कोलकाता । बहु-प्रतिभाशाली लेखक, वकील और आध्यात्मिक विचारक कार्तिकेय वाजपेई ने गत 5 फरवरी को भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज की लाइब्रेरी में अपनी पहली पुस्तक’ द अनबेकमिंग’ पर अपने विचारों को साझा किया । इस कार्यक्रम में अनुभवी फिल्म हस्ती बरुण चंदा द्वारा संचालित यह सत्र छात्रों और संकाय सदस्यों दोनों के लिए एक आकर्षक और समृद्ध अनुभव साबित हुआ। रेक्टर और डीन प्रो दिलीप शाह और प्रातःकालीन कॉमर्स सत्र की वाइस प्रिंसिपल प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने दोनों ही अतिथियों को कॉलेज मोमेंटो और शाॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया ।
कार्यक्रम के आयोजन सहायक कॉलेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री मिराज डी शाह , श्रीमती सोहिला भाटिया और प्रो चंपा श्रीनिवासन रहे । रेक्टर और डीन प्रो दिलीप शाह ने स्वागत भाषण दिया।
बातचीत के दौरान, वाजपेई ने अपनी पुस्तक के केंद्रीय विषय पर विस्तार से बताया, जिसमें आत्म-साक्षात्कार और आत्म-साक्षात्कार के मार्ग के रूप में अनसीखने के महत्व पर जोर दिया गया। उन्होंने कथा के साथ-साथ काम को आकार देने वाले दार्शनिक विचारों में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान की।
सत्र का मुख्य आकर्षण भावातीत ध्यान करने के साथ समाप्त हुआ। लेखक ने सभी विद्यार्थियों शिक्षक शिक्षिकाओं और अतिथियों को ध्यान करवाया। छात्रों ने बहुत ही उत्साह से भाग लिया। विद्यार्थियों ने लेखक और मॉडरेटर दोनों से विचारशील और बौद्धिक रूप से उत्तेजक प्रश्न पूछे गए ।इस कार्यक्रम में साठ से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।डाॅ संपा सिन्हा बासु, डॉ त्रिदिब सेनगुप्ता, डॉ वसुंधरा मिश्र आदि शिक्षकों की उपस्थिति रही।




