13 फरवरी 2016 को शुभजिता ने एक दशक की यात्रा की और सफलतापूर्वक आज अपने कार्यक्षेत्र को बढा़ रही है, यह बहुत ही सुखद संदेश है। मैं भी संभवतः विगत सात आठ वर्षों से लगातार इसकी गतिविधियों को पढ़ती रही हूँ ।इसकी संपादक और संस्थापक वरिष्ठ पत्रकार सुषमा त्रिपाठी की मेहनत रंग लाई है। हिंदी मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सुषमा जी की दूरदर्शिता ने शुभजिता को उत्तरोत्तर आगे बढाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।हिंदी जगत में विभिन्न पोर्टल, वेबसाइट और पत्रिकाओं की प्रतिस्पर्धा में संघर्षों के बीच महानगर में हिंदी शुभजिता ने एक पहचान बनाई है जो काबिलेतारीफ है ।आज पुस्तक प्रकाशन , विज्ञापन, यूट्यूब और सोशल मीडिया से पूरी तरह से जुड़ी है शुभजिता। ईमानदार और निष्पक्ष होकर सुषमा जी ने एक महिला होते हुए हिंदी पत्रकारिता और मीडिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसी तरह शुभजिता उत्तरोत्तर उन्नति करती रहे। कहते हैं कि ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ‘। सुषमा जी ने इस यात्रा के कठिन दौर में हौसला नहीं छोड़ा और निरंतर अपने लक्ष्य के प्रति जागरूक रहीं। मंगलकामना के साथ बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं
– – डॉ वसुंधरा मिश्र, हिंदी प्राध्यापिका, भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज




