महानगर में तीन दिवसीय ग्लोबल यूरो ऑन्कोलॉजी कांग्रेस’ सम्पन्न

यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया और यूरो ओन्को सेक्शन का साझा आयोजन
कोलकाता । महानगर में ‘ग्लोबल यूरो ऑन्कोलॉजी कांग्रेस’ का आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम 23 से 25 नवंबर 2023 तक चला । इसमें कैंसर को लेकर जागरूक किया जाएगा। जिसमे कैंसर से बचने के उपाय बताए गए। इस सम्मेलन में रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशाला, यूरो ऑन्कोलॉजी पर राष्ट्रीय सहमति प्राप्त करना, यूरो ऑन्कोलॉजी में हाल की प्रगति की चर्चा और इसमें मिली उपलब्धि जैसे कई पहलुओं पर भी चर्चा की . देश के विभिन्न शहरों के अलावा विदेशों से यूरोलॉजी के दिग्गज इस सम्मेलन में भाग लेंगे, जिससे यह विज्ञान और समाज दोनों के लिए फायदेमंद साबित होनेवाला एक अनूठा आयोजन बन जाएगा। ग्लोबल यूरो ऑन्कोलॉजी कांग्रेस में यूरो ऑन्कोलॉजी से जुड़े उद्योग के कर्णधारों को सम्मानित किया गया। हाल ही में हुई क्रांतियों में से एक रोबोटिक क्रांति, जिसने असंभव कैंसर सर्जरी को संभव बनाने के लिए कई तकनीकी प्रगति की है। इस रोबोटिक टर्नअराउंड के प्रमुख भारत में जन्मे डॉ. मणि मेनन हैं, जिन्हें जीवन भर की उपलब्धि के लिए “द टैगोर मेडल” से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, यूनाइटेड किंगडम के प्रोफेसर प्रोकर दासगुप्ता ने दुनिया में रोबोटिक सर्जरी में उत्कृष्टता हासिल की है, जो कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के छात्र रह चुके हैं। उन्हें पद्मश्री प्राप्त हुआ है और हाल ही में यूनाइटेड किंगडम सरकार द्वारा “ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर” से सम्मानित किया गया है। इस कार्यक्रम में इस महान बंगाली उपलब्धिकर्ता को “द प्राइड ऑफ बंगाल अवार्ड” देकर उनके जीवन के प्रमुख उद्देश्य को सफल बनाया। इसके अतिरिक्त देश भर से यूरोलॉजी क्षेत्र के कई दिग्गजों को यूरोलॉजी और विशेष रूप से भारत में यूरो ऑन्कोलॉजी में उनके योगदान के लिए “उत्कृष्टता पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इस मौके पर ग्लोबल यूरो ऑन्कोलॉजी कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अमित घोष ने कहा, “ग्लोबल यूरो ऑन्कोलॉजी कांग्रेस में किडनी, प्रोस्टेट और ब्लेडर के बारे में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई जानकारियां और नई ज्ञान की बातों को साझा की जाएगी। इससे भी बड़ी बात यह है कि इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन समाज सेवा को लक्ष्य कर किया गया है। हम सभी कैंसर में शामिल जोखिम कारकों के बारे में आम समाज में जागरूकता पैदा करना चाहते हैं, ताकि लोग धूम्रपान, मोटापा, शरीर के लिए हानिकारक आदतें, पारिवारिक इतिहास और ऐसे अन्य कारकों के खिलाफ कदम उठा सकें जो कैंसर को बढ़ावा देते हैं। दुनिया भर में कैंसर की घटना और मृत्यु दर दोनों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। आज दुनिया भर में कैंसर के 20 लाख मरीज हैं और हर साल 9 लाख मौतें होती हैं। 20 लाख में से 14 लाख प्रोस्टेट कैंसर के और लगभग 5 लाख किडनी और ब्लेडर कैंसर के हैं। इसलिए, हम यूरोलॉजिकल कैंसर की 10% घटनाओं की बात कर रहे हैं, जो बहुत महत्वपूर्ण है। किडनी, मूत्राशय और प्रोस्टेट सहित यूरोलॉजिकल सिस्टम का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। कैंसर आज भी मृत्यु का प्रमुख कारण है। यह सम्मेलन यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया और यूरो ओन्को सेक्शन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। डॉ. अमित घोष सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष हैं। वह अपोलो अस्पताल में काफी सीनियर यूरो ऑन्कोलॉजिस्ट हैं। 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ उन्होंने 10,000 से अधिक रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है। ग्लोबल यूरो ऑन्कोलॉजी कार्यशाला के आयोजन की उनकी पहल से कई उभरते सर्जनों को काफी लाभ हुआ है।

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