नयी दिल्ली । बीएसएनएल के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर से खजाना खोल दिया है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए बजट में 28,473 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। वहीं, सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए भी हजारों करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। अपने नौवें बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री ने डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए 73,990 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि हमने टेलीकॉम सेक्टर के बजट को 53,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 73,990 करोड़ रुपये कर दिया है। टेलीकॉम सेक्टर के बजट में 40 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्टर के लिए भारतनेट प्रोजेक्ट के बजट को बढ़ाया गया है।
केंद्रीय टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि बीएसएनएल के नेटवर्क कॉस्ट, नेटवर्क रोलआउट, इंटरनल रिक्वॉरमेंट जैसे प्रोजेक्ट के लिए बजट आवंटित किए गए हैं। सरकारी टेलीकॉम कंपनी का एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर 90 रुपये से बढ़कर 99 रुपये हो गया है। इसमें लगभग 9 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है।
बीएसएनएल ने पिछले साल ही पूरे देश में 4 जी सर्विस रोल आउट की है। इसके लिए टेलीकॉम कंपनी ने लगभग 1 लाख नए 4 जी/5 जी मोबाइल टावर लगाए हैं। सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर अपने नेटवर्क को बेहतर करने के लिए और भी नए मोबाइल टावर लगाने जा रही है। साथ ही, 5 जी सर्विस भी रोल आउट करने वाली है। बजट में बीएसएनएल को 28,473 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिसका इस्तेमाल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्टर, स्पेक्ट्रम कॉस्ट आदि के लिए किया जाएगा। भारत संचार निगम का 4जी/5जी मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर बेस्ड है। बीएसएनएल टावर में लगने वाले इक्वीपमेंट्स को भारतीय कंपनियों ने डिजाइन किया है। इसके अलावा बीएसएनएल के नए मोबाइल टावर 5जी रेडी हैं यानी इनका इस्तेमाल 5G सर्विस के लिए भी किया जा सकता है। पहले आई रिपोर्ट्स की मानें तो बीएसएनएल 5G सर्विस को सबसे पहले दिल्ली और मुंबई में लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए ट्रायल किया जा रहा है।





