Sunday, February 22, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]

बेटियों के पिता लंबी उम्र जीते हैं, हर बेटी के पैदा होने पर 74 हफ्ते उम्र बढ़ जाती है

पोलैंड की जेगीलोनियन यूनिवर्सिटी के शोध में किया गया दावा, बेटा होने पर पुरुषों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़त
शोधकर्ताओं ने अध्ययन में 4310 लोंगों का डेटा लिया, इसमें 2147 माताएं और 2163 पिता थे

वारसा : माता-पिता की जिंदगी खुशियों से भर देने के साथ बेटियां पिता की जिंदगी के कुछ और साल भी बढ़ा देती हैं। पोलैंड की जेगीलोनियन यूनिवर्सिटी के अध्ययन में दावा किया है कि बेटियों के पिता उन लोगों के मुकाबले लंबी उम्र जीते हैं, जिनके यहां बेटियां नहीं होती। अध्ययन में पता चला कि बेटा होने का तो पुरुष की सेहत या उम्र पर कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन बेटी होने पर पिता की उम्र 74 हफ्ते बढ़ जाती है। पिता के यहां जितनी ज्यादा लड़कियां होती हैं, वे उतनी लंबी उम्र जीते हैं। यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बच्चों का पिता की सेहत और उम्र पर असर जानने के लिए 4310 लोंगों का डेटा लिया। इसमें 2147 माताएं और 2163 पिता थे। शोधकर्ताओं का दावा है, यह अपनी तरह का पहला ऐसा शोध हैं। इससे पहले बच्चों के पैदा होने पर मां की सेहत और उम्र को लेकर अध्ययन हुए हैं।
बेटा-बेटी का माँ की सेहत पर नकारात्मक असर
यूनिवर्सिटी के एक शोधकर्ता के मुताबिक, बेटियों की बजाय बेटों को प्राथमिकता देने वाले पिता अपनी जिंदगी के कुछ साल खुद ही कम कर लेते हैं। बेटी का पैदा होना पिता के लिए तो अच्छी खबर है, लेकिन मां के लिए नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे पहले हुए अमेरिकन जर्नल ऑफ ह्यूमन बायोलॉजी के एक अध्ययन में कहा गया था कि बेटे और बेटी दोनों का मां की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है जिससे उनकी उम्र कम होती है।
पहले हुए शोध में ऐसे भी दावे
इससे पहले हुए एक अन्य अध्ययन में अविवाहित महिलाओं के शादीशुदा के मुकाबले ज्यादा खुश रहने की बात सामने आई थी। हालांकि एक और शोध में यह बात भी सामने आई थी कि बच्चे होने के बाद मां और बाप दोनों की उम्र बढ़ जाती है। इस अध्ययन में 14 साल तक का डेटा लिया गया था और पता चला था कि बच्चों के साथ रहने वाले कपल्स बिना बच्चों वाले कपल्स के मुकाबले ज्यादा खुश और लंबी उम्र जीते हैं।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

शुभजिताhttps://www.shubhjita.com/
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।
Latest news
Related news