Thursday, February 26, 2026
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]

पिता को खोया, चोट से लड़ी, परिवार का सहारा बनीं,  ब्यूटी डुंगडुंग की प्रेरक कहानी

नयी दिल्ली । महज 22 वर्ष की उम्र में भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड ब्यूटी डुंगडुंग अपने कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी उठाए हुए हैं। इस समय वह बेंगलुरु में भारतीय महिला हॉकी टीम के राष्ट्रीय शिविर में पसीना बहा रही हैं, लेकिन मैदान पर वापसी उनके जीवन की सबसे कठिन लड़ाई रही है।
साल 2023 में घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें लगभग दो वर्षों तक पुनर्वास से गुजरना पड़ा। इस दौरान वह लगातार यह सोचती रहीं कि क्या वह दोबारा भारत के लिए खेल पाएंगी। लेकिन मैदान की शारीरिक पीड़ा से भी बड़ा दुख उन्हें निजी जीवन में झेलना पड़ा—चोट के दौरान ही उनके पिता का निधन हो गया।
ब्यूटी ने हॉकी इंडिया के हवाले से कहा, “चोट के समय ही मेरे पिता का देहांत हो गया। मैं घर और शिविर के बीच लगातार आ-जा रही थी। एक साथ बहुत कुछ हो रहा था। कई बार लगा कि शायद अब वापसी नहीं हो पाएगी।”
झारखंड के एक छोटे से गांव में पली-बढ़ीं ब्यूटी के लिए उनके पिता ही सबसे बड़े प्रेरणास्रोत थे। आर्थिक तंगी के बीच जब वह केवल पांच वर्ष की थीं, तब उनके पिता ने बांस से उनकी पहली हॉकी स्टिक बनाई थी, क्योंकि असली स्टिक खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। बाद में उन्होंने बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए दूसरे राज्यों में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम भी किया।
वह भावुक होकर कहती हैं, “जब पापा थे तो बहुत सहारा था। अब सब कुछ मुझे खुद संभालना है।” ब्यूटी अपने परिवार की मुख्य आधार हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की एक कंपनी में नौकरी के माध्यम से वह पूरे परिवार का खर्च उठाती हैं। अपने भाई के परिवार की मदद करने के साथ-साथ भतीजी और भतीजों की पढ़ाई का खर्च भी वहन करती हैं। उनकी मां आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हैं और स्मृति कमजोर हो चुकी है, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है।
ब्यूटी कहती हैं, “कभी-कभी तनाव हो जाता है। मां चीजें भूल जाती हैं और बार-बार पूछती हैं कि मैं घर कब आऊंगी। जब मैं बाहर रहती हूं तो मन उन्हीं के पास रहता है।” अंतरराष्ट्रीय हॉकी के दबाव और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है, लेकिन ब्यूटी हार मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है, “अगर ज्यादा सोचूंगी तो खुद ही परेशान हो जाऊंगी। इसलिए पूरा ध्यान खेल पर लगाती हूं। अच्छा लगता है कि मैं अपने परिवार की आर्थिक मदद कर पा रही हूं।”
जब भावनात्मक बोझ बढ़ जाता है, तो वह अपनी टीम के साथियों का सहारा लेती हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैच से पहले मन ठीक नहीं होता तो मैं साथियों से खुलकर कहती हूं कि आज मेरा मन भारी है, मुझे प्रेरित करें। टीम हमेशा मेरा साथ देती है,”
लंबे संघर्ष के बाद ब्यूटी ने फिर से लय हासिल करनी शुरू कर दी है। वह एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी और हाल ही में आयोजित हॉकी इंडिया लीग में भी खेल चुकी हैं। अब वह हैदराबाद, तेलंगाना में होने वाले वर्ष 2026 के एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप क्वालीफायर की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय शिविर में कड़ी मेहनत कर रही हैं। अपनी तेज दौड़ और गेंद प्राप्त करने की क्षमता के लिए पहचानी जाने वाली ब्यूटी स्ट्राइकिंग सर्कल में आत्मविश्वास दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।
ब्यूटी डुंगडुंग अब केवल खेल के लिए नहीं खेलतीं। हर बार जब वह हॉकी स्टिक थामती हैं, तो उसमें उनकी मां की देखभाल, परिवार का भविष्य और उस पिता की याद जुड़ी होती है, जिन्होंने बांस से उनकी पहली स्टिक बनाकर उनके सपनों को आकार दिया था।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

शुभजिताhttps://www.shubhjita.com/
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।
Latest news
Related news