खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज में हिंदी शिक्षण कार्यशाला 

कोलकाता। कोलकाता के सुप्रतिष्ठित खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज में छह दिवसीय मूल्य वर्द्धक पाठ्यक्रम (वैल्यू एडेड कोर्स) के अंतर्गत ‘बोलचाल की हिंदी सीखें’ कोर्स कराया जा रहा है। आज से इस कोर्स की शुरूआत आई.क्यू.एस.सी एवं हिंदी विभाग के सयुंक्त तत्त्वावधान में अहिंदी भाषी विद्यार्थियों के लिए की गयी है। इस कोर्स में छह दिन अलग-अलग विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को हिंदी व्याकरण, वर्णमाला, लिंग की समस्या, वाक्य रचना, काव्य लेखन, साक्षात्कार,पत्र लेखन आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी देंगे। एमएसटीसी के पूर्व निदेशक मृत्युंजय श्रीवास्तव, प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय से प्रो. वेद रमन पाण्डेय, स्कॉटिश चर्च कॉलेज से डॉ गीता दुबे, लिटिल थेस्पियन संस्था की निदेशक एवं रंगकर्मी उमा झुनझुनवाला, वागर्थ पत्रिका के सह संपादक एवं नाटककार सुशील कांति के साथ हिंदी विभाग की शिक्षिका डॉ शुभ्रा उपाध्याय, मधु सिंह और राहुल गौड़ क्लास लेंगे। खुदीराम बोस सेंट्रल कॉलेज के अलावा दूसरे कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी इस कोर्स में अपना पंजीकरण कराया है।कार्यशाला के पहले दिन कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुबीर कुमार दत्ता ने कहा कि कोलकाता में इस प्रकार का कोर्स पहली बार कराया जा रहा है। इस कोर्स से विद्यार्थी लाभांवित होंगे।बतौर विषय विशेषज्ञ खिदिरपुर कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ इतु सिंह ने ‘वर्णमाला, उच्चारण, मात्राएँ, शब्द निर्माण ‘ विषय पर अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि हिंदी सीखने के क्रम में इनकी जानकारी बहुत जरूरी है।डॉ शुभ्रा उपाध्याय ने कहा कि किसी भी भाषा को सीखना एक पूरी संस्कृति को सीखना होता है। आई.क्यू.एस.सी की संयोजिका एवं इतिहास विभाग की प्रो. अनामिका नंदी ने कहा कि यह कोर्स सभी विद्यार्थियों के लिए मददगार है क्योंकि यह कोर्स विद्यार्थियों को नौकरी के क्षेत्र में मदद करेगा।सभी प्रतिभागियों को 31 जुलाई को कोर्स प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। आपको बता दें कि इसके पहले अंग्रेजी विभाग की तरफ से लेखन कौशल और कॉलेज लाइब्रेरी की ओर से चैट जीपीटी विषय को लेकर वैल्यू एडेड कोर्स कराया गया था।

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