Friday, January 30, 2026
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विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का निधन

मुम्बई । महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ के नाम से मशहूर और प्रभावशाली नेता अजीत अनंतराव पवार का 28 जनवरी, बुधवार को एक दु:खद विमान हादसे में निधन हो गया। मुंबई से बारामती जा रहा उनका चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें अजीत पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। डीजीसीए ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। हादसा बारामती एयरपोर्ट के पास हुआ, जहां विमान रनवे से उतरकर क्रैश हो गया और आग लग गई। अजित अनंतराव पवार, महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली हस्ती थे। वे अपनी प्रशासनिक दक्षता, बेबाक बोलने की शैली और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार देने में अपनी हालिया भूमिका के लिए जाने जाते थे। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर थे—यह उनका छठा गैर-लगातार कार्यकाल था। 2024 में चुनाव आयोग ने उनके गुट को “असली” एनसीपी मान्यता दी थी और पार्टी का नाम और “घड़ी” चिन्ह सौंपा। वे वित्त, योजना जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे थे और राज्य के वित्तीय प्रबंधन में उन्होंने खासी कुशलता दिखाई। अजित पवार बारामती विधानसभा से 1991 से लगातार सात बार विधायक चुने गए, हर चुनाव में भारी अंतर से जीते। उनका आधार सहकारी क्षेत्र में मजबूत था—16 साल तक पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे, चीनी मिलों और दूध संघों पर गहरा प्रभाव। विभिन्न मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में जल संसाधन, बिजली, ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख विभाग संभाले। उनका राजनीतिक सफर साहसिक फैसलों से भरा रहा। नवंबर 2019 में फडणवीस के साथ मात्र 80 घंटे की सरकार बनाई, फिर चाचा शरद पवार के पास लौटे। जुलाई 2023 में एनसीपी में विभाजन कर शिंदे सरकार में शामिल हुए, जिसने शरद पवार के 25 साल के नेतृत्व को चुनौती दी। अजीत पवार सुबह 6.00 बजे ही अपना दिन शुरू करने और मौके पर ही फैसले लेने के लिए जाने जाते थे। उनकी पब्लिक इमेज एक ऐसे नेता की थी जो साफ़-साफ़ बात करते थे – अक्सर नागरिकों को गोलमोल वादे करने के बजाय तुरंत “हां” या “नहीं” बताते थे। हालांकि अजित पवार सालों से राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने में कामयाब रहे, लेकिन उनका करियर विवादों से भी घिरा रहा, जैसे 70,000 करोड़ का सिंचाई घोटाला और महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक मामले, लेकिन उन्होंने आरोपों से इनकार किया और कई क्लीन चिट मिलीं।

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