कोलकाता : स्टैफ़र्डशायर यूनिवर्सिटी की एक छात्रा रोबोटिक तकनीक से स्थानीय व्यवसायियों की मदद कर रही है। कोलकाता की श्रति रोबोटिक आर्म्स की मदद से स्थानीय स्तर पर व्यवसायियों की सहायता कर रही है। श्रुति रोबोटिक्स और स्मार्ट टेक्नोलॉजी में एमएससी की छात्रा है। तीन महीने की इन्टर्नशिप के दौरान उसने स्टैफर्डशायर यूनिवर्सिटी के प्रोटोटाइपिंग एवं प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम सैम्पिड के माध्यम से प्रॉम्टैक लिमिटेड के साथ काम कर रही है।
कोलकाता की रहने वाली श्रुति ने अपनी इस योजना को लेकर कहा कि वह ऐसे क्षेत्र में काम करना चाहती है जहाँ वह रोबोटिक्स की सहायता से स्वचालन यानी ऑटोमेशन के जरिए काम में तेजी ला सके। कम्पनी के साथ काम करना उसके लिए अच्छा अनुभव रहा और वह बहुत कुछ सीख सकी। इस तरह की भूमिका का एक आदर्श उदाहरण थी और यह मुख्य लाभों में से एक था – उस अनुभव को जीने और कंपनी के साथ, शिक्षाविदों और तकनीकी कर्मचारियों के साथ सहयोग करने में सक्षम होना। स्टैफ़र्डशायर विश्वविद्यालय और यूरोपीय क्षेत्रीय विकास कोष 2014-2020 द्वारा वित्त पोषित, सैमपिड प्रोग्राम व्यवसायों को बाजार के उत्पादों या अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग करने वाले घटकों के लिए नए विकसित करने में मदद करता है। प्रॉम्टेक ने रोबोटिक ऑटोमेशन की सम्भावनाओं का उपयोग ग्राहकों के हित में करने के लिए यह साझेदारी की है। प्रॉम्टेक के निदेश चार्ल्स विलियम्स ने कहा कि निजी तौर पर वे हमेशा से रोबोटिक्स के पक्षधर रहे हैं। हालांकि ग्राहक अब तक रोबोट के उपयोग को लेकर सहज नहीं हैं।
ब्रिंडली फोर्ड स्थित कंपनी प्रोमटेक लिमिटेड ने यह पता लगाने के लिए साइन अप किया कि क्या रोबोटिक स्वचालन विनिर्माण उद्योग में ग्राहकों के लिए घटक प्रबंधन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है मगर अवसर हमेशा से रहे हैं।





