कोलकाता । द भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज में भारत के संचार विरासत की खोज पुस्तक का लोकार्पण किया गया। यह 11 मार्च 2026 को कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग और कॉलेज की लाइब्रेरी कमेटी के सहयोग से “इंडियन कम्युनिकेशन ट्रेडिशन: सेलेक्ट ग्लीनींग्स” नामक पुस्तक के लोकार्पण का आयोजन किया। इस पुस्तक का संपादन डॉ. कपिल कुमार भट्टाचार्य ने किया है और इसका प्रकाशन ब्लूम्सबरी द्वारा किया गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) के पूर्व निदेशक प्रो. जे. एस. यादव की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई, ताकि संचार अध्ययन के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान और उनके प्रयासों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद उपस्थित थे, जिनमें प्रो. बिप्लब लोहचौधरी, प्रो. कृपा शंकर चौबे और श्री सुबीर घोष शामिल थे। प्रो. लोहचौधरी ने कहा कि यह पुस्तक भारतीय संचार परंपरा पर विशेष रूप से केंद्रित अपनी तरह की पहली कृति है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक इस विषय की गहरी समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।
प्रो. चौबे ने उल्लेख किया कि यह पुस्तक भारत की स्वदेशी संचार परंपराओं का अन्वेषण करती है और इसकी संचार विरासत के बारे में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। वहीं श्री घोष ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय ज्ञान परंपरा के दृष्टिकोण से संचार के अनुशासन को समझने के लिए यह पुस्तक अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस पुस्तक की भूमिका प्रो. विमल दिस्सानायके द्वारा लिखी गई है, जिसमें उन्होंने संचार अध्ययन में पश्चिमी वर्चस्व पर प्रश्न उठाने और गैर-पश्चिमी, विशेषकर भारतीय, बौद्धिक परंपराओं की खोज की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया है। प्रो. दिस्सानायके की भूमिका इस पुस्तक के महत्व को रेखांकित करती है, जो संचार अध्ययन के इस महत्वपूर्ण किंतु अपेक्षाकृत कम अन्वेषित क्षेत्र में गहन शैक्षणिक पड़ताल का प्रयास करती है।जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।




