कोलकाता । लिटिल थेस्पियन का 15वां राष्ट्रीय नाट्य समारोह ‘जश्न-ए-अज़हर’ कोलकाता के ज्ञान मंच में आयोजित हुआ। लिटिल थेस्पियन के 15वें राष्ट्रीय नाट्य उत्सव ‘जश्न-ए-अज़हर’ के छठवें और अंतिम दिन का समापन ज्ञान मंच के प्रांगण में 29 मार्च 2026 को हुआ। पश्चिम बंग नाट्य अकादमी, सूचना और सांस्कृतिक विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार और अज़हर आलम मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव के छठवें दिन ,विवेचना रंगमंडल, जबलपुर द्वारा सत्यनारायण पटेल के नाटक ‘पर पाज़ेब ना भीगे’ का मंचन किया गया। यह नाटक एक लोक कथा पर आधारित है, जिसमें एक बंजारे की प्रेम कहानी को दर्शाया गया है। कोलकाता के ज्ञान मंच में 24 से 29 मार्च 2026 तक चलने वाले नाट्य उत्सव के प्रथम दिन की शुरुआत उद्घाटन समारोह से हुई जिसमें मुख्य सम्मानित अतिथि के तौर पर उपस्थित थे , विश्वम्भर नेवर ( छपते छपते अखबार के संपादक ), कल्लोल भट्टाचार्य (नाट्य निर्देशक, एबोंग आमरा), डॉ. अजय रॉय (संगीतकार) और जयंत देशमुख (नाट्य निर्देशक, एकरंग,( मुंबई)उपस्थित रहे । प्रथम दिन के दूसरे सत्र में मुरारी रायचौधरी (संगीतकार) को 5वाँ अज़हर आलम स्मृति पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। उन्होंने 500 नाटकों के लिए संगीत तैयार किया, जिसमें लगभग 300 ऐसे गीत शामिल थे जिन्हें उन्होंने खुद लिखा और उनकी धुनें तैयार कीं। उन्होंने नंदिकर, सायक, लिटिल थेस्पियन, अन्य थिएटर, पदातिक जैसे बड़े नाट्य संस्थाओं के लिए मंच प्रस्तुतियों का संगीत तैयार किया है। तीसरे सत्र में नाट्य संस्था एकरंग, मुंबई द्वारा पगला घोड़ा का मंचन जयंत देशमुख के निर्देशन में हुआ।

जश्ने अज़हर के चौथे दिन के पहले सत्र में थिएटर समीक्षक प्रेम कपूर को सम्मानित किया गया। वे एक पत्रकार, कला और थिएटर समीक्षक, और कुशल अनुवादक हैं। 1962 से पत्रकारिता में सक्रिय कपूर ने ‘विचार प्रवाह’ और ‘जनसंसार’ जैसे प्रकाशनों में सहायक संपादक के रूप में कार्य किया है। उनकी थिएटर समीक्षाएँ ‘जनसंसार’, ‘जनसत्ता’, ‘छपते-छपते’, ‘प्रभात वार्ता’, ‘कलयुग वार्ता’ और ‘राजस्थान पत्रिका’ में प्रकाशित हुई हैं। दूसरे सत्र में एस.एम. अजहर आलम का नाटक ‘चाक’ उमा झुनझुनवाला के निर्देशन में लिटिल थेस्पियन समूह द्वारा प्रस्तुत किया गया। पाँचवे दिन (28 मार्च 2026) अज़हर आलम मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा माइम कलाकार सोमा दास को सम्मानित किया गया। सोमा दास ने अपने करियर की शुरुआत 5 साल की उम्र में अपने पिता स्वर्गीय मानिक लाल मजूमदार के मार्गदर्शन में की थी। बाद में उन्होंने पद्मश्री निरंजन गोस्वामी से सीखा। वे ‘सोमा माइम थिएटर’ की संस्थापक/निदेशक हैं और उन्हें ‘उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार, 2016’ से सम्मानित किया गया है। उत्सव के दूसरे सत्र में मृणाल माथुर द्वारा लिखित और अमित रौशन द्वारा निर्देशित नाटक ‘पश्मीना’ का मंचन किया गया। ‘पश्मीना’ एक शहीद सैनिक के माता-पिता की कश्मीर घाटी की मार्मिक यात्रा की कहानी है, जहाँ उनके साथ उनके पड़ोसी, एक कश्मीरी पंडित, डॉ. कौल का दुख भी जुड़ा होता है। इस महोत्सव को पश्चिंमबंग नाट्य अकादमी, सूचना और सांस्कृतिक विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार और अज़हर आलम मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गयी है ।




