कोलकाता। अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला का 49वां संस्करण आगामी 22 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोपहर चार बजे मेले का औपचारिक उद्घाटन करेंगी। इस वर्ष मेले का ‘फोकल थीम कंट्री’ दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना होगा। पुस्तक प्रेमियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोलकाता मेट्रो रेल ने इस बार विशेष प्रबंध किए हैं। हावड़ा से एस्प्लेनेड होते हुए सीधे मेला प्रांगण (करुणामयी/सेंट्रल पार्क) तक पहुंचना अब और भी सुगम होगा। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, मेले के दौरान यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी। पुस्तक मेले की अवधि में रात दस बजे तक मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। वहीं, रविवार और अन्य छुट्टियों के दिनों में भी विशेष सेवाएं जारी रहेंगी। इसके अलावा, मेले में मेट्रो का विशेष बूथ लगाया जाएगा, जहां यूपीआई के माध्यम से डिजिटल टिकट खरीदे जा सकेंगे। इस वर्ष के पुस्तक मेले में दुनिया के 20 देशों की सहभागिता होगी और एक हजार से अधिक प्रकाशक एवं प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। मेले के कुल नौ प्रवेश द्वारों (तोरण) में से दो तोरण अर्जेंटीना की पारंपरिक वास्तुकला से प्रेरित होकर तैयार किए जा रहे हैं, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
मेला आयोजकों ने इस वर्ष बंगाल की साहित्यिक विभूतियों को सम्मानित करने की विशेष पहल की है—
प्रवेश द्वार : हाल ही में दिवंगत साहित्यकार प्रफुल्ल राय और प्रतुल मुखर्जी के नाम पर दो प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।
साहित्यकार शैलजानंद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर एक द्वार उनके नाम समर्पित होगा। लिटिल मैगजीन पवेलियन, कवि राहुल पुरकायस्थ के नाम पर नामकरण।
बाल साहित्य जगत : प्रसिद्ध कलाकार मयूर चौधरी के जन्मशती वर्ष के अवसर पर चिल्ड्रेन पैविलियन (शिशु मंडप) को उनके नाम पर समर्पित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला केवल पुस्तकों की खरीद-बिक्री का मंच नहीं, बल्कि साहित्य, कला और संस्कृति का जीवंत उत्सव है।





