कोलकाता। बंगवासी मॉर्निंग कॉलेज के हिंदी विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में “प्रेमचंद का कथा साहित्य : सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्य और समकालीन भारत” विषय पर एक सार्थक एवं विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी साहित्य के महान कथाकार प्रेमचंद के साहित्य में निहित सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदना, सामाजिक न्याय तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की समकालीन प्रासंगिकता पर गंभीर विमर्श हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की छात्रा द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार, विशिष्ट वक्ता डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी तथा विभाग के अन्य प्राध्यापकों द्वारा मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीपर्णा तरफदार ने किया। स्वागत वक्तव्य विभाग के प्राध्यापक माननीय पीयूष कांत राय ने दिया । इसके पश्चात विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार ने विषय-प्रवेश करते हुए साहित्य को संवेदना के समन्वय के रूप में व्याख्यायित किया। संगोष्ठी की विशिष्ट एवं मुख्य वक्ता डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी ने प्रेमचंद के कथा-साहित्य के विविध आयामों पर अत्यंत प्रभावशाली एवं विद्वतापूर्ण वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित प्राध्यापकों की सहभागिता ने संगोष्ठी को और अधिक जीवंत बनाया। कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभाग की प्राध्यापिका प्रियंका सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।




