Friday, September 18, 2026
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डॉ. आनंद श्रीवास्तव की कविताएं

 

डॉ. आनंद श्रीवास्तव

ऋषि दुर्वासा का शाप

आक्रोश और आवेश से भरे हुए ऋषि दुर्वासा
अब शापित करना भूल गए क्या ?
या सूख गया कमण्डल का वह जल
जिसे हाथों में लेकर भस्म हो जाने की आज्ञा दी जाती थी ।
क्या सारे लोग अस्तित्व संकट से जूझते – जूझते संन्यास ले चुके?
या धरती का पाप न्यूटन के थर्ड लॉ ऑफ़ मोशन की तरह
प्रत्येक क्रिया के बराबर विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया
करते – करते इतना कुटज बन गया है
जिसे ना उखाड़ा जा सकता है ना काटा जा सकता है ।।

सड़क 

सड़क चाहे जितनी भी लंबी हो ,
इंतज़ार में टिकी नज़रों को खुद पर भरोसा करना आना चाहिए ।
देख सकते हो तो देखो – हर मोड़,हर गली ,हर किनारों को ;
सड़क कभी ख़त्म नहीं होती ,
एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक जाने की कड़ी जोड़ती है।
दुःख, चिंता, आंसू, ग्लानि , शिकायत की न कोई भाषा होती है ,न जाति,न धर्म ।
दूध, ख़ून और आँसुओं का जैसे कोई बंटवारा नहीं होता
वैसे ही सड़क की भी ना कोई जाति, कोई धर्म और कोई भाषा नहीं होती ।

सड़क सबको अपने साथ लेकर चलती है
क्योकि सबकी मंजिल तक पहुंचाना ही
उसके होने की सार्थकता है।
सड़क हमारे लिए भरोसा है , साहस है और शायद उम्मीद भी ।
जब भी थक जाता है मन,
सड़क के इस छोर से उस छोर तक चलना अच्छा लगता है,
सड़क पर मिलते हैं लोग- हर भेदभाव से परे ,
और उन लोगों में मिलती है जिजीविषा,
आस्था और जीवन के प्रति व्याकुलता ।

नज़र ढूंढती है सुकून के दो पल
और सड़क चलती ही रहती है,
जैसे किसी मंजिल की तलाश में चलते हैं हम बेपरवाह ….
जैसे मछली की तलाश में मछुआरे .
जैसे बिना किसी आशियाने के
खुली गगन के नीचे धरती के टुकड़ों पर
छाँव तलाशते हुए बंजारे ।

मत बाँटो हमें,
जीने दो अपनी जिंदगी अपनी मर्ज़ी और ख़ुशी से ।
हमें ना तुमसे शिकायत है और ना ही कोई उम्मीद ;
हमारी सार्थकता सड़क बने रहने में है।

और इंतज़ार में टिकी नज़रों को
ख़ुद पर भरोसा करना भी आ गया है।

…………………..

You are within me

You are far from me,
Yet somehow you are always close ..
I am alive because within me ,
You are the very feeling of being alive ..

The World is painted in a thousand colors
from the earth beneath my feet
to the endless blue of the sky,
from the tender green of the trees
to the magic of the rainbow.
And in every color I see,
there is a little part of you,
Beyond every color,every star ,and every dreams,
You are the closest to me
My own reflection, my soul’s most beautiful echo.

You are distant ,
Yet you live so close to my heart..
You are the sailor’s oar
as it searches for a shore,
in the thunder that tears through the silence,
in the wind ,passoinate rhythm of the rain ,
in the moon that watches over the night ,
and in every star that lights up the sky.

Form this world to whatever lies beyond,
Wherever life may take us,
You are with me .
You are beside me
You are within me .
You are far away,
Yet closer than anyone could ever be ,

And perhaps that is what makes you so special…
You are not merely a part of my life ,
You are the feeling that make my life beautiful…

 

शुभजिता

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