Sunday, April 6, 2025
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]

श्रीरामनवमी विशेष : देश का एक ऐसा बैंक, जहां राम नाम पर मिलता है ऋण

वाराणसी। शिव नगरी काशी का राम रमापति बैंक बताता है कि राम नाम से बड़ा धन कुछ नहीं है, तभी तो यहां पर लोन लेने के लिए अनगिनत लोग आते हैं और कहते हैं ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो…’। 6 अप्रैल को रामनवमी है, इस अवसर पर आइए जानते हैं विश्वनाथ मंदिर के ठीक पीछे स्थित रामलला के राम बैंक से श्रद्धालु कैसे लोन लेते हैं, इसके क्या-क्या नियम हैं?
मोक्षनगरी स्थित राम बैंक में लाल रंग की पोटलियों में राम नाम भर-भरकर रखा है, जिसका पैसों से कोई लेना-देना नहीं है, यहां चलता है तो बस राम का नाम। जमा होता है पुण्य और लोन के रूप में मिलता है राम का नाम। हालांकि, लोन लेने और उसे चुकाने के भी सख्त नियम हैं। इनकी संख्या अरबों से ऊपर हो गई है। इस बैंक में बाकायदा कर्मचारी भी नियुक्त हैं, जो प्रक्रियाओं को पूरा करते हैं। लोन लेने के लिए फॉर्म भरा जाता है, जिसमें पूरे नियम लिखे गए हैं।

क्या आप राम बैंक की अनूठी अवधारणा से प्रभावित हैं? –राम रमापति बैंक के मैनेजर सुमित मेहरोत्रा ने राम बैंक की स्थापना से जुड़े किस्से को बयां किया। उन्होंने बताया कि राम बैंक की स्थापना हमारे परदादा छन्नू लाल जी ने की थी। वह साधु-संतों के साथ रहते थे और पूजा-पाठ में लगे रहते थे। उनकी मुलाकात हिमालय के एक बाबा से हुई थी और उन्होंने उनसे कहा था कि तुम्हारे हाथों जगत का कल्याण लिखा है। इसे प्रचार की जरूरत नहीं है। भक्त ही इसका प्रचार करेंगे। इस बैंक की स्थापना 90 साल पहले हुई थी। उन्होंने बताया कि राम रमापति बैंक में लोन कैसे मिलता है और इसके कायदे-कानून क्या हैं, इस पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि राम रमापति बैंक से आप राम के नाम का कर्ज लेते हैं, तो कुछ नियमों का सख्ती के साथ पालन करना पड़ता है। यह लोन वास्तव में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों को साधने के लिए लिया जाता है। आपको एक बार में सवा लाख राम नाम का कर्ज दिया जाएगा, जब आपने अपने आपको रामलला के शरणागत मान लिया है और रामलला के आगे आकर आपने अपनी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए राम नाम का अनुष्ठान किया है और यहां के बताए हुए नियमों को मंजूरी दी कि मैं इतने नियमों का पालन करूंगा।

इस पर उन्होंने बताया, लोन लेने से प्रतिदिन सुबह स्वच्छ होकर कम से कम पांच सौ राम नाम लिखना होगा। इसके साथ ही खान-पान के नियम का भी पालन करना होगा। आपको शुद्ध शाकाहारी भोजन करना होगा, जिसमें प्याज, लहसुन भी न हो और मांस, मछली, मदिरा, अंडे वगैरह कुछ भी न हो। उन्होंने आगे बताया कि यदि आप इन नियमों से सहमति जताते हैं, तो आपसे एक प्रार्थना पत्र भरवाया जाता है, जिसमें आपका नाम, पता, उम्र, समेत अन्य विवरण होते हैं। साथ ही एक कॉलम मनोरथ की भी होती है, जिसमें आपको बताना होता है कि आप किस मनोरथ के लिए लोन ले रहे हैं। सुमित मेहरोत्रा ने बताया कि राम नाम लिखने के लिए बैंक की ओर से कागज, कलम, स्याही फ्री में मिलती है। राम बैंक में लोन लेने के लिए केवल बनारस, देश से ही नहीं,बल्कि विदेश से भी लोग यहां आते हैं। श्रद्धा, भक्ति, विश्वास के साथ भगवान से अपनी प्रार्थना करते हैं और वह पूर्ण भी होती है। रामनवमी के अवसर पर राम लला के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में लोग यहां आते हैं और फेरी लेते हैं, पूजा करते हैं। रामलला को मक्खन-मिश्री भोग लगाई जाती है और खिलौना भी चढ़ाया जाता है। रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालु रीता त्रिपाठी हमेशा पहुंचती रहती हैं। उन्होंने बताया कि मेरा पूरा बचपन भगवान के प्रांगण में ही गुजरा है। दरअसल, मेरे पिता जी दामोदर दास ओझा राम रमापति बैंक में मैनेजर और पुजारी थे और वह कार्यभार संभालते थे। भगवान के दर्शन करने और सच्चे मन से मनोकामना मांगने से वह जरूर पूरा होता है। राम बैंक विश्वनाथ मंदिर के ठीक पीछे त्रिपुरा भैरवी गली में स्थित है। यहां वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से सीधे जाया जा सकता है। गोदौलिया से राम बैंक लगभग 300 मीटर दूर है।

(साभार – नवभारत टाइम्स)

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

शुभजिताhttps://www.shubhjita.com/
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।
Latest news
Related news