Friday, April 4, 2025
खबर एवं विज्ञापन हेतु सम्पर्क करें - [email protected]

कोरोना से डरना नहीं, लड़ना है और हराना भी है

चीन के बाद इटली में कहर बरपा रही कोरोना वायरस महामारी, कोविड19 ने भारत में दस्‍तक देने के साथ ही अपनी भयावहता दिखानी शुरू कर दी है। अब तक चार लोगों की मौत जे शेप में फैल रहे खतरनाक कोरोना वायरस से हो चुकी है। जबकि 200 से अधिक लोग देशभर में अभी इससे संक्रिमत बताए गए हैं। ऐसे में पहला चरण पूरा करने के बाद अब कोरोना वायरस अपना मिजाज बदल रहा है। यह सही है कि स्थिति भयावह है मगर यह भी सही है कि इस महामारी से निपटने के लिए हम सजग हो रहे हैं, सचेत हो रहे हैं और इस पर काम भी हो रहा है। आज चलिए इस बारे में ही बात करते हैं –
पहले चरण में कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से आने वाले आगंतुकों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों के जरिये फैला यह वायरस दूसरे चरण में अब धीरे-धीरे स्‍थानीय प्रसार के रास्‍ते ढूंढ रहा है। ऐसे में पब्लिक प्‍लेस में इसके फैलने के खतरे सबसे ज्‍यादा हैं। हालांकि अब तक सीमित दायरे में रहा कोरोना वायरस दूसरे चरण के बाद भयावह रूप अख्तियार कर सकता है। इस फेज में जाने-अनजाने लगातार लोगों का संपर्क बना रहता है, ऐसे में एक भी संक्रमित हजारों लोगों को यह बीमारी ट्रांसमिट कर सकता है। संदिग्‍ध मरीजों की संख्‍या जितनी ज्‍यादा बढ़ेगी, हमारी मुश्किलें उतनी ही बढ़ती रहेंगी। इससे आने वाले समय में स्थिति विकराल हो सकती है।
डॉक्‍टरों के मुताबिक तीसरा चरण और भी खतरनाक हो सकता है। क्‍योंकि इस फेज में कई ऐसे मरीज सामने आ सकते हैं, जिनके बारे में पूरी जानकारी जुटाना खासा मुश्किल है। ऐसे में आइसोलेशन से लेकर क्‍वारंटाइन तक भी मुश्किलें आएंगी। कोरोना वायरस के समाज के निचले स्‍तर तक फैलाव की आशंका बढ़ जाएगी। चौथे चरण में सामुदायिक स्‍तर पर बीमारी का फैलाव होने से कोरोना वायरस बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले लेगा। तब यह सही मायने में महामारी विभीषिका बन जाएगी। इस लिहाज से कोरोना पर दूसरे चरण में ही नियंत्रण पाना बेहद जरूरी और अहम है।

डॉक्‍टर का कहना है कि आइसोलेनशन और क्‍वारंटाइन शब्‍द अधिकतर लोगों के लिए नया है। ऐसे में लोग कोरोना वायरस के नाम से ही घबरा रहे हैं। यहां जानने की जरूरत है कि आइसोलेशन में उन संदिग्‍ध और संक्रमित मरीजों को रखा जाता है, जो इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ जाते हैं। तब उन्‍हें अकेले रखकर उनका इलाज प्रक्रियाबद्ध तरीके से किया जाता है।
क्‍वारंटाइन के बारे में बताएं तो इससे कई लोगों को परेशानी होने की बात कही जाती है। हालांकि सच्‍चाई ऐसा बिल्‍कुल नहीं है। क्‍वारंटाइन में निश्चित समय के लिए संक्रमित मरीज को अलग वार्ड या कमरे में रखा जाता है। ताकि यह बीमारी दूसरे लोगों तक न फैले। इस प्रक्रिया में परिवार वालों को भी संक्रमित मरीज से दूर रखा जाता है।
जितना हो सके एक-दूसरे से दूर रहें। अगले 15 दिन बेहद महत्‍वपूर्ण हैं। इस दौरान अतिरिक्‍त सतर्कता बरतनी है। एहतियात के तौर पर जितना कम हो सके, उतना कम बाहरी संपर्क में रहें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। सरकार द्वारा एहतियात के लिए जो निर्देश दिया जा रहा है, उसका कड़ाई से पालन करें। घर-परिवार को संरक्षति करने के लिए इसके लोकल ट्रांसमिशन से कोसों दूर रहें।
कोरोना वायरस को लेकर चैत्र नवरात्रि पर देश से पीएम नरेंद्र मोदी के नवाग्रह
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार की शाम को राष्ट्र के नाम जनता को संबोधित कर कोरोना वायरस पर खुद के बचाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में भी इतने देश प्रभावित नहीं हुए थे, जितना की कोरोना वायरस से हुए हैं। पूरा विश्व संकट से गुजर रहा है और हमें सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मानना गलत है कि भारत पर कोरोना वायरस का असर नहीं पड़ेगा, ऐसी महामारी में ‘हम स्वस्थ, जगत स्वस्थ मंत्र काम आ सकता है।
चैत नवरात्रि पर पीएम नरेंद्र मोदी का कोरोना वायरस पर देश की जनता से नवाग्रह किया। आइये जानते हैं –

1. प्रत्येक भारतवासी सजग रहे, सतर्क रहें, आनेवाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी न हो अपने घर से बाहर न निकलें। यह मानना गलत है कि भारत पर कोरोना वायरस का असर नहीं पड़ेगा, ऐसी महामारी में ‘हम स्वस्थ, जगत स्वस्थ मंत्र काम आ सकता है। आप सड़कों पर घूमते रहेंगे, बाजारों में जाते रहेंगे और स्थिति से बचे रहेंगे, यह सोच ठीक नहीं है। मुझे आपके कुछ हफ्ते, कुछ समय चाहिए।
2.मेरा एक और आग्रह है कि हमारे परिवार में जो भी बुजुर्ग हों, 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति हों, वे आने वाले कुछ सप्ताह तक घर से बाहर न निकलें, बहुत जरूरी होने पर ही घरों से निकलें। 60 से 65 वर्ष से ऊपर के आयु के व्यक्ति घर के भीतर ही रहें।

3- इस रविवार यानि 22 मार्च की शाम को 5 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करें। 22 मार्च रविवार को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक सभी देशवासियों को जनता कर्फ्यू का पालन करना है, घरों से न निकलें। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग ही निकलें। यह कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत कितना तैयार है, ये देखने और परखने का भी समय है। आपके इन प्रयासों के बीच, जनता-कर्फ्यू के दिन 22 मार्च को मैं आपसे एक और सहयोग चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि 22 मार्च को हम ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करें जो जोखिम उठाकर आवश्यक कामों में लगे हैं, इस महामारी से लड़ने में मदद कर रहे हैं।
4-दूसरों की सेवा कर रहे लोगों का 22 मार्च की शाम को 5 बजे 5 मिनट तक करतल ध्वनि के साथ आभार व्यक्त करें। रविवार को ठीक 5 बजे हम अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर, बालकनी-खिड़कियों के सामने खड़े होकर पांच मिनट तक ताली-थाली बजा कर उन लोगों के प्रति कृतज्ञता जताएं, जो कोरोना से बचाने में हमें लगे हैं। 22 मार्च को हमारा यह प्रयास, हमारा आत्म संयम, देश हित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक मजबूत प्रतीक होगा।
5-रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल जानें से बचें, जो सर्जरी बहुत आवश्यक न हो उसे आगे बढ़वाएं। मोदी ने लोगों से अनुरोध किया कि वे नियमित जांच के लिए अस्पताल जाने से बचें ताकि स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव कम हो।
6-वित्तमंत्री के नेतृत्व में Covid-19 Economic Tast Force से आवश्यक फैसले लेने का आग्रह। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से उत्पन्न हो रही आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री के नेतृत्व में सरकार ने एक कोविड-19 इकनॉमिक रिस्पॉन्स टास्क फोर्स के गठन का फैसला लिया है। यह टास्क फोर्स यह भी सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक मुश्किलों को कम करने के लिए जितने भी कदम उठाए जाएं, उन पर प्रभावी रूप से अमल हो।
7-व्यापारी जगत से, उच्च आय वर्ग से, दूसरों का वेतन न काटने का आग्रह। प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के इस समय में मेरा देश के व्यापारी जगत, उच्च आय वर्ग से भी आग्रह है कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें।
8-जरूरी सामान संग्रह करने की होड़ न लगाएं, पहले की तरह ही सामान्य रूप से इन सामानों की खरीदारी करें। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाएं, जीवन के लिए ज़रूरी ऐसी आवश्यक चीज़ों की कमी ना हो, इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं।
9- पीएम मोदी ने देश की जनता से आशंकाओं और अफवाहों से बचने का आग्रह किया।


कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए जगह
जगह हाथ लगाने या हाथ से मुंह, नाक आदि छूने से बचने की सलाह तो दी ही जा रही थी, अब वित्त मंत्रालय ने लोगों को सुझाव दिया है कि वे बार—बार करेंसी यानी नोट छूने से भी बचें। नोटों के द्वारा भी कोरोना वायरस के फैलने का खतरा है. इसलिए मंत्रालय ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की बात कही है। गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस से बचाव के कुछ उपाय बताए हैं जिनमें हाथ मिलाने से बचने, मुंह या नाक को हाथ से न छूने और बार—बार हाथ धोने जैसे उपायों की बात की गई है। असल में करेंसी या नोट भी कई हाथों से गुजरकर हमारे पास पहुंचते हैं। यही वजह है कि सरकार ने बैंकों से कहा कि वह ग्राहकों को नकद यानी कैश की जगह यूपीआई, एनईएफटी, मोबाइल बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स जैसे डिजिटल पेमेंट्स के लिए प्रेरित करें ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरे को टालने में और मदद मिले।
नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि ग्राहकों को बैंक शाखाओं, एटीएम जैसी जगहों पर बैनर-पोस्टर लगाकर भी जागरूक किया जाना चाहिए. इसके अलावा, सरकार ने बैंक कर्मियों, एजेंटों, ग्राहक सेवा प्रदाताओं को ग्राहकों के लिए सैनिटेशन की सुविधा भी सुनिश्चित करने को कहा ताकि आधार से संचालित पेमेंट सिस्टम के लिए बायोमीट्रिक रीडर और एटीएम जैसे उपकरणों को छूने पर संक्रमण का खतरा नहीं रहे।

यह दृश्य केरल का है

चीन में कोरोना वायरस पर लगाम

कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चीन में अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। वहां के कुछ क्षेत्रों में पिछले सात दिन से कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी केस सामने नहीं आया है। महामारी पर नियंत्रण की प्रमुख वजह है, चीन के लोगों की देश के प्रति सकारात्मक सोच। लोगों ने सरकार के निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन किया। कामगारों ने देश के प्रति अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाई। यह अनुभव साझा किए हैं मध्य प्रदेश के धार जिले में बदनावर के ग्राम खाचरौद के निवासी ऋतिक पाटीदार ने। ऋतिक चीन की नानचिंग यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तीसरे वर्ष के विद्यार्थी हैं। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद वे पिछले माह स्वदेश लौट आए थे। ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे ऋतिक ने बताया कि वे यूनिवर्सिटी में साथ पढ़ने वाले चीन और अन्य देशों के विद्यार्थियों के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि सात दिन में जियांशी क्षेत्र में एक भी संक्रमित सामने नहीं आया है।
1- लोगों ने महामारी से निपटने के लिए सरकार के निर्देशों का गंभीरता से पालन किया। लक्षण दिखाई देने पर वे तत्काल अस्पताल पहुँचे, ताकि संक्रमण नहीं बढ़े। घर में रहने के लिए कहा गया तो घरों से नहीं निकले। ऋतिक का दोस्त डेविड एक माह से घर में ही रह रहा है।
2- यूनिवर्सिटी के शिक्षक अपनी जिम्मेदारी गम्भीरता से निभा रहे हैं। अन्य देशों के विद्याíथयों को वे देश की जवाबदारी मानते हैं। एक प्राध्यापक ने 30 दिन से एक भी अवकाश नहीं लिया है। अपने आठ साल के बेटे को संभालने के साथ वह विद्याíथयों का भी पूरा ध्यान रख रही हैं। काम के प्रति गंभीरता ऐसी कि कई बार ऑफिस में ही सो जाती हैं।
3- चीन के कामगार अपने देश के लिए समर्पण से काम कर रहे हैं। जब कोरोना का प्रभाव ज्यादा था, तब भी उन्होंने जोखिम उठाकर लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया। इसके पीछे सोच यह थी कि विपदा में देश के लिए हम काम नहीं करेंगे तो कौन करेगा। घरों में कैद लोगों तक जरूरी सामान लगातार पहुंचाते रहे।

हमारे देश में भी हो रहा है काम
जैसा कि आप जानते हैं कि शिक्षण संस्थान बंद हो चुके हैं और परीक्षाएँ स्थगित हो चुकी हैं तो इस बीच इस महामारी के खिलाफ लड़ाई भी तेज हो गयी है। हैदराबाद में महिन्द्रा इकोल सेन्ट्रल कॉलेज के विद्यार्थियों ने सीओवाईडी -19 के मामलों का पता लगाने के लिए खास तरह का ट्रैकर इजाद किया है। यह जिलेवार इस तरह के मामलों का पता लगायेगा। यह ट्रैकर आप https://covindia.netlify.com. पर पा सकेंगे। यह वेबसाइट एमईसी के विद्यार्थियों राघव एन एस, अनन्त श्रीकर, ऋषभ रामानाथन, रोहित गिल्ला, अंचित शर्मा और वी मेघना रेड्डी ने महेन्द्र इकोल सेन्ट्रल कॉलेज के शिक्षक डॉ. अचल अग्रवाल. डॉ. भार्गव राजाराम और राज नारायणन के नेतत्व में विकसित की है। यह ट्रैकर सम्भवतः अपनी तरह का पहला ट्रैकर है जो देश भर में यात्रा करने वालों को वायरस संक्रमित इलाकों की जानकारी देगा। इसके साथ ही यह अधिकारियों की संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में सहायता करेगा। आप इसे किसी भी वेब ऐप और किसी भी स्मार्ट फोन पर इन्स्टॉल कर सकेंगे।
इस ट्रैकर के लिए डेटा विश्वसनीय स्त्रोतों यानी स्वास्थ्य मंत्रालय, फार्मास्यूटिकल तकनीक और प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों से एकत्रित किया जायेगा। इसके लिए विद्यार्थियों के लिए प्रतिबद्ध टीम बनायी गयी है जो यह काम करेगी।
इस बीच
ख्याल रखें
कोरोना वायरस बीमारी फैलाने वाला एक बड़ा वायरस परिवार है जो साधारण सर्दी-जुकाम से लेकर मर्स और सार्स जैसे कई गंभीर रोगों की वजह है। यदि आप को खुद में कोई गंभीर लक्षण नजर आ रहे हैं तो घर क बाकी लोगों से खुद को अलग रखना बेहतर होगा। आगे जानिए खुद को अलग रखने पर ध्यान देने वाली खास बातें-
एक ही कमरे में रहें
आपकी आवाजाही केवल एक ही कमरे तक होनी चाहिए। इसमें शौचालय संलग्न हो, जिसका इस्तेमाल कोई दूसरा न करे। बाहरी व्यक्ति वहां पर न आएं। हमेशा सर्जिकल मास्क लगाकर रखें। हर 6 से 8 घंटे में इसे बदल दें। इनका दोबारा इस्तेमाल न करें। संक्रमित मास्क का उचित रूप से निस्तारण करें।
एक ही व्यक्ति से संपर्क करें
अगर घर के किसी अन्य सदस्य का आपके कमरे में आना जरूरी हो तो उससे एक से तीन मीटर तक की दूरी बनाए रखें। घर के एक ही सदस्य को देखभाल और संपर्क के लिए चुनें। जो सदस्य कमरे में आए वह मास्क व सर्जिकल दस्ताने जरूर पहने। वह कोई ऐसी चीज या सतह न छुए, जो आपके संपर्क में आई हो। दस्ताने उतारने के बाद साबुन से अवश्य हाथ धोएं।
परिवार के अन्य सदस्य
बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिला और घर के अंदर अन्य बीमार सदस्यों से जितना हो सके दूर रहें। आपकी इस्तेमाल की गई चीजों और जगहों को वे बिल्कुल न छुएं। घर के हर सदस्य को जितना हो सके बार-बार अपने हाथ साबुन से धोने चाहिए। वे अल्कोहल वाले हैंड सेनिटाइजर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
मास्क और कपड़े का निस्तारण
आपके द्वारा इस्तेमाल चादर और कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों के सीधे संपर्क में नहीं आने चाहिए। डिस्पोजेबल दस्ताने पहनकर आपके बर्तन धोने चाहिए। आपकी प्लेट, ग्लास, कप आदि का इस्तेमाल कोई और न करे। जो मास्क आपने पहना है उसे उतारने के बाद या तो जला दें या जमीन में गहरा दबा दें।
बाहर से खाना मंगवाने पर
घर पर अलग रहने के दौरान यदि आप बाहर से खाना मंगाते हैं तो भुगतान ऑनलाइन करें ताकि नोट या सिक्के या बिल लेने-देने से बचा जा सके। खाना पहुंचाने वाले से कहें वह खाना गेट पर ही रख दे।

शुभजिता

शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।

शुभजिताhttps://www.shubhjita.com/
शुभजिता की कोशिश समस्याओं के साथ ही उत्कृष्ट सकारात्मक व सृजनात्मक खबरों को साभार संग्रहित कर आगे ले जाना है। अब आप भी शुभजिता में लिख सकते हैं, बस नियमों का ध्यान रखें। चयनित खबरें, आलेख व सृजनात्मक सामग्री इस वेबपत्रिका पर प्रकाशित की जाएगी। अगर आप भी कुछ सकारात्मक कर रहे हैं तो कमेन्ट्स बॉक्स में बताएँ या हमें ई मेल करें। इसके साथ ही प्रकाशित आलेखों के आधार पर किसी भी प्रकार की औषधि, नुस्खे उपयोग में लाने से पूर्व अपने चिकित्सक, सौंदर्य विशेषज्ञ या किसी भी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इसके अतिरिक्त खबरों या ऑफर के आधार पर खरीददारी से पूर्व आप खुद पड़ताल अवश्य करें। इसके साथ ही कमेन्ट्स बॉक्स में टिप्पणी करते समय मर्यादित, संतुलित टिप्पणी ही करें।
Latest news
Related news