Monday, April 20, 2026
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महिन्द्रा इकोल सेन्ट्राल, हैदराबाद ने की बीटेक डिग्री कोर्स (2019-23) में दाखिले की घोषणा 

ऑनलाइन एप्लिकेशन पोर्टल अब लाइव है। महिन्द्रा इकोल सेन्ट्राल (एमईसी) ने चार साल के अपने बी टेक प्रोग्राम में दाखिले की घोषणा की है। यह इसके हैदराबाद कैम्पस के लिए है और शिक्षा सत्र 2019-23 के लिए है। कुल 240 सीटें हैं और हरेक सुविज्ञताओं जैसे कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, मेकैनिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग में 60-60 सीटें हैं।
आईबी या अन्य स्वीकृत बोर्ड से जिन छात्रों के पास सभी विषयों में 60%  एग्रीगेट अंकों के साथ किसी वैधानिक बोर्ड से 10+2 या समतुल्य की डिग्री है, दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। दाखिला या तो जेईई (JEE) मेन 2019 के आधार पर दिया जाएगा (जेईई JEE (मेन) 2019 परीक्षा में योग्य हों या जेईई JEE एडवांस्ड 2019में बैठने के योग्य हों) या एसएटी SAT स्कोर्स (न्यूनतम 1800 उन विषयों में जिनमें गणित, भौतिक शास्त्र  और रसायन शास्त्र शामिल होने चाहिए)।
आवेदन करने के लिए छात्र को www.mahindraecolecentrale.edu.in  के जरिए आवेदन पोर्टल पर लॉग ऑन करना होगा और ऑनलाइन आवेदन पत्र भरना होगा। जो योग्य छात्र 10 मई 2019 के पहले आवेदन करेंगे उन्हें कौनसेलिंग के पहले चरण में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। (आमतौर पर यह मई के अंतिम या जून के पहले हफ्ते में होना निर्धारित होता है।) आवेदन पत्र 7 जुलाई 2019 तक भरे जा सकते हैं। महिन्द्रा इकोल सेन्ट्राल की स्थापना उच्च स्तर के उद्योग और शिक्षाक्षेत्र की सहक्रिया से हुआ है। महिन्द्रा इकोल सेन्ट्राल के डायरेक्टर डॉ. यजुलु मेडुरी कहते हैं, “एमईसी उद्योग के लिए तैयार इंजीनियर बनाने पर ध्यान देता है : ये वो लोग होते हैं जो ना सिर्फ आवशयक कौशल से युक्त होते हैं बल्कि अच्छे प्रबंधक, लीडर और इनोवेटर भी होते हैं।”
एमईसी के पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है जो यह सुनिश्चित करता है यहाँ के विद्यार्थी बहुमुखी हों, उत्कृष्ट इंजीनियरिंग शिक्षा से युक्त हों और उद्योग के लिए तैयार इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर निकलें। डॉ. मेडुरी ने आगे कहा, “हमारा मानना है कि एमईसी में हम ऐसे इंजीनियर तैयार करते हैं जो अंतरराष्ट्रीय चुनौती का सामना कर सकते हैं और लीडर्स, आंत्रप्रेन्योर्स यानी उद्यमी और इनोवेटर्स यानी आविष्कारक बन सकते हैं।”
चार साल की बीटेक डिग्री छात्र को अनूठी योग्यता देगी जिससे वे इंजीनियरिंग की अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना कर सकेंगे और नई टेक्नालॉजी अपना सकेंगे जिससे उन्हें भविष्य को पुनर्पारिभाषित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ऐसे पेशेवर तैयार होंगे जो बहुराष्ट्रीय संगठनों की जटिलताओं से निपटने में उस्ताद होंगे।  एमईसी (महिन्द्रा इकोल सेन्ट्राल) विश्व स्तर की संरचना मुहैया कराता है ताकि छात्रों और फैकल्टी के लिए मजबूत अनुसंधान कार्यक्रम को सपोर्ट किया जा सके।

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