-अमित शाह ने रखी अमूल की मेगा डेयरी परियोजना की आधारशिला
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में अमूल की 700 करोड़ रुपये की लागत वाली एकीकृत डेयरी परियोजना की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में इस परियोजना की आधारशिला रखी। यह प्लांट तैयार होने के बाद दुनिया का सबसे बड़ा दही और कल्चर्ड डेयरी उत्पाद संयंत्र होगा।
इस मौके पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तपस रॉय, सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हावड़ा के संकरैल फूड पार्क में बनने वाला यह एकीकृत डेयरी कॉम्प्लेक्स प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता के साथ देश की सबसे बड़ी डेयरी परियोजनाओं में शामिल होगा। इसमें 10 लाख लीटर प्रतिदिन पाउच मिल्क पैकिंग, प्रतिदिन 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र, 2 लाख लीटर प्रतिदिन यूएचटी दूध प्लांट, 1 लाख लीटर प्रतिदिन आइसक्रीम उत्पादन इकाई, प्रतिदिन 20 मीट्रिक टन पनीर, 10 मीट्रिक टन घी, 10 मीट्रिक टन मिठाई उत्पादन इकाई तथा प्रतिदिन 2.5 लाख पैक फ्लेवर्ड मिल्क तैयार करने की सुविधा होगी।
अमूल ने पश्चिम बंगाल में वर्ष 2004 से दूध संग्रहण शुरू किया था। वर्तमान में राज्य के 1.25 लाख से अधिक डेयरी किसान, जिनमें करीब 30 हजार महिला किसान शामिल हैं, अमूल से जुड़े हुए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में 880 डेयरी सहकारी समितियां और 107 बल्क मिल्क कूलिंग सेंटर के माध्यम से दूध संग्रहण किया जा रहा है।
अमूल का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल में दूध संग्रहण को मौजूदा 9 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 20 लाख लीटर प्रतिदिन करना है। इससे राज्य के डेयरी किसानों को बड़ा बाजार और स्थायी आय का अवसर मिलेगा।
अमूल ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को भी मजबूती देगी।




