नयी दिल्ली। मदर्स डे अब सिर्फ भावनाओं का त्योहार नहीं रहा, बल्कि यह भारत और दुनिया भर में तेजी से बढ़ता हुआ बड़ा बिजनेस इवेंट बन चुका है। हर साल इस एक दिन पर ऑनलाइन शॉपिंग, गिफ्टिंग, ज्वेलरी, केक और रेस्टोरेंट बुकिंग पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। मार्केट रिसर्च रिपोर्ट्स के मुताबिक, मदर्स डे के दौरान ई कॉमर्स कंपनियों की बिक्री कई गुना तक बढ़ जाती है। खास बात यह है कि अब लोग सिर्फ ऑफलाइन नहीं बल्कि मोबाइल ऐप और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए मिनटों में गिफ्ट भेज रहे हैं। यही वजह है कि मदर्स डे अब भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन शॉपिंग मौकों में शामिल होता जा रहा है।
नेशनल रिटेल फेडरेशन यानी एनआरएफ और प्रोस्पर इनसाइट्स एंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के दौरान मदर्स डे पर दुनिया भर में कुल खर्च 33।5 बिलियन डॉलर से 35।7 बिलियन डॉलर के बीच रहा। यानी भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम करीब 2।8 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठती है। एनआरएफ के मुताबिक एक व्यक्ति औसतन 254 डॉलर यानी करीब 21 हजार रुपये तक खर्च करता है। नेशनल रिटेल फेडरेशन के अनुसार, 2026 के अनुमानों और सर्वे के अनुसार, मदर्स डे पर उपभोक्ता खर्च रिकॉर्ड 38 अरब डॉलर (लगभग ₹3,100 अरब से अधिक) तक पहुंचने की उम्मीद है। इस खर्च में गिफ्ट, फूल, ज्वेलरी, रेस्टोरेंट डिनर और ऑनलाइन ऑर्डर शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया और डिजिटल पेमेंट्स ने इस मौके को और ज्यादा कमर्शियल बना दिया है।
भारत में भी मदर्स डे का बाजार तेजी से बड़ा हो रहा है। रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत का ओकेजन बेस्ड गिफ्टिंग मार्केट 5 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और इसमें मदर्स डे की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। वहीं भारत की बड़ी गिफ्टिंग कंपनी फर्न्स एन पेटल्स यानी एफएनपी की गिफ्टिंग इंडेक्स रिपोर्ट बताती है कि मदर्स डे के दौरान ऑर्डर वॉल्यूम सामान्य दिनों की तुलना में 300 से 500 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। यानी एक ही दिन में लाखों लोग ऑनलाइन फूल, केक और पर्सनलाइज्ड गिफ्ट खरीदते हैं। खास बात यह है कि छोटे शहरों से भी ऑनलाइन ऑर्डर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे ई कॉमर्स कंपनियों की कमाई में बड़ा उछाल देखने को मिलता है।
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी अब मदर्स डे के बड़े प्लेयर्स बन चुके हैं। Blinkit और Zepto जैसी कंपनियों के सीईओ ने पिछले साल सोशल मीडिया पर बताया था कि मदर्स डे के दौरान हर मिनट सैकड़ों बुके और केक डिलीवर किए गए। Blinkit के आंकड़ों के अनुसार यह डिमांड कई बार वैलेंटाइन डे के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाती है। लोग अब आखिरी समय पर भी मोबाइल ऐप खोलकर कुछ मिनटों में गिफ्ट ऑर्डर कर देते हैं। यही वजह है कि क्विक डिलीवरी कंपनियों की बिक्री अचानक कई गुना तक बढ़ जाती है। खासकर मेट्रो शहरों में रात तक ऑर्डर की भारी भीड़ देखने को मिलती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले वर्षों में यह बाजार और तेजी से बढ़ेगा।
एडोब एनालिटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मदर्स डे से पहले ई कॉमर्स ट्रैफिक में 15 से 20 प्रतिशत तक उछाल देखने को मिलता है। सबसे खास बात यह है कि कुल ऑनलाइन खरीदारी में करीब 55 प्रतिशत हिस्सा मोबाइल कॉमर्स का होता है। यानी लोग लैपटॉप की बजाय सीधे स्मार्टफोन से शॉपिंग करना पसंद कर रहे हैं। वहीं मास्टरकार्ड स्पेंडिंग पल्स रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच सालों में ज्वेलरी पर खर्च में 15 प्रतिशत की सीएजीआर ग्रोथ दर्ज हुई है जबकि रेस्टोरेंट बुकिंग में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है। विज्ञापन कंपनियों ग्रुपएम और डेंट्सू इंडिया के मुताबिक कई ब्रांड अपने पूरे महीने के मार्केटिंग बजट का 20 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ मदर्स डे वाले हफ्ते में खर्च कर देते हैं।




