कोलकाता । पूर्व दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर भारत जैन महिला मंडल, कोलकाता शाखा के तत्वावधान में फोर्ट विलियम, नेता जी बैरक,कोलकाता में सैनिकों से भेंट एवं सम्मान समारोह का कार्यक्रम रखा गया जो गरिमामय, भावपूर्ण और सफल रहा। देश की सीमाओं की सुरक्षा में समर्पित वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाला यह आयोजन राष्ट्रनिष्ठा, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक संवेदना का संगम बनकर उभरा।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं महिला मंडल की लगभग बीस सदस्याओं ने सैनिकों का अभिनंदन करते हुए उनके साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति सम्मान प्रकट किया। वंदे मातरम् और राष्ट्रगीत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सभी सैनिकों और प्रमुख अधिकारी प्रवीण जी के साथ समारोह में देशभक्ति गीत और कविताएं सुनाईं गई । कार्यक्रम का विशेष आकर्षण डॉ वसुधरा मिश्र द्वारा रचित काव्य-पुस्तक “नव दुर्गा नव रूप” का भेंट-स्वरूप प्रदान किया जाना रहा। दुर्गा के विविध रूपों के माध्यम से नारीशक्ति, आस्था और जीवन-मूल्यों की अभिव्यक्ति करने वाली यह कृति अवसर की सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक अर्थवत्ता प्रदान करती दिखाई दी।यह पूर्व दुर्गा पूजा पर सभी सैनिकों और अधिकारी को काव्य संग्रह भेंट किया गया साथ में केसरिया रंग का दुपट्टा और मिठाई के डिब्बे दिए गए।
आयोजन की अध्यक्षता चंदा गोलछा ने की। संस्था की संस्थापक अंजू सेठिया ने स्वागत भाषण दिया।साथ सरोज भंसाली, अंजु सेठिया, नेहा रामपुरिया, सुषमा छाजेड, अनु जैन बोहरा, तारिका जैन, सुनीता कुण्डलिया, विनिता डागा, प्रांजल डागा, मनन सिघी, सुमन सिगी, रोमा दास, जतन श्यामसुखा, गुलाब बैगाणी, मंजु पारख, सुधा मालु तथा जय श्री भूतोडीया सहित मंडल के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।
समारोह का वातावरण केवल औपचारिक सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सैनिकों और समाज के बीच भावनात्मक सेतु को सुदृढ़ करने वाला अनुभव बना। उपस्थित जनों ने माना कि राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
उल्लेखनीय रहा कि पूरे कार्यक्रम में सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की त्रयी निरंतर केंद्र में रही। सैनिकों के प्रति सम्मान की यह अभिव्यक्ति नई पीढ़ी को यह संदेश भी देती है कि स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के पीछे असंख्य त्यागों की दीर्घ परंपरा निहित है, जिसे स्मरण रखना आवश्यक है।
समापन अवसर पर आयोजन की सफलता के लिए सभी सहयोगियों और सहभागी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समग्र रूप से यह समारोह पूर्व दुर्गा पूजा की आध्यात्मिक चेतना को राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ते हुए एक प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय सामाजिक-सांस्कृतिक पहल के रूप में स्मरणीय रहा।




