कोलकाता । इको-सिस्टम पार्टनर के रूप में हुल्लाडेक ने नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के साथ मिलकर कोलकाता के द ललित ग्रेट ईस्टर्न होटल में आतिथ्य क्षेत्र के लिए “रिस्पॉन्सिबल ई-वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर” नामक एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रमुख होटलों, रेस्टोरेंट और कैफ़े के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने शहरी भारत में व्यवस्थित ई-वेस्ट डिस्पोजल की तत्काल आवश्यकता पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें अहम चर्चा का विषय था कि, आतिथ्य क्षेत्र में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक कचरा उत्पन्न होता है, जिसका अधिकांश भाग अनौपचारिक पुनर्चक्रण श्रृंखला में चला जाता है, इसलिए इस सत्र में औपचारिक पुनर्चक्रण, ई-वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट 2022 के पालन और थोक उपभोक्ताओं के लिए अनुपालन जिम्मेदारियों के महत्व पर जोर दिया गया। यह पहल हुल्लाडेक के संस्थापक स्वर्गीय नंदन मल्ल के सपनों को साकार करती है, जिन्होंने भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में देखने की कल्पना की थी, जहाँ हर नागरिक अपने यहां के इलेक्ट्रॉनिक कचरों का ज़िम्मेदारी से निपटान करना जानते हैं। इस कार्यक्रम में एसईआरसी की प्रोपराइटर शकुंतला चंदा ने कहा, हमारा मानना है कि अगर हमारे आतिथ्य क्षेत्र के अग्रणी लोग आगे बढ़कर इसका नेतृत्व करें, तो हमारा प्यारा शहर कोलकाता यहां के पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार अपशिष्ट निपटान के मामले में भारत में एक आदर्श शहर बन सकता है। इस मौके पर फेसेस के अध्यक्ष इमरान जकी ने कहा, यह पहल सिर्फ़ अपशिष्ट के बारे में नहीं है, बल्कि यह नागरिक चेतना के बारे में है। इस मामले में रेस्टोरेंट और होटल प्रभावशाली प्रभाव डालते हैं। अगर वे औपचारिक ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग को अपनाते हैं, तो नागरिक भी उनका अनुसरण करेंगे। हुल्लाडेक में स्थिरता और वरिष्ठ नेतृत्व दल की सदस्य प्रियाशा सिंघानिया ने मुख्य भाषण दिया, जिन्होंने नीतिगत आवश्यकताओं को सरल बनाया और कुछ व्यावहारिक और कारगर कदम बताए जिन्हें होटल और रेस्टोरेंट तुरंत लागू कर सकते हैं।