कोलकाता । हिंदी विभाग, उमेशचंद्र कॉलेज, कोलकाता, उमेशचंद्र कॉलेज पुस्तकालय तथा आंतरिक गुणवत्ता मूल्यांकन समिति (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को महाविद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में सुप्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती साहित्यिक गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. मो. तुफ़ज्जल हक ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल अपने समय का दस्तावेज नहीं, बल्कि आज के समाज के लिए भी समान रूप से प्रासंगिक है। प्रेमचंद के साहित्य में आज भी समाज को दिशा देने की शक्ति मौजूद है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ सामाजिक विषमताओं, मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मूल्यों को सशक्त स्वर प्रदान करती हैं तथा नई पीढ़ी की सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराती हैं। मुख्य वक्ता के रूप में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कमल कुमार ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके साहित्यिक अवदान का विश्लेषण किया। उन्होंने प्रेमचंद के साहित्य के संदर्भ में हिंदी और बांग्ला साहित्य के अंतर्संबंधों की चर्चा करते हुए दोनों भाषाओं की साझा सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक परंपरा को रेखांकित किया।
मैनेजमेंट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र साव ने अपने संबोधन में कर्मभूमि उपन्यास के सन्दर्भमें कहा कि प्रेमचंद का साहित्य मानवीय संवेदना, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत दस्तावेज़ है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रेमचंद के साहित्य का गंभीर अध्ययन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर आयोजित ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी निबंध प्रतियोगिता’ में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की संयोजिका और संचालक डॉ. काबेरी कर्मकार ने पुस्तकालय में प्रेमचंद के कृतियों की प्रदर्शनी का लोकार्पण करते हुए प्रेमचंद के योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन श्रीमती झिलम हाजुरा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षा-कर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में मनोज पाठक, सौविक रॉय, अमित कुमार सिंह, रोहन रजक सहित अनेक सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।




