद नेतृत्व के अवसरों को लेकर महिलाओं में सकारात्मक रुझान भी दिखाई देता है। सर्वे में शामिल 83 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। यह आंकड़ा पहले 66 प्रतिशत था। खासकर दक्षिण भारत के शहरों में यह रुझान अधिक मजबूत दिखाई देता है।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

शुभजिताhttps://www.shubhjita.com/
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।
Latest news
Related news