सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय में मनायी गयी निराला जयंती

 

सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय के तत्वावधान में सूर्यकांत त्रिपाठी’निराला’ जयंती के अवसर पर कोलकाता के महाविद्यालय की छात्र-छात्राओं ने महाकवि निराला की कविताओं की आवृत्ति की । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात गीतकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से विद्यार्थी की प्रतिभा विकसित होती है तथा उनमें संस्कार पैदा होते हैं । उन्होंने जालान परिवार की इस पहल की प्रशंसा की । मुख्य वक्ता बानरहाट कॉलेज के प्राध्यापक अभिजीत सिंह ने निराला के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की विवेचना करते हुए निराला की काव्यशैली एवं उनके जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला । इस प्रतियोगिता में महानगर के लगभग 12 कालेजों के विद्यार्थियों ने निराला जी की कविताओं की आवृत्ति कर उपस्थित श्रोताओं को अभिभूत कर दिया । निर्णायक मण्डल में यूको बैंक के हिंदी अधिकारी अजेन्द्र त्रिवेदी, उमेशचन्द कालेज के वरिष्ठ प्राध्यापक अनिल शुक्ल एवं कवयित्री करुणा पाण्डेय शामिल थी । खिदिरपुर कालेज के शुभोजीत धवल को प्रथम तथा सेठ सूरजमल जालान गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं श्वेता तिवारी तथा मनीषा गुप्ता को क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया । इसके अलावा विभिन्न कालेजों के 7 छात्र – छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार दिया गया ।

कार्यक्रम का शुभारम्भ सेठ सूरजमल जालान बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ । स्वागत भाषण देते हुए डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी ने कहा कि निराला ने उस युग में लिखना शुरू किया जब कई साहित्यकार स्थापित हो चुके थे और आलोचना के उस युग से निकलकर उन्होंने परम्पराओं को तोड़ते हुए अपने लिए एक अलग मुकाम हासिल किया । कार्यक्रम का कुशल संचालन पुस्तकालय की मंत्री दुर्गा व्यास ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष भरत जालान ने किया । वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कृष्णबिहारी मिश्र एवं पुस्तकालय के अध्यक्ष तुलाराम जालान भी मंच पर उपस्थित थे ।इस अवसर पर बड़ी सख्या में महानगर के साहित्यकार एवं पत्रकार तथा शिक्षाविद उपस्थित थे जिनमे अनुराधा जालान, संदीप जालान, दिव्या जालान, महाबीर बजाज, हरेराम जलूका, घनश्याम शोभासरिया, डॉ. गिरिधर राय, अरुण प्रकाश मल्लावत, कवि रावेल पुष्प, सत्यप्रकाश दुबे, डॉ. सूरज प्रसाद गुप्त, कवि अनिल ओझा नीरद, डॉ. अर्चना पाण्डेय. प्रो. कमल कुमार, शिक्षिका इन्दरपाल कौर, डॉ. सत्य प्रकाश तिवारी, ओम प्रकाश अग्रवाल, शकुंतला शर्मा आदि प्रमुख थे । कार्यक्रम को सफल बनाने में पुस्काध्यक्ष श्रीराम तिवारी, श्रीमोहन तिवारी, लक्ष्मी जायसवाल तथा रमाकांत सिन्हा ने महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 

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